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उन्नाव रेप केस: पीड़ित के वकील की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी सुरक्षा, सरकार ने सीलबंद लिफाफे में दिया जवाब

उन्नाव रेप केस में पीड़ित के वकील की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा मांगी है.

उन्नाव रेप केस में पीड़ित के वकील की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा मांगी है.

बहुचर्चित उन्नाव रेप केस पीड़ित की पैरवी कर चुके वकील की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इसलिए उसे यूपी से बाहर जाने के लिए सुरक्षा दी जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 8, 2021, 12:13 AM IST
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नई दिल्ली. बहुचर्चित उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Case) में कई चौंकाने वाले मोड़ आज चुके हैं. आज यानि बुधवार को फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक नई बात सामने आई है. जब पीड़ित की पैरवी कर चुके वकील की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया की उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इसलिए उसे यूपी से बाहर जाने के लिए सुरक्षा दी जाए.

उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक और बाहुबली कुलदीप सिंह सेंगर को निचली अदालत ने पीड़ित के पिता की हत्या के मामले में दस साल की सजा सुनाई है. जबकि बलात्कार के मामले उसे उम्र कैद की सजा मिली है. वो फिलहाल जेल में है. लेकिन उसका खौफ आज भी बाकी है. इसकी बड़ी वजह है इस मामले से जुड़े कई लोगों की मौत होना.

इससे पहले इस मामले में बलात्कार पीड़ित की पैरवी करने वाले वकील महेंद्र सिंह एक सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हो गए थे. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इनके अलावा बलात्कार पीड़ित के पिता की भी हत्या की गाई थी. अब वकील महेंद्र सिंह की पत्नी सुधा सिंह को भी जान से मारने की धमकियां मिल रही है. इस बाबत उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है.



सुधा सिंह का कहना है की उनको अपने जान का खतरा है. वो कैंसर की मरीज भी हैं. इलाज के लिए उन्हें दिल्ली आना पड़ता है. लेकिन यूपी से बाहर जाने के लिए उन्हें सुरक्षा नही मिलती. इसलिए जान का खतरा बना हुआ है. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे ने यूपी सरकार की वकील से पूछा की इन्हे सुरक्षा क्यों नही दी जा रही.
इस पर यूपी सरकार की वकील ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया की सुधा सिंह को उनके घर पर सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं, लेकिन राज्य से बाहर जाने के लिए सुरक्षा नही दी गई है. ऐश्वर्या ने बताया की इसकी एक वजह है जो वो सार्वजनिक नही कर सकती हैं, लेकिन इस बाबत एक रिपोर्ट कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में देना चाहती हैं. कोर्ट उस रिपोर्ट को पढ़ कर आगे का आदेश दे सकता है. कोर्ट ने यूपी सरकार को रिपोर्ट जमा करने की इजाजत दे दी. रिपोर्ट पढ़ने के बाद अब इस मामले में अदालत आगे की सुनवाई अगले हफ्ते करेगा.
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