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उन्नाव गैंगरेप मामले में योगी सरकार की पहली कार्रवाई, 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 8, 2019, 11:12 PM IST
उन्नाव गैंगरेप मामले में योगी सरकार की पहली कार्रवाई, 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड
उन्नाव गैंगरेप मामले में योगी सरकार ने पहली कार्रवाई की है. (फाइल फोटो)

उन्नाव (Unnao) के एसपी विक्रांत वीर (Vikrant Veer) ने रविवार की देर शाम 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया. एसपी ने बिहार थाना प्रभारी समेत दो दरोगाओं और चार सिपाहियों को निलम्बित कर दिया है.

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उन्नाव. उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) पीड़िता के मामले में लापरवाही बरतने पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने पहली कार्रवाई की है. जिले के एसपी विक्रांत वीर ने रविवार की देर शाम 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया. एसपी ने बिहार थाना प्रभारी अजय त्रिपाठी समेत दो दरोगाओं और चार सिपाहियों को निलम्बित कर दिया है.

विकास पांडेय को सौंपी गई बिहार थाने की कमान
एसपी ने सर्विलांस व स्वाट टीम प्रभारी विकास पांडेय को बिहार थाने की कमान सौंपी है. वही अनावरण एवं विवेचना शाखा में तैनात निरीक्षक राजेंद्र सिंह को सर्विलांस और स्वाट टीम का प्रभारी बनाया गया है, जबकि हल्का इंचार्ज अरविन्द सिंह रघुवंशी, एसआई श्रीराम तिवारी, बीट आरक्षी पंकज यादव, मनोज और संदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उधर, कार्रवाई के बाद थाने में तैनात पुलिसकर्मियों में खलबली मची हुई है.

इन पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित

थाना बिहार जनपद उन्नाव से कार्य के प्रति लापरवाही, अपराध नियन्त्रण/ अभियोगों से सम्बन्धित घटित घटनाओं के प्रति शिथिलता व स्वेच्छाचारिता को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है-

1. प्रभारी निरीक्षक बिहार श्री अजय कुमार त्रिपाठी,
2. बीट/हल्का प्रभारी उ0नि0 श्री अरविन्द सिंह रघुवंशी,3. उ0नि0 श्री श्रीराम तिवारी,
4. बीट आरक्षी अब्दुल वसीम,
5. आरक्षी पंकज यादव,
6. आरक्षी मनोज
7.आरक्षी संदीप कुमार

आरोपियों ने पीड़िता को जला पहले ही दिया था और अब हम उसे दफन करेंगे: भाई

उन्नाव में आग के हवाले की गई बलात्कार पीड़िता के परिवार ने लखनऊ मंडलायुक्त और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने के बाद पीड़िता का रविवार को अंतिम संस्कार किया. अंत्येष्टि से पहले पीड़िता के भाई ने कहा था, ‘आरोपियों को या तो मुठभेड़ में मार गिराया जाना चाहिए या फांसी देनी चाहिए. उन्हें जिंदा रहने का अधिकार नहीं है. हम दिल्ली से उन्नाव जाएंगे. आरोपियों ने उसे जला तो पहले ही दिया था और अब हम उसे दफन करेंगे.’

आपको बता दें कि उन्नाव रेप पीड़िता को जलाने की घटना उस दिन हुई, जिस दिन हैदराबाद की पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के चार आरोपियों को तेलंगाना पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था.

रविवार को किया गया पीड़िता का अंतिम संस्कार
जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने के बाद पीड़िता का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया. इससे पहले परिजनों ने कहा था कि वे पीड़िता का तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनसे मिलने नहीं आते.

रिपोर्ट - अनुज गुप्ता 

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First published: December 8, 2019, 10:40 PM IST
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