उत्‍तर प्रदेश: थाने जाने का झंझट खत्‍म, अब इस तरीके से कराएं घर बैठे FIR

एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए एंड्रॉयड फोन के प्ले स्टोर में जाकर यूपी कॉप सर्च करना होगा. डाउनलोड होने के बाद एप पर शिकायतकर्ता को अपना पंजीकरण कराना होगा.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 21, 2019, 12:10 PM IST
उत्‍तर प्रदेश: थाने जाने का झंझट खत्‍म, अब इस तरीके से कराएं घर बैठे FIR
यूपी कॉप एप पर 27 सुविधाएं मिलेंगी.
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Updated: June 21, 2019, 12:10 PM IST
उत्तर प्रदेश के लोगों को चोरी, लूट, साइबर जालसाजी जैसी घटनाओं समेत अन्य मामलों में एफआईआर न दर्ज होने पर पुलिस थानों का चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं है. वहीं, अब यूपी पुलिस के मोबाइल एप्लीकेशन 'यूपी कॉप एप' के माध्यम से अज्ञात के खिलाफ ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी.

'यूपी कॉप एप' तैयार करने वाले एडीजी (तकनीकी सेवा) आशुतोष पांडेय के मुताबिक, इन मामलों में पीड़ित को थानों के चक्कर लगाने होते हैं और समय से एफआईआर दर्ज न होने पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है. आम नगरिकों की सहूलियत और पुलिस का बोझ कम करने के लिए इस प्रकार का एप तैयार किया गया है.

एप पर मिलेंगी 27 सुविधाएं
'यूपी कॉप एप' पर पुलिस से संबंधित कुल 27 तरीके की सुविधाएं हासिल करने के लिए लोगों को थानों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, जिसमें नौकरों का सत्यापन, चरित्र प्रमाणपत्र के लिए आवेदन व सत्यापन, धरना-प्रदर्शन, समारोह और फिल्म शूटिंग के लिए अनुमति आदि शामिल है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को भी एप के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

आसानी से मिलेगी रिपोर्ट
इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, दुर्व्यवहार की रिपोर्ट, लावारिस लाश, गुमशुदा की तलाश, चोरी गई और रिकवर हुई गाड़ियों की जानकारी भी एप पर उपलब्ध होगी.

एडीजी आशुतोष पांडेय ने न्‍यूज़ एजेंसी आईएएनएस से कहा, 'अब लोगों को थानों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. थाना उनके मोबाइन फोन में है. बस, एक क्लिक करें और यूपी कॉप एप डाउनलोड कर ई-एफआइआर दर्ज करें.
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ऐसे करें एप का इस्‍तेमाल
एडीजी आशुतोष पांडेय के मुताबिक, एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए एंड्रॉयड फोन के प्ले स्टोर में जाकर यूपी कॉप सर्च करना होगा. डाउनलोड होने के बाद एप पर शिकायतकर्ता को अपना पंजीकरण कराना होगा. इससे उसकी अपनी खुद की आईडी बन जाएगी. जबकि आईडी बनाने के लिए पीड़ित को अपना नाम मोबाइल नंबर भी अपडेट करना होगा. आईडी बनने के बाद इसे लॉगइन किया जा सकता है.

24 घंटे की मिलेगी जानकारी
इस एप के माध्यम से एक आम नागरिक भी बीते 24 घंटे में किसी जिले या थानाक्षेत्र में हुई गिरफ्तारी का विवरण देख सकता है. यही नहीं, इनामी बदमाशों, जिला बदर अपराधियों और गुंडा एक्ट के मामलों की सूची भी एप पर उपलब्ध है. जबकि थाने, क्षेत्राधिकारी या पुलिस अधीक्षक के मोबाइल नंबर भी इस एप के 'कॉल अस बटन' पर उपलब्ध हैं. इसके अलावा किसी तरह की सूचना पुलिस से साझा करने का विकल्प भी इस एप पर है, जहां आपकी पहचान को गोपनीय रखा जाएगा.

(एजेंसी इनपुट)

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First published: June 21, 2019, 12:00 PM IST
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