जिस घर में परिवार वाले होते थे उसे इसलिए निशाना बनाता था चोरों का यह गिरोह

गिरोह के पास से लाखों रुपये के जेवर और बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद हुए हैं. चोरी और डकैती करने वाला यह गिरोह पेशेवर है. गिरोह के सभी सदस्य आपस में भाई या रिश्तेदार हैं.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 11:12 AM IST
जिस घर में परिवार वाले होते थे उसे इसलिए निशाना बनाता था चोरों का यह गिरोह
फोटो- हाल ही में बावरिया गिरोह द्वारा की गईं कुछ चोरी और लूट का माल भी बरामद हुआ.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 11:12 AM IST
आपने अक्सर सुना होगा कि चोर उस घर को निशाना बनाते हैं जो घर खाली हो. घर के सदस्य घर में न हों. लेकिन यूपी (UP) की एक साइबर क्राइम टीम ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो उन घरों को निशाना बनाता था जहां परिवार वाले यानि घर के सदस्य मौजूद हों. इस गिरोह के पास से लाखों रुपये के जेवर और बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद हुए हैं. चोरी और डकैती करने वाला यह गिरोह पेशेवर है. गिरोह के सभी सदस्य आपस में भाई या रिश्तेदार हैं. गिरोह के पास से बेहोश करने वाला नशीला पाउडर भी बरामद हुआ है.

ऐसे घरों में चोरी करता था बावरिया गिरोह

एक अंदाज में चोरी और डकैती करने वाला यह गिरोह बावरिया (bawariya) के नाम से जाना जाता है. गिरोह के पकड़े गए सदस्य राजकुमार बावरिया ने साइबर (cyber) यूनिट को बताया कि उनका गिरोह ऐसे घरों को निशाना बनाता था जहां लोग मौजूद हों. क्योंकि होता यह है कि जब घर के लोग कहीं बाहर जाते हैं तो नकदी और सोना-चांदी ठिकाने लगा जाते हैं या फिर अपने रिश्तेदार या पड़ोसी के घर रखवा जाते हैं जिससे उनके हाथ कुछ नहीं लग पाता है.

राजस्थान का है यह खूंखार पेशेवर गिरोह  

आईजी ज़ोन आगरा ए. सतीश गणेश की साइबर टीम ने बावरिया गिरोह के राजुकमार को गिरफ्तार किया है. साइबर मामलों के तेजतर्रार इंस्पेक्टर शैलेश कुमार सिंह ने बताया, “मूल रूप से भरतपुर, राजस्थान (rajasthan) का रहने वाला यह गिरोह सिर्फ चोरी और डकैती डालने का काम करता है. यह गिरोह चोरी और डकैती के दौरान रुकावट बनने पर किसी का भी और कभी-कभी पूरे परिवार का कत्ल तक कर देता है.”

फोटो- आईजी ज़ोन आगरा की तेजतर्रार साइबर टीम.


लूट के सोने पर लोन लेता था गिरोह
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इंस्पेक्टर शैलेश कुमार सिंह ने बताया, “पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह लूटे गए सोने पर गोल्ड लोन था. क्योंकि पुलिस की सख्ती बढ़ने के चलते अब कोई भी दुकानदार चोरी और लूट का सोना खरीदने से डरता है. इसलिए गिरोह ने सोने को ठिकाने लगाने के लिए यह तरीका निकाला है.”

चोरी में करता था नशीले पाउडर का इस्तेमाल

चोरी करने के दौरान घर के सदस्य जाग न जाएं इसके लिए गिरोह घर में मौजूद हर छोटे-बड़े सदस्य के मुंह पर नशीला पाउडर छिड़क देता था. जिससे सभी घर वाले सुबह तक के लिए बेहोश हो जाते थे.

बावरिया का इनसाइक्लोपीडिया देवेन्द्र भदौरिया

साइबर टीम में एक मुख्य आरक्षी (सिपाही) देवेन्द्र भदौरिया भी शामिल है. पुलिस महकमे में देवेन्द्र को बावरिया गिरोह का इनसाइक्लोपीडिया कहा जाता है. शायद ही बावरिया गिरोह का ऐसा कोई सक्रिय और पुराना बदमाश होगा जो देवेन्द्र की निगाह से बचा हो. हाल ही में देवेन्द्र ने गोरखपुर की एक बैंक डकैती में शामिल दो बवारिया को धुंधली सी सीसीटीवी फुटेज में पहचान लिया था. यहां तक की एक बदमाश तो मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे, बावजूद इसके देवेन्द्र ने उसे उसकी कद-काठी से पहचान लिया था. बाद में यह पकड़े भी गए. आईजी ज़ोन ने टीम को इस काम के लिए नकद इनाम की घोषणा भी की है.

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First published: August 12, 2019, 11:12 AM IST
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