Make In India में UP की बड़ी छलांग, हरदोई के संडीला में बनेगी ब्रिटेन की वेबली स्कॉट रिवॉल्वर, 1.6 लाख रुपये होगी कीमत

ब्रिटेन की जानी मानी वेबली एंड स्कॉट कंपनी यूपी में रिवॉल्वर उत्पादन करने जा रही है.
ब्रिटेन की जानी मानी वेबली एंड स्कॉट कंपनी यूपी में रिवॉल्वर उत्पादन करने जा रही है.

लखनऊ (Lucknow) से करीब 30 किलोमीटर दूर हरदोई के संडीला (Sandila) में ब्रिटेन की वेबली एंड स्कॉट कंपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है. इसके लिए इसने लखनऊ की स्याल मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड से हाथ मिलाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 3:45 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश का हरदोई में ब्रिटेन की जानी-मानी हथियार बनाने वाली कंपनी वेबली एंड स्कॉट (Webly & Scott Co.) रिवॉल्वर (Revolver) का उत्पादन करने जा रही है. देश में हथियार निर्माण करने वाली यह पहली विदेशी कंपनी होगी. लखनऊ से करीब 30 किलोमीटर दूर हरदोई के संडीला (Sandila) में कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है. इसके लिए इसने लखनऊ की स्याल मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से हाथ मिलाया है. इस रिवॉल्‍वर की कीमत तकरीबन 1.6 लाख रुपये होगी.

बता दें कि यह वही कंपनी है जिसने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान एलाइड फोर्स को हथियार दिये थे. यह कंपनी करीब 15 देशों में हथियार का उत्पादन कर रही है. माना जा रहा है कि नवंबर से यह कंपनी उत्पादन शुरू कर देगी. पहले फेज में कंपनी अपनी जानी मानी वेबली स्कॉट .32 रिवॉल्वर का निर्माण करेगी.

लखनऊ की इस कंपनी के साथ मिलाया हाथ
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए वेबली एंड स्कॉट कंपनी के को-ऑनर जॉन ब्राइट ने कहा कि इसके बाद हम पिस्टल, एयरगन, शॉटगन और कारतूस भी बनाएंगे. उन्होंने कहा कि हमने विशाल बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत और उत्तर प्रदेश राज्य में निवेश करने का फैसला किया है. हमने 2018 में स्याल परिवार के साथ मिलकर व्यवसाय का विस्तार करने का मन बनाया. हमें 2019 में भारत में हथियारों के निर्माण का लाइसेंस मिला. पहले चरण में 1899 के मार्क IV.32 पिस्तौल के मूल डिजाइन का उपयोग भारतीय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बड़े बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में निवेश का फैसला किया है.




एयरगन का भी होगा उत्पादन
ब्राइट ने बताया‍ कि भारतीय बाजार के लिए हथियार और एयरगन का संयुक्त रूप से उत्पादन किया जाएगा. पिछले साल 2019 में ही हमें हथियार बनाने का लाइसेंस मिला है. उन्होंने कहा कि पहले फेज में हम मार्क फोर .32 पिस्टल के 1899 के ओरिजनल डिजाइन के साथ हम बाजार में उतरेंगे. इस संबंध में 15 विशेषज्ञों की टीम इंग्लैंड से भारत आई और उसने संडीला का दौरा किया.

मेक इंडिया पॉलिसी का मिला फायदा
स्याल मैन्युफैक्चरर्स के जोगिंदर पाल सिंह (जो वेबली स्कॉट के उत्पादों के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर हैं) ने कहा कि यूपी सरकार के सहयोग और केंद्र की मेक इन इंडिया पॉलिसी ने इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने में काफी बड़ी भूमिका निभाई. उन्होंने बताया कि .32 रिवॉल्वर की कीमत करीब 1.6 लाख रुपए होगी. हम देश की अन्य ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को तगड़ी चुनौती देंगे. लोगों को विश्वस्तरीय उत्पाद उनके घर के पास मिल सकेंगे.
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