यूपी पंचायत चुनाव: होली के बाद किसी भी दिन लग जाएगी आचार संहिता, 20 मार्च को जारी होगी 5 पदों के लिए आरक्षण की सूची


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ के आदेश पर पंचायती राज विभाग तेजी से काम में जुट गया है

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ के आदेश पर पंचायती राज विभाग तेजी से काम में जुट गया है

Code of Conduct for Panchayat Election: इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, 25 मई तक हर हाल में पंचायत चुनावों को खत्म कर लेने की सरकार के सामने मजबूरी है. 27 मार्च तक सभी पदों के लिए विभाग को आरक्षण की सूची जारी करनी है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ के आदेश पर पंचायती राज विभाग तेजी से काम में जुट गया है. 27 मार्च तक सभी पदों के लिए विभाग को आरक्षण की सूची जारी करनी है. इस दिशा में तेजी से काम करते हुए पंचायती राज निदेशालय ने जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर तो आरक्षण की सूची जारी कर दी है, लेकिन बाकी पदों के लिए आरक्षण की सूची के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. सभी जिलों में बाकी पदों के लिए आरक्षण की सूची 20 मार्च को जारी की जाएगी. हालांकि सूची करने के लिए 22 मार्च तक का समय जिला प्रशासन को दिया गया है.

जहां तक ब्लॉक प्रमुख के पदों की बात है तो इसके लिए पदों का आवंटन कर दिया गया है. यानी विभाग ने ये सूची जारी कर दी है कि किस जिले में कितने पद आरक्षित होंगे और कितने सामान्य. अब जिला प्रशासन को साल 2015 को आधार वर्ष मानकर सीटों पर आरक्षण करना बाकी है. 22 मार्च तक सभी पदों के लिए आरक्षण जारी कर दिया जाएगा.

नियम यह है कि आरक्षण की सूची जारी करने के बाद इसपर आम जनता से आपत्तियां भी मांगी जाएं, जिससे किसी को कोई गलती लगती हो तो उसे दुरुस्त किया जा सके. इसके लिए चार दिनों का समय दिया गया है. 20 मार्च से 23 मार्च तक लोगों की आपत्तियां ली जाएंगी. अगले दो दिनों में यानी 24 और 25 मार्च को आई आपत्तियों का परीक्षण किया जाएगा.

इन्हीं दो दिनों में उनका निस्तारण भी कर दिया जाएगा. अगले दिन यानी 26 मार्च को आरक्षण की अंतिम सूची पंचायती राज निदेशालय को भेजनी होगी. पंचायती राज जिलों से मिली आरक्षण की सूची को राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपेगा. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सूची के एक हफ्ते के भीतर ही पंचायत चुनावों की घोषणा आयोग कर देगा. यानी होली के तुरंत बाद पंचायत चुनावों की घोषणा हो जाएगी और राज्य में आचार संहिता लग जाएगी.
बता दें कि हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक 25 मई तक हर हाल में पंचायत चुनावों को खत्म कर लेने की सरकार के सामने मजबूरी है.
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