उन्नाव रेप कांड के मुख्य गवाह की मौत: पत्नी बोली-बीमार थे, राहुल ने बताया साजिश

दरअसल, मामले में सीबीआई के मुख्य गवाह यूनुस खान की 18 अगस्त को मौत हो गई. जिसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई. परिवार वालों ने शव को दफन भी कर दिया.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 24, 2018, 11:34 AM IST
उन्नाव रेप कांड के मुख्य गवाह की मौत: पत्नी बोली-बीमार थे, राहुल ने बताया साजिश
बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की फाइल फोटो
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Updated: August 24, 2018, 11:34 AM IST
उन्नाव गैंगरेप कांड में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सीबीआई के मुख्य गवाह यूनुस खान की मौत पर पीड़िता के चाचा ने सवाल खड़े किए हैं. उधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए इसे साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि गवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और बिना पोस्टमार्टम के दफ़न करना एक साजिश लगती है. जबकि यूनुस की मौत पर पत्नी शबीना खातून ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पति की मौत बीमारी से हुई है.

दरअसल, मामले में सीबीआई के मुख्य गवाह यूनुस खान की 18 अगस्त को मौत हो गई. जिसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई. परिवार वालों ने शव को दफन भी कर दिया. लेकिन गैंगरेप पीड़िता के चाचा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मौत को संदिग्ध बताया और शव की पोस्टमार्टम की बात कही. जिसके बाद मामला मीडिया में आने के बाद राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए. इसके बाद गुरुवार को यूनुस की पत्नी शबीना ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पति की मौत लीवर की खराबी से हुई है. वह कई सालों से बीमार चल रहे थे. शबीना ने पीड़िता के चाचा पर आठ लाख रुपए का प्रलोभन देकर पोस्टमार्टम कराने के लिए प्रार्थना पत्र देने का भी आरोप लगाया. जिसे उसने इनकार कर दिया. फिलहाल एसपी ने मामले की जांच सौंप दी है.

क्या है मामला?

उन्नाव के माखी इलाके में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने बांगरमऊ के बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है. पीड़िता के मुताबिक जून 2017 में नौकरी के नाम पर ग्राम प्रधान की पत्नी उसे विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के आवास पर ले गई थीं, जहां विधायक ने उसके साथ रेप किया.

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि न्याय के लिए वह उन्नाव पुलिस के हर अधिकारी के पास गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. पीड़िता के मुताबिक आरोपी विधायक उस पर पुलिस में शिकायत नहीं करने का दबाव बनाता रहा. पीड़िता ने आरोप लगाया कि 3 अप्रैल को दबाव बनाने के लिए उसके पिता से विधायक के भाई अतुल और मनोज ने मारपीट की.

बताया जाता है विरोध करने पर पीड़िता के मृत पिता के खिलाफ एक फर्ज़ी मुकदमा लिख दिया गया. पुलिस की निष्क्रियता और विधायक की दबंगई के त्रस्त होकर नाबालिग लखनऊ पहुंची और सीएम आवास के बाहर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया.

इस बीच पीड़िता के पिता कि 9 अप्रैल को जेल में ही मौत हो गई. जिसके बाद मामला बढ़ गया. आनन-फानन में सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी. इसके बाद 13 अप्रैल को सीबीआई ने विधायक को गिरफ्तार कर लिया. मामले में सीबीआई ने भाई अतुल सिंह, सहयोगी शशि सिंह समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया.
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कौन है कुलदीप सिंह सेंगर?

मूल रूप से फतेहपुर जिले के रहने वाले बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की माखी गांव में तूती बोलती है. वे उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से चार बार से लगातार विधायक बने हैं. उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वह यहीं आकर बस गए. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की और 2002 में भगवंतनगर से बीएसपी के टिकट पर विधायक बने. इसके बाद 2007 और 2012 में सपा के टिकट पर चुने गए. इसके बाद 2017 में बांगरमऊ से बीजेपी के टिकट पर चुनकर विधानसभा पहुंचे.
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