अब सूबे के सभी मदरसों पर होगी योगी सरकार की पैनी नजर

बिजनौर में मदरसे से हथियार बरामद होने के बाद राज्य सरकार ने किया मदरसों पर निगरानी का निर्णय, जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों से प्रदेश में मौजूद सभी निजी और सरकारी मदरसों की जानकारियों मंगवाईं. वहीं दूसरी तरफ मदरसा संचालक सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं.

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Updated: July 17, 2019, 12:34 PM IST
अब सूबे के सभी मदरसों पर होगी योगी सरकार की पैनी नजर
सरकार का कहना है कि मदरसों की गुणवत्ता को लेकर हमेशा से ही काम करते आए हैं. (फाइल फोटो)
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Updated: July 17, 2019, 12:34 PM IST
उत्तर प्रदेश में अब मदरसों पर सरकार की खास नजर होगी. मदरसों से संबंधित सभी डीटेल सरकार के पास मौजूद होगी और इन पर निगरानी भी रखी जाएगी. सरकार ने यह निर्णय बिजनौर के एक मदरसे से हथियार बरामद होने के बाद लिया है. हथियारों की बरामदगी के बाद मदरसों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे. यहां तक की कुछ लोगों ने ऐसे मदरसों को बंद तक करने की अपील की थी. लेकिन अब सरकार ने रास्ता निकालते हुए मदरसों की मॉनिटरिंग का फैसला किया है.

मदरसों में पढ़े बच्चे भी बनें आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर
मदरसों की निगरानी के संबंध में राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि हम हमेशा से ही मदरसों की गुणवत्ता पर काम करते रहे हैं. सरकार की कोशिश है कि मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे भी आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर बन सकें. इसके लिए हम लगातार इस तरफ ध्यान दे रहे हैं. मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के साथ ही सभी आधुनिक सुविधाएं वहां पर उपलब्‍ध करवाने का काम सरकार कर रही है.

मांगी सभी मदरसों की जानकारी

सूचना के अनुसार सरकार ने प्रदेश में मौजूद सभी मदरसों की जानकारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों से मांगी है. अधिकारियों को निजी और सरकारी सभी मदरसों की पूर्ण जानकारी देनी होगी. इस दौरान मोहसिन ने कहा कि सूबे में कई मदरसे ऐसे हैं जो मानकों को पूरा नहीं करते हैं और इनका बंद होना जरूरी है. सरकार ऐसे मदरसों पर पूर्ण तौर पर अंकुश लगाएगी.

मदरसा संचालकों ने किया विरोध
वहीं सरकार के ‌इस फैसले के खिलाफ मदरसा संचालक आ गए हैं. उनका कहना है कि बिजनौर में जो हुआ वह गलत था और ऐसे में कार्रवाई होनी जरूरी है. लेकिन एक मदरसे के नाम पर सभी मदरसों को निशाना बनाना गलत है. मदरसा संचालक मौलाना हारून ने कहा कि सरकार की नजर में सिर्फ मदरसे ही खटकते हैं इसलिए घूमफिर कर मदरसों को ही एजेंडा बनाया जाता है. जबकि सरकार को चाहिए कि मदरसों के हालात बेहतर करने के जो वादे किए गए थे उन्हें पूरा किया जाए.
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First published: July 17, 2019, 12:29 PM IST
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