उन्नाव: 18 दिन बाद भी नहीं मिला गैंगरेप पीड़िता के भतीजे का सुराग, अब आरोपियों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के लापता भतीजे मामले में अब आरोपियों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के लापता भतीजे मामले में अब आरोपियों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट

उन्नाव (Unnao) के बिहार थाना क्षेत्र में बीते साल 5 दिसंबर 2019 को गैंगरेप पीड़िता को जिंदा जलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी. पीड़िता का लगभग 7 वर्ष का भतीजा 2 अक्टूबर से गायब है.

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उन्नाव. गैंगरेप पीड़िता (Gangrape Victim) के 7 साल के लापता भतीजे का सुराग 18 दिन बाद भी पुलिस नहीं लगा सकी है. अब इस मामले में आरोपी पक्ष की मांग पर कोर्ट ने लाई डिटेक्टर टेस्ट (Lie Detector Test) की मंजूरी दे दी है. उन्नाव पुलिस ने फॉरेंसिक लैब को लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की रिपोर्ट भेज दी है. एएसपी के मुताबिक लैब से अनुमति मिलते ही लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाएगा. लाई डिटेक्टर टेस्ट की स्वीकृति से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.

बता दें कि उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में बीते साल 5 दिसंबर 2019 को गैंगरेप पीड़िता को जिंदा जलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी. पीड़िता का लगभग 7 वर्ष का भतीजा 2 अक्टूबर की रात यानी बीते 18 दिन से लापता है और मासूम की तलाश में लगी पुलिस की 14 से अधिक टीमें अभी तक खाली हाथ है. जिससे पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

पीड़ि‍ता की बहन ने लगाया यह आरोप
पीड़िता की बहन की तहरीर पर पुलिस ने रेप घटना में आरोपित परिवार के 4 सदस्यों व पड़ोस की एक महिला समेत 5 पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है. करीब 10 दिनों तक पूछताछ के बाद भी पुलिस आरोपियों से कोई सुराग नहीं हासिल कर सकी है. वहीं, सभी 5 आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है, जिसपर आरोपी पक्ष ने पुलिस पर बिना साक्ष्य के एकतरफा कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए. घटना का सच सामने लाने के लिए आरोपी परिवार ने पुलिस से लाई डिटेक्टर टेस्ट के अलावा लागातर सीबीआई जांच की मांग कर रहा है. पुलिस ने लाई डिटेक्टर टेस्ट की कोर्ट से अनुमति की याचिका दायर की थी. बीते शनिवार को उन्नाव जिला न्यायालय ने आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की याचिका स्वीकर करते हुए पुलिस को लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं.
लखनऊ एफएसएल से मांगा समय


कोर्ट से आदेश होते ही पुलिस ने फॉरेंसिक लैब लखनऊ (एफएसएल) को रिपोर्ट भेजकर आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए समय मांगा है. एफएसएल से समय निर्धारित होते ही बच्चे के अपहरण में नामजद जिला कारगार में बंद 5 आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया जाएगा, जिससे मासूम के अपहरण का सच सामने आएगा. एएसपी वीके पांडेय ने बताया कि आरोपियों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांग की थी. जिसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी गई थी. शनिवार को कोर्ट ने अनुमति दे दी है. एफएसएल से समय निर्धारित होते ही लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाएगा.
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