उन्नाव : ग्रामीणों को गंगा में बहते दिखे कई शव, अधिकारियों ने कहा कि दावा गलत

इन गांव वालों का दावा है कि गंगा में इन्होंने लाशें तैरती देखीं, जबकि एसडीएम का कहना कि ऐसा कुछ भी नहीं.

गांव के जियालाल और राहुल जैसे कई ग्रामीणों के अनुसार अब तक 50 से ज्यादा शव बह चुके हैं. लेकिन एसडीएम बीघापुर दयाशंकर पाठक ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ गंगा का निरीक्षण किया तो उन्हें कोई भी शव बहता हुआ नहीं दिखा.

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उन्नाव. उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) के उन्नाव (Unnao) में बीते 3 दिन से गंगा का जलस्तर (water level Increase in Ganga) बढ़ रहा है और कई जगहों पर कटान शुरू हो गई है. कटान के बाद गंगा की रेती में दफनाए हुए शव बाहर निकलने शुरू हो गए हैं. यह दावा उन्नाव के ग्रामीण कर रहे हैं. इस मुद्दे पर अधिकारी इससे इतर बात कर रहे हैं. वे शवों के गंगा में नहीं बहने का दावा कर रहे हैं. एसडीएम बीघापुर (SDM bighapur) का दावा है कि उन्होंने पुलिस के अधिकारियों के साथ गंगा का निरीक्षण किया है. लेकिन उन्हें कोई शव बहता नहीं दिखाई दिया. आपको बता दें कि बीते दिनों बक्सर घाट पर गंगा नदी के किनारे कई शव दफन किए गए थे. मीडिया में इस खबर के दिखाए जाने के बाद प्रशासन ने शवों को ढंकवाया था.

आपको याद दिला दें कि उन्नाव के बीघापुर तहसील क्षेत्र के बक्सर घाट पर लगभग 20 दिन पहले नदी के किनारे और धारा के बीच दर्जनों शव दफनाए हुए मिले थे. कोरोना के समय ग्रामीण इलाकों में हुई सैकड़ों संदिग्ध मौतों के बाद परिजनों ने यहां शव दफनाए थे और कुछ ने शवों को दाह संस्कार भी किया था. धारा के बीच में जो शव टीले पर दफनाए गए थे, वे गंगा का जलस्तर 3 दिन से बढ़ने के कारण उफनाने लगे. गांव के लोगों का दावा है कि उन्होंने कई शव गंगा में तैरते देखे. कुछ शवों को पक्षी भी नोचते दिखे.

वहीं जब जिला प्रशासन को शव बाहर आने की खबर मीडिया से पता चली तो अधिकारी निरीक्षण के लिए निकल पड़े. एसडीएम बीघापुर दयाशंकर पाठक ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ गंगा का निरीक्षण किया तो उन्हें कोई भी शव बहता हुआ नहीं दिखा. जबकि स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई शवों को निकलकर बहते हुए देखा है. गांव के जियालाल और राहुल जैसे कई ग्रामीणों के अनुसार अब तक 50 से ज्यादा शव बह चुके हैं.