UP Board Result 2018 में RTI के दम पर टॉपर बनी थी ये छात्रा

इसके बाद छात्रा आंचल की मांग पर भी बोर्ड कार्यालय ने दूसरी मार्कशीट जारी करने में टाल-मटोल की. जिसके बाद छात्रा ने वकील की मदद से 29 अगस्त को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बोर्ड कार्यालय के खिलाफ याचिका दायर की.

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 17, 2019, 3:48 PM IST
UP Board Result 2018 में RTI के दम पर टॉपर बनी थी ये छात्रा
यूपी बोर्ड की टॉप टेन लिस्ट में शामिल हुई थी उन्नाव की आंचल सिंह
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Updated: April 17, 2019, 3:48 PM IST
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इस बार 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षाओं का रिजल्ट 20 अप्रैल को घोषित करने वाला है. बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर 20 अप्रैल को नतीजे घोषित कर सकता है. हालांकि बोर्ड की ओर से इसकी ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है. इस मौके पर न्यूज18 आपको पिछले साल यानि 2018 में आए 10वीं क्लास के नतीजे का एक किस्सा बता रहा है, जिसमें आरटीआई के दम पर एक छात्रा टॉपर बन गई.

ये कहानी है उन्नाव की तहसील बीघापुर के गांव अलावलपुर निवासी एके सिंह की बेटी आंचल सिंह की. आंचल बिहार स्थित त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज की छात्रा थी. 2018 की बोर्ड परीक्षा में छात्रा ने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें उसे परीक्षा में 600 अंकों में 522 अंक मिले. वहीं अंकपत्र में विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में 23 अंक और प्रयोगात्मक परीक्षा में 30 अंक मिले. छात्रा को विश्वास ही नहीं हुआ. इसके बाद छात्रा के पिता ने बोर्ड की उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी के लिए 7 मई को फार्म भरा और माध्यमिक शिक्षा सचिव बोर्ड कार्यालय से जांच कराने की मांग की. यहां उनकी सुनवाई नहीं हुई.


यूपी बोर्ड रिजल्ट 2019

UP Board Results 2019

इसके बाद छात्रा के पिता ने 30 मई को आरटीआई के तहत यूपी बोर्ड से बेटी आंचल की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने आवेदन किया. 13 अगस्त को बोर्ड कार्यालय ने छात्रा और उसके पिता को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं. जब छात्रा और उसके पिता ने कॉपी देखी तो चौंक गए. छात्रा को विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में 70 में 62 अंक दिए गए थे, जबकि बोर्ड कार्यालय से भेजी गई अंकतालिका (मार्कशीट) में 70 में 23 अंक ही अंकित किए गए. जाहिर है मेधावी आंचल के 522 में 39 अंक बढ़ गए.

इसके बाद छात्रा आंचल की मांग पर भी बोर्ड कार्यालय ने दूसरी मार्कशीट जारी करने में टाल-मटोल की. जिसके बाद छात्रा ने वकील की मदद से 29 अगस्त को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बोर्ड कार्यालय के खिलाफ याचिका दायर की. कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव से जवाब तलब कर लिया, जिसके बाद बोर्ड कार्यालय ने आनन-फानन में 2 दिन पहले संशोधित अंक तालिका विद्यालय को भेजी. नई मार्कशीट के हिसाब से मेधावी छात्रा के 561 अंकों के साथ प्रदेश की टॉप टेन सूची में सातवें स्थान पर शामिल हो गई.

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