उन्नाव रेप केस: सीतापुर जेल के बंदी रक्षक से पूछताछ करेगी CBI, ये है आरोप

गौरतलब है कि सीबीआई उन्नाव रेप केस व पीड़िता के एक्सीडेंट सहित सभी पांच मामलों की जांच कर रही है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 14, 2019, 3:47 PM IST
उन्नाव रेप केस: सीतापुर जेल के बंदी रक्षक से पूछताछ करेगी CBI, ये है आरोप
सीतापुर जेल में तैनात बंदी रक्षक से पूछताछ करेगी सीबीआई
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Updated: August 14, 2019, 3:47 PM IST
उन्नाव रेप पीड़िता (Unnao Rape Case) की कार एक्सीडेंट का जांच कर रही सीबीआई (CBI) सीतापुर जेल (Sitapur Jail) में तैनात बंदी रक्षक अमर सिंह से पूछताछ करेगी. सीबीआई ने कारागार विभाग से बंदी रक्षक अमर सिंह की रिपोर्ट मांगी है. सीतापुर जेल में तैनात बंदी रक्षक अमर सिंह आरोप है कि उसने अपने मोबाइल फोन से रेप के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) की बात करवाई थी. बंदी रक्षक अमर सिंह भी उन्नाव का रहने वाला है.

पुलिस विभाग के अफसरों पर गाज गिरना तय

सीबीआई की जांच में पता चला है कि आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जेल में बंदी रक्षकों के मोबाइल से अपने परिवार वालों से बात करता था. जांच में विधायक की पुलिस और जेल के कर्मचारियों से साठगांठ के कई सुबूत मिले हैं. इस आधार पर माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इस खुलासे की रिपोर्ट पर जेल और पुलिस विभाग के करीब एक दर्जन अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है. इतना ही नहीं यह भी बात सामने आई है कि एक बंदी रक्षक और एक अन्य कर्मचारी ऐसे मिले जो हमेशा उस जेल में स्थानान्तरित किए जाते रहे जहां विधायक को शिफ्ट किया जाता रहा.

गौरतलब है कि सीबीआई उन्नाव रेप केस व पीड़िता के एक्सीडेंट सहित सभी पांच मामलों की जांच कर रही है. 27 जुलाई को रायबरेली में हुए सड़क हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. जबकि पीड़िता और उसके वकील महेंद्र सिंह का इलाज वर्तमान में दिल्ली के एम्स (AIIMS) में चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद इस मामले से जुड़े सभी पांचों केस को दिल्ली के तीस हजारी (Tees Hazari Court) कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है.

कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य पर आरोप तय

उन्नाव रेप केस में पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स केस में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत के मामले में बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर  समेत अन्य के खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट  ने आरोप तय कर दिए हैं. कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए प्रथमदृष्टया पाया कि मामले में बड़ी साजिश रची गई है. कोर्ट के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उसने कोई हस्तक्षेप नहीं किया. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोट के निशान थे.

तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी आरोप तय
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मामले में कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) के अलावा माखी पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया, सब-इंस्पेक्टर कामता प्रसाद सिंह, कॉन्स्टेबल आमिर खान, बाहुबली विधायक कुलदीप के भाई अतुल सिंह सेंगर समेत चार अन्य को आरोपी बनाया गया था. अब सभी आरोपियों के खिलाफ पीड़िता के पिता को आर्म्‍स एक्ट के झूठे मामले में फंसाने का केस चलेगा और सीबीआई (CBI) की चार्जशीट के मुताबिक गवाही होगी.

रेप मामले में भी तय हुआ है आरोप

इससे पहले दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट (Tees Hazari Court Delhi) ने उन्नाव रेप केस में शुक्रवार को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ पीड़िता से रेप के मामले में आरोप तय कर दिए थे. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया पाया था कि सेंगर के खिलाफ आरोप तय करने के लिए साक्ष्य मौजूद हैं. कोर्ट ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप और पॉस्को एक्ट 120 बी के तहत आरोप तय किए हैं.

बता दें कि अप्रैल, 2017 में नाबालिग लड़की ने उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था. मामला सामने आने के बाद सूबे की योगी सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

(इनपुट: ऋषभमणि त्रिपाठी)

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First published: August 14, 2019, 3:32 PM IST
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