UP Assembly By-Election: क्या बांगरमऊ की जनता बदलेगी ये इतिहास?

बांगरमऊ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आरती बाजपेई
बांगरमऊ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आरती बाजपेई

UP Assembly Election: बांगरमऊ विधानसभा सीट से आज तक कोई महिला उम्मीदवार जीतकर यूपी विधानसभा नहीं पहुंची.

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उन्नाव. उत्तर प्रदेश के उन्नाव (Unnao) में महिलाओं को समाज में बराबरी का हिस्सा और कंधे से कंधा लगाकर चलने की बात कही जाती है. नारी शक्ति की बात की जाती है, लेकिन चुनाव के समय जनता महिला प्रत्याशी पर विश्वास नहीं जता पाती. यही हाल बांगरमऊ विधानसभा उपचुनाव (Bangarmau Vidhansabha By Election) का है. यहां से आज तक कोई महिला उम्मीदवार जीत कर विधानसभा तक नहीं पहुंची.

निर्दलीय महिला प्रत्याशियों का प्रदर्शन निराशाजनक

आपको बता दें की साल 1980 से इस सीट पर महिला प्रत्याशी लगभग हर चुनाव में दांव आजमाती हैं लेकिन जनता ने उन्हें कभी भी इस सीट पर जिताकर विधानसभा तक नहीं पहुंचाया. अगर निर्दलीय प्रत्याशियों की बात करें तो साल 1980 में जय देवी वर्मा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरीं, उन्हें 428 वोट मिले और जय देवी 10वें स्थान पर रहीं. 1989 में जयदेवी फिर किस्मत आजमाने मैदान में उतरीं, जिसमें उन्हें महज 305 वोट मिले और वो 9वें स्थान पर रहीं. वहीं 1993 के विधानसभा चुनाव में अपर्णा सिंह मैदान में उतरीं. 387 वोट पाकर अपर्णा सिंह 12 वे नंबर पर रहीं. साल 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी आशारानी चुनाव लड़ीं और उन्हें 1244 वोट मिले और आशारानी 8वें नंबर पर रहीं.



कांग्रेस से आरती बाजपेई आजमा रहीं किस्मत
राजनीतिक दलों की बात करें तो महिला प्रत्याशी पर कांग्रेस से ही मैदान में उतरीं. कांग्रेस ने साल 2007 में पहली बार महिला प्रत्याशी आरती बाजपेई, जो पूर्व मंत्री गोपीनाथ दीक्षित की पुत्री हैं, को मैदान में उतारा. फिर 2012 में कांग्रेस ने आरती बाजपेई ने फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा. इसके बाद साल 2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के चलते आरती बाजपेई को कांग्रेस का टिक नहीं मिला, जिसपर उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा और अब उपचुनाव 2020 में कांग्रेस ने फिर आरती बाजपेई को मैदान में उतारा है.

NEWS 18 से बातचीत में कांग्रेस प्रत्याशी आरती बाजपेई ने महिला प्रत्याशी के एक बार भी जीत नहीं पाने के सवाल पर कहा कि हो सकता है कि पहले जो परिवार को मुखिया जो कहते होंगे, महिला वो कहती होंगी. लेकिन आज मैं जनता और महिलाओं के बीच जा रही हूं. मुझे उनका समर्थन हमको मिल रहा है.
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