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उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के भाई ने कहा- जलाने के लिए कुछ भी बचा नहीं, शव गांव में दफनाएंगे

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 7, 2019, 12:24 PM IST
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के भाई ने कहा- जलाने के लिए कुछ भी बचा नहीं, शव गांव में दफनाएंगे
पीड़िता ने भाई से कहे थे तीन शब्द (प्रतीकात्मक फोटो)

उन्नाव रेप पीड़िता आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई. शुक्रवार रात 11: 40 पर सफदरजंग अस्पताल में उसका निधन हो गया.

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उन्नाव. जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) पीड़िता के भाई ने अपनी बहन को लेकर दिल को झकझोर देने वाली बात कही. पीड़िता के भाई ने अपनी बहन के लिए न्याय की मांग करते हुए शनिवार को कहा कि आरोपियों का भी वही हश्र होना चाहिए जो 'उसकी बहन ने झेला.' उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'उसने मुझसे मिन्नत की कि भाई मुझे बचा लो.' उन्होंने कहा, 'मैंने उससे कहा था कि तुम्हें बचा लिया जाएगा, चिंता मत करो. मैं बहुत दुखी हूं कि मैं उसे बचा नहीं सका.'

वहीं अंतिम संस्कार को लेकर उन्होंने कहा कि अब उसमें जलाने लायक कुछ भी बचा नहीं है, हम शव को बिहार में अपने गांव ले जाएंगे और वहीं दफनाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अपराधी एनकाउंटर में मारे जाते हैं या फांसी पर लटकाए जाते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्हें जिंदा नहीं रहना चाहिए, यही हम चाहते हैं.

बता दें कि पीड़ित युवती आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई और शुक्रवार रात 11 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया.

वैसी ही सजा मिलनी चाहिए

वहीं, बेटी की मौत से आहत बेबस पिता ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जैसे हैदराबाद पुलिस ने एनकाउंटर में रेप के आरोपियों को दौड़ा कर गोली मारी थी. मेरी बेटी के दरिंदों को भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने सरकार से उन्हें एनकाउंटर या फांसी की सजा देने की मांग की. पीड़ित पिता ने कहा कि मुझे धन का लालच नहीं है. मेरी सिर्फ एक ही मांग है कि मेरी बेटी को मौत के बाद इंसाफ मिले. जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह 10 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़ित युवती का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. जिसके बाद परिजन उसका शव लेकर उन्नाव आएंगे.

'मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत'
बता दें कि 90 प्रतिशत से भी ज्यादा जल चुकी यूपी की इस 'निर्भया' ने आखिरी वक्त तक भी हार नहीं मानी थी. गुरुवार देर शाम लखनऊ से एयर लिफ्ट कर दिल्ली लाई गई पीड़िता रात नौ बजे तक होश में थी. अस्पताल में जब तक वो होश में रही, कहती रही- मैं बच तो जाऊंगी, मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत. फिर वो बेहोश हो गई, डॉक्टरों ने उसे होश में लाने की पूरी कोशिश की, उसे वेंटिलेटर पर रखा लेकिन वो बच न सकी. न्याय की जंग लड़ते-लड़ते एक और निर्भया जिंदगी की जंग हार गई.

 

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First published: December 7, 2019, 9:47 AM IST
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