यूपी बोर्ड की मार्कशीट में बड़ी लापरवाही, RTI के दम पर ये छात्रा बनी टॉपर

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 7, 2018, 2:14 PM IST
यूपी बोर्ड की मार्कशीट में बड़ी लापरवाही, RTI के दम पर ये छात्रा बनी टॉपर
यूपी बोर्ड की टॉप टेन लिस्ट में शामिल हुई उन्नाव की आंचल सिंह. Photo: News 18

आंचल सिंह के पिता ने 30 मई को आरटीआई के तहत यूपी बोर्ड से बेटी आंचल की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने आवेदन किया. 13 अगस्त को बोर्ड कार्यालय ने छात्रा और उसके पिता को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं. जब छात्रा और उसके पिता ने कॉपी देखी तो चौंक गए.

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यूपी बोर्ड परीक्षाओं   में छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं और मार्कशीट तैयार करने में को कितनी लापरवाही होती है, इसका उदाहरण उन्नाव में देखने को मिला है. यहां यूपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की छात्रा को साइंस में उम्मीद से बहुत कम अंक मिले. लेकिन छात्रा ने आरटीआई को हथियार बनाकर उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी कराई तो उसके 39 अंक बढ़ गए. यही नहीं बोर्ड ने इस स्क्रूटनी और नई मार्कशीट देने में भी इस छात्रा की राहत में तमाम रोड़े अटकाए. अब नई मार्कशीट में छात्रा यूपी के टॉप टेन मेरिट लिस्ट में शामिल हो गई है. उसके पिता ने अब सीएम योगी को पत्र भेजकर बेटी को सम्मानित करने और अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की है.

तहसील बीघापुर के गांव अलावलपुर निवासी एके सिंह की बेटी आंचल सिंह बिहार स्थित त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज की छात्रा है. 2018 की बोर्ड परीक्षा में छात्रा ने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें उसे परीक्षा में 600 अंकों में 522 अंक मिले. वहीं अंकपत्र में विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में 23 अंक और प्रयोगात्मक परीक्षा में 30 अंक मिले. छात्रा को विश्वास ही नहीं हुआ. इसके बाद छात्रा के पिता ने बोर्ड की उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी के लिए 7 मई को फार्म भरा और माध्यमिक शिक्षा सचिव बोर्ड कार्यालय से जांच कराने की मांग की. यहां उनकी सुनवाई नहीं हुई.

इसके बाद छात्रा के पिता ने 30 मई को आरटीआई के तहत यूपी बोर्ड से बेटी आंचल की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने आवेदन किया. 13 अगस्त को बोर्ड कार्यालय ने छात्रा और उसके पिता को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं. जब छात्रा और उसके पिता ने कॉपी देखी तो चौंक गए. छात्रा को विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में 70 में 62 अंक दिए गए थे, जबकि बोर्ड कार्यालय से भेजी गई अंकतालिका (मार्कशीट) में 70 में 23 अंक ही अंकित किए गए. जाहिर है मेधावी आंचल के 522 में 39 अंक बढ़ गए.

इसके बाद छात्रा आंचल की मांग पर भी बोर्ड कार्यालय ने दूसरी मार्कशीट जारी करने में टाल-मटोल की. जिसके बाद छात्रा ने वकील की मदद से 29 अगस्त को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बोर्ड कार्यालय के खिलाफ याचिका दायर की. कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव से जवाब तलब कर लिया, जिसके बाद बोर्ड कार्यालय ने आनन-फानन में 2 दिन पहले संशोधित अंक तालिका विद्यालय को भेजी.

अब नई मार्कशीट के हिसाब से मेधावी छात्रा के 561 अंकों के साथ प्रदेश की टॉप टेन सूची में सातवें स्थान पर शामिल हो गई है. बेटी की उपलब्धि से परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है. आंचल प्रशासनिक सेवा में जाना चाह्ती है. लेकिन साथ ही मांग करती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

(रिपोर्ट: अनुज गुप्ता)

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First published: October 7, 2018, 12:28 PM IST
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