सऊदी में 5 माह जिल्लत झेल घर पहुंचे युवक बोले, मजदूरी कर लेंगे लेकिन विदेश नहीं जाएंगे

कबूतरबाजों के चक्कर में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में पांच माह तक फंसे रहे युवक स्वदेश पहुंच गए हैं. सऊदी से लौटे युवकों ने कहा कि अब वे गांव में मजदूरी कर लेंगे, लेकिन विदेश नहीं जाएंगे. सऊदी अरब में इन युवकों को 5 माह तक जिल्लत झेलनी पड़ी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 18, 2019, 11:49 PM IST
सऊदी में 5 माह जिल्लत झेल घर पहुंचे युवक बोले, मजदूरी कर लेंगे लेकिन विदेश नहीं जाएंगे
विदेश में 5 माह जिल्लत झेल घर पहुंचे युवक बोले, मजदूरी कर लेंगे लेकिन विदेश नहीं जाएंगे. उन्नाव में स्वदेश लौटे तीनों युवकों को मिठाई खिलाते सदर विधायक पंकज गुप्ता.
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Updated: August 18, 2019, 11:49 PM IST
कबूतरबाजों के चक्कर में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में पांच माह तक फंसे रहे युवक स्वदेश पहुंच गए हैं. सऊदी से लौटे युवकों ने कहा कि अब वे गांव में मजदूरी कर लेंगे, लेकिन विदेश नहीं जाएंगे. सऊदी अरब में इन युवकों को 5 माह तक जिल्लत झेलनी पड़ी. इन युवकों ने बहुत सी यातनाएं सहीं. सऊदी अरब में सैलरी मांगने पर युवकों से कंपनी में मारपीट की गई. वहीं खाने के पैसे मांगने पर उन्हें पीटा गया. साथ ही उन्हें उस कमरे से भी हाथ धोना पड़ा, जहां वे रुके थे. इसके बाद युवकों को कई रातें खुले आसमान के नीचे काटनी पड़ी. वहीं पैसे न होने पर पेट भरने के लिए उन्हें भीख तक मांगनी पड़ी. ये युवक जिस कंपनी में काम करने के लिए गए थे उसके मालिक ने सुनसान जगह पर एक कमरे में कई दिन तक उसे बंधक बनाकर रखा गया. हालांकि विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप पर उन्हें 13 अगस्त 2019 को सुरक्षित स्वदेश भेज दिया गया.

प्रमोद ने बताई अपने साथ हुए जुल्मों की कहानी
सऊदी अरब से लौटे प्रमोद ने अपने साथ हुए जुल्मों की आप बीती न्यूज18 पर बयां की. आपको बता दें कि न्यूज 18 ने 29 जुलाई को सबसे पहले सऊदी अरब में युवकों के फंसे होने की खबर दिखाई थी. इसके बाद विदेश मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लिया था. वहीं युवकों की घर वापसी के लिए परिजनों ने स्थानीय विधायक से मदद की गुहार लगाई थी. विधायक ने युवकों की स्वदेश वापसी के लिए दो पत्र लिखे थे और ट्वीट किया था.

काम के नाम पर एक हफ्ते तक केमिकल फैक्टरी में साफ करवाए गए टैंक

उन्नाव के माखी थानाक्षेत्र के गिरवरखेड़ा निवासी सचिन कुमार पुत्र रामप्रसाद अपने बहनोई प्रमोद पुत्र रामसहाय निवासी पिंडोखा थाना गंगाघाट व अचलगंज के उम्मेदखेड़ा निवासी ममेरे भाई राहुल कुमार पुत्र मुनई के साथ 17 मार्च 2019 को सऊदी अरब के रियाद शहर में काम करने गए थे. आपको बता दें कि रिश्ते में मामा के लड़के जगतपाल ने तीनों को सऊदी अरब में 30 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी की नौकरी दिलाने का वादा करते हुए बुलाया था. गंगाघाट थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद ने बताया कि काम के नाम पर उनसे एक हफ्ते बाद एक बंद पड़ी केमिकल फैक्ट्री में टैंक साफ करवाए गए थे.

सैलरी मांगी तो पीटा गया
प्रमोद ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब एक हफ्ते तक काम करने के बाद केमिकल की वजह से जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने काम करने से इन्कार कर दिया. प्रमोद ने खाने के पैसे और सैलरी मांगी तो उनको पीटा गया था. वहीं विवाद बढ़ने पर एक दिन युवकों से कमरा खाली करवा लिया गया. इसके बाद युवकों को खुले आसमान के नीचे कई रातें सड़क पर बितानी पड़ी. सऊदी अरब के स्थानीय लोग सड़क पर बैठा देखकर कुछ खाने-पीने को दे देते थे. सऊदी अरब में फंसे इन युवकों ने मैनपुरी में रहने वाले युवकों की मदद से एक वीडियो वायरल किया. परिजनों को जब जानकारी हुई तो उन्होंने सदर विधायक पंकज गुप्ता से इस मामले में मदद मांगी.
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विधायक पंकज गुप्ता के साथ स्वदेश लौटे तीन युवक.


भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तीनों युवकों को छुड़ाया
सदर विधायक ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया. इसके बाद सऊदी स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तीनों युवकों को खोज निकाला और उन्हें छुड़ाया. आपको बता दें कि मुंबई की जिस कंपनी के माध्यम से तीनों युवक सऊदी अरब गए थे उसी कंपनी ने फ्लाइट का टिकट बुक कराया और तब उनकी वतन वापसी सम्भव हो पाई. आपको बता दें कि प्रमोद को उसके पिता ने नौकरी करने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये खेत गिरवी रखकर दिए थे. अब परिवार आर्थिक रूप से टूट चुका है.

मां बोलीं, बेटा घर आ गया, ये खुशी की बात है
वहीं प्रमोद ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि अभी वहां और भारतीय युवा फंसे हुए हैं. वहीं प्रमोद लोगों से विदेश ना जाने और यहीं रहकर काम करने की बात कही. वहीं प्रमोद के पिता ने कहा कि जो कुछ कमाया था सब चला गया है, अब कुछ बचा नहीं है. प्रमोद की मां का कहना है कि उनका बेटा घर आ गया ये उनके लिए खुसी की बात है.

तीनों युवक ने सदर विधायक पंकज गुप्ता को दिया धन्यवाद
शनिवार को तीनों युवकों के परिजनों ने सदर विधायक पंकज गुप्ता से मिलकर उन्हें धन्यवाद दिया. तीनों युवकों ने कहा कि वह तीस हजार रुपये महीने के लालच में विदेश में काम करने गए थे. वहां से सुरक्षित लौटने के बाद अब वह मजदूरी या कोई दूसरा काम करना पसंद करेंगे, लेकिन अब विदेश नहीं जाएंगे.

रिपोर्ट - अनुज गुप्ता 

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First published: August 18, 2019, 8:30 PM IST
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