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उन्नाव: जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर सड़क पर उतरे किसान, बुलानी पड़ी PAC

कॉलेज में छात्रा से रैगिंग (प्रतीकात्मक पोटो)
कॉलेज में छात्रा से रैगिंग (प्रतीकात्मक पोटो)

गुस्साए किसानों (Farmers) ने जेसीबी और गाड़ियों पर पथराव किया, जिसके बाद मौके पर पुलिस (Police) को बुलाना पड़ा. बारह थानों की पुलिस और पीएसी(PAC) की टुकड़ी को भी तैनात करना पड़ा.

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उन्नाव: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य औद्योगिक विकास निगम की ट्रांस गंगा सिटी परियोजना (Trans Ganges City Project) के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का उचित मुआवजा (Compensation) नहीं मिलने से नाराज हजारों किसानों ने सड़क पर उतर कर शनिवार को विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने जेसीबी और गाड़ियों पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा. मौके पर बारह थानों की पुलिस और पीएसी की टुकड़ी को भी तैनात किया गया है. एक किसान नेता ने बताया कि हम लोग दो साल से लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी बात को नहीं सुन रही.

उचित मुआवजा नहीं मिलने से गुस्से में हैं किसान
किसानों का आरोप है कि वर्ष 2005 में बगैर समझौते के उनकी जमीनों को अधिगृहित कर लिया गया था. लेकिन बदले में हमें उसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा, इसके विरोध में हम सड़क पर उतरे हैं.





2003 में बनी थी ट्रांसगंगा हाई टेक सिटी योजना
वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में ट्रांस गंगा हाई टेक योजना बनी थी. उस समय किसानों की जमीन का मुआवजा इतना कम था कि उन्होंने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं ली थी. बाद में 2007 में जब प्रदेश में बीएसपी की सरकार बनी तो मुआवजे की दर 2.51 लाख रुपये से बढ़ाकर 5.51 लाख रुपये कर दी गई. लेकिन यूपीएसआईडीसी योजना के तहत भूमि अधिग्रहण का काम वर्ष 2012 तक नहीं कर पाई.

इसके बाद 2012 में जब यूपी में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो विभाग ने किसानों की जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया. इसके विरोध में किसान सड़क पर उतर आये. किसानों की मांग थी कि पूर्व में जो दरें लागू की गई थीं, वो वर्तमान में बहुत कम हैं. इसलिए मुआवजे की राशि को बढ़ाया जाए.

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