उन्नाव: गैंगरेप पीड़िता के भतीजे का 12 दिन से नहीं लगा सुराग, आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, CBI जांच की मांग

(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

उन्नाव (Unnao): आरोपी पक्ष के परिजन जिले के एसपी आनंद कुलकर्णी के कार्यालय पहुंचे, जहां एसपी से मुलाकात न होने पर परिजनों ने एप्लीकेशन दी है, जिसमें बिना साक्ष्य के ही जेल भेजने पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं

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उन्नाव. उत्तर प्रदेश में उन्नाव (Unnao) के बिहार थाना क्षेत्र में 5 दिसंबर 2019 को गैंगरेप पीड़िता (Gangrape Victim Murder) को जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी. पीड़िता का लगभग 7 वर्ष का भतीजा बीते 12 दिन से लापता (Missing) है और पुलिस की 14 टीमें मासूम की तलाश में लगी हैं. अभी तक पुलिस ने मासूम की बरामदगी किए बिना ही मामले में नामजद 3 महिला व दो युवकों को जेल भेजा है. अब आरोपियों के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. आरोपियों के परिजनों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

गैंगरेप पीड़िता की बहन की माने तो उसका 7 वर्षीय भतीजा राजा 2/3 अक्टूबर की शाम से लापता है. पीड़ित ने गांव के ही 5 लोगों पर बच्चे का अपहरण कराने का मुकदमा दर्ज करवाया है. वहीं रेप पीड़िता के साथ हुई घटना में आरोपित के परिजनों को शामिल बताया है. पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर गैंगरेप पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में नामजद शिवम त्रिवेदी की मां सरोज त्रिवेदी, बुआ अनीता त्रिवेदी, रिश्तेदार कैप्टन बाजपेई, हर्षित बाजपेई व पड़ोस की रहने वाली महिला सुन्दरा लोध के खिलाफ धारा 364 मुकदमा दर्ज किया. बता दें कि गैंगरेप व हत्या के मामले में नामजद मुख्य आरोपी शिवम त्रिवेदी समेत सभी 5 आरोपी जेल में बंद हैं.



एसपी उन्नाव ने लगाई कई टीमें
मामला हाई प्रोफाइल होने से एसपी उन्नाव आनंद कुलकर्णी कमान संभाल रहे हैं. एसपी के नेतृत्व 14 टीमें मासूम की तलाश में लगी हैं. पुलिस ने 5 नामित आरोपियों समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर बीते 10 दिनों तक पूछताछ की मगर मासूम के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है. पुलिस ने आसपास के तालाब व जंगलों में भी सर्च अभियान चलाया. मासूम का पता न चलने से पुलिस प्रशासन की किरकिरी हो रही है, वहीं पीड़ित परिवार में अनहोनी की आशंका को लेकर धड़कने तेज हो रही हैं.

पुलिस जिले के प्रमुख मार्गो के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है. इसके अलावा दोनों पक्षों के कई संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं. फिलहाल पुलिस के हाथ अभी तक कोई ठोस तथ्य नहीं लगा है. 12 दिन तक आरोपियों से पूछताछ में भी मासूम के बारे में कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा. अब पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों को कोर्ट से न्यायिक हिरासत में रिमांड की मांग की है.



सीओ बीघापुर का बयान

सीओ बीघापुर ने बताया की लापता मासूम का कोई सुराग नहीं लग सका है. वहीं पुलिस टीमें मासूम की तलाश कर रही है. 5 नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.

आरोपियों के परिजनों ने की मांग

आरोपी पक्ष के परिजन जिले के एसपी आनंद कुलकर्णी के कार्यालय पहुंचे, जहां एसपी से मुलाकात न होने पर परिजनों ने एप्लीकेशन दी है, जिसमें बिना साक्ष्य के ही जेल भेजने पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं लापता बच्चे के परिजन द्वारा गलत ढंग से फंसाए जाने का आरोप लगाया है. कैमरे पर फर्जी तौर पर परिवार के 4 और सदस्यों के जेल भेजे जाने की बात कहते हुए आरोपी हर्षित बाजपेई की बहन रिचा बाजपेई की आंखो में आंसू छलक पड़े.
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