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उन्नाव सड़क हादसा: CBI की चार्जशीट में कुलदीप सेंगर पर हत्या का आरोप नहीं

shankar Anand | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 12, 2019, 8:44 AM IST
उन्नाव सड़क हादसा: CBI की चार्जशीट में कुलदीप सेंगर पर हत्या का आरोप नहीं
अधिकारियों ने कहा कि जांच एजेंसी ने मामले में सेंगर और उनके सहयोगियों पर हत्या का आरोप नहीं लगाया है.

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप (Rape) का आरोप (Allegation) लगाने वाली पीड़‍िता (Victim) की कार को इसी साल 28 जुलाई को रायबरेली से उन्नाव लौटते वक्त सामने से आ रहे ट्रक (Truck) ने जोरदार टक्कर मार दी थी. जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गई थी.

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उन्नाव. सीबीआई (CBI) ने उन्नाव रेप पीड़िता (Unnao Gang Rape Case) दुर्घटना मामले में अपने पहले आरोप पत्र में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ शुक्रवार को हत्या के आरोप हटा दिए. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. इस सड़क दुर्घटना में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौके पर मौत हो गई थी.

लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत (Special CBI Court) में दाखिल अपने पहले आरोप पत्र (Charge Sheet) में सीबीआई ने FIR में नामजद कुलदीप सेंगर और अन्य सभी आरोपियों को आपराधिक साजिश रचने और डराने-धमकाने से जुड़ी IPC की धाराओं के तहत आरोपी बनाया है. बता दें कि सीबीआई ने अपनी FIR में सेंगर और नौ अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और डराने-धमकाने से संबंधित IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. सेंगर को बीजेपी से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.

ट्रक चालक को कई धाराओं में आरोपी बनाया
अधिकारियों ने बताया कि जिस ट्रक से एक्सिडेंट हुआ उसके ड्राइवर आशीष कुमार पाल पर लापरवाही के चलते किसी की मौत की वजह बनने, किसी की जान जोखिम में डालकर उसे गंभीर चोट पहुंचाने और लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ी IPC की धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है. उन्होंने बताया कि सीबीआई के आरोप पत्र में पाल के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है. एजेंसी ने उत्तर प्रदेश सरकार से कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है, लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की.

पीड़िता और उसके परिजन इसी सफेद कार में सवार होकर रायबरेली से उन्नाव लौट रहे थे जब सामने से आ रहे ट्रक ने इसे टक्कर मार दी (फाइल फोटो)


दुर्घटना के समय पीड़िता के साथ नहीं था कोई सुरक्षाकर्मी
दुर्घटना के समय पीड़िता की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस का कोई सुरक्षाकर्मी उसके साथ नहीं था. जिसके चलते इन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. हादसे के दो दिन बाद सीबीआई ने 30 जुलाई को आरोपी कुलदीप सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, उत्तर प्रदेश के एक मंत्री के दामाद अरुण सिंह और सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
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क्या है पूरा मामला
बता दें कि बीजेपी के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए कुलदीप सिंह सेंगर पर पीड़िता ने वर्ष 2017 में रेप करने का आरोप लगाया था. उस समय वो नाबालिग थी. वहीं इसी वर्ष 28 जुलाई को आरोप लगाने वाली पीड़‍िता की कार को रायबरेली से उन्नाव लौटते वक्त सामने से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी थी. जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गई थी. जबकि दुर्घटना में पीड़िता की दो महिला रिश्तेदारों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसमें पीड़‍िता का वकील भी बुरी तरह घायल हो गया था.

कौन हैं कुलदीप सिंह सेंगर?
मूल रूप से फतेहपुर के रहने वाले कुलदीप सिंह सेंगर की माखी गांव में तूती बोलती है. उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वो यहीं आकर बस गए. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी. वो उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से लगातार 4 बार जीतकर विधायक निर्वाचित हुए हैं. वर्ष 2002 में भगवंतनगर से बीएसपी के टिकट पर सेंगर सबसे पहली बार विधायक बने. इसके बाद 2007 और 2012 में वो एसपी के टिकट पर चुने गए. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में वो उन्नाव जिले के बांगरमऊ से बीजेपी के टिकट पर चुनकर विधानसभा पहुंचे थे.

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First published: October 11, 2019, 10:00 PM IST
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