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UP MLC Election 2021: समाजवादी पार्टी ने की दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा, अब और भी रोचक होगा चुनाव

यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है.
यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है.

यूपी के विधान परिषद चुनाव (UP MLC Election) में समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है. इसके बाद से विधान परिषद चुनाव (Elections) और भी ज्यादा रोचक हो गये हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 5:33 PM IST
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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने यूपी के विधान परिषद चुनाव (UP MLC Election) में अपने दो उम्मीदवीरों के नामों की घोषणा कर दी है. सपा ने नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मंत्री अहमद हसन और प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. विधायकों की संख्या बल के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी इस चुनाव में एक सीट जीत सकती है, लेकिन पार्टी ने दूसरे प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार सुबह प्रदेश कार्यालय में विधायकों के साथ बैठक के बाद प्रत्याशियों का ऐलान किया है. बैठक में सपा प्रत्याशी के प्रस्तावक कौन-कौन से विधायक होंगे यह भी तय किया गया है. बता दें कि प्रदेश में विधान परिषद की 12 सीटों पर 28 जनवरी को चुनाव होने हैं.

विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी ने दूसरा प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. विधायकों की संख्या के अनुसार समाजवादी पार्टी 12 सीटों में से सिर्फ एक प्रत्याशी को ही जीत दिला सकती है. सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी की निगाह बहुजन समाज पार्टी के साथ ही दूसरे दलों के कुछ असंतुष्ट विधायकों का समर्थन हासिल अपनी दूसरी सीट जीतने पर है. समाजवादी पार्टी ने पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव में अंतिम समय में प्रकाश बजाज को उतार कर भारतीय जनता पार्टी के खेमे में हलचल मचा दी थी. समाजवादी पार्टी इस बार विपक्षी दलों में सेंध मारने की रणनीति बना ली है.



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विधानसभा में ऐसा है पार्टियों का संख्या बल
उत्तर प्रदेश विधान सभा में भारतीय जनता पार्टी के पास सहयोगी दलों को मिलाकर कुल 319 विधायक हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के 48 विधायक हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी के 18 विधायकों में पांच ने बीते नवंबर में राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी से बगावत कर दी थी. इसके बाद बहुजन समाज पार्टी ने अपने बागी नेताओं को नोटिस जारी किया था. जबकि रामवीर उपाध्याय को पार्टी ने सदस्यता से निलंबित कर दिया है. इस लिहाज से विधानसभा में पार्टी सदस्यों की संख्या 10 के करीब हो गई है. वहीं, कांग्रेस के सात विधायकों में से दो बागी रुख अपनाए हुए हैं, जिसके चलते पांच ही विधायक पार्टी के साथ हैं.

इनका कार्यकाल हो रहा है खत्म
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, विधान परिषद सभापति रमेश यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, सपा के आशु मलिक, रामजतन राजभर, वीरेंद्र सिंह व साहब सिंह सैनी के अलावा बसपा के धर्मवीर सिंह अशोक, प्रदीप कुमार जाटव व नसीमुद्दीन की सीटें हैं. हालांकि नसीमुद्दीन कांग्रेस में पहले ही शामिल हो चुके हैं और उनकी विधान परिषद की सदस्यता खत्म की जा चुकी है.
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