बैंक ने बिजनेस के लिए नहीं दिया कर्ज, किसान ने किडनी बेचने का दिया इस्तेहार

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Updated: August 22, 2019, 11:23 AM IST
बैंक ने बिजनेस के लिए नहीं दिया कर्ज, किसान ने किडनी बेचने का दिया इस्तेहार
किडनी बेचने का इस्तेहार देने वाले राम कुमार का दावा है कि सोशल मीडिया पर उसके पोस्ट देखकर दुबई (Dubai) और सिंगापुर (Singapore) से कुछ लोगों इसमें दिलचस्पी दिखाई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

किडनी बेचने का इस्तेहार देने वाले राम कुमार का दावा है कि सोशल मीडिया पर उसके पोस्ट देखकर दुबई (Dubai) और सिंगापुर (Singapore) से कुछ लोगों इसमें दिलचस्पी दिखाई है.

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सरकारें और वित्तीय संस्थान (बैंक) समय-समय पर किसानों की मदद की बात कहती हैं. मगर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सहारनपुर (Saharanpur) में एक किसान को कर्ज नहीं मिलने का मामला सामने आया है. किसान का दावा है कि उसने व्यवसाय (बिजनेस) शुरू करने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank Of India) से लोन मांगा था. लेकिन उसे ठुकरा दिया गया. हताश होकर किसान ने सोशल मीडिया (Social Media) पर अपनी किडनी (Kidney) बेचने का ऐलान किया है. उसने पूरे शहर में इसके पोस्टर भी लगवा दिए हैं. किसान का दावा है कि सोशल मीडिया पर उसके पोस्ट देखकर दुबई (Dubai) और सिंगापुर (Singapore) से कुछ लोगों इसमें दिलचस्पी दिखाई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार 30 वर्षीय राम कुमार अपने खेत में गेहूं की खेती करते हैं. मगर इससे उसके छ लोगों के परिवार का गुजर-बसर नहीं होता है. उनके मुताबिक वो केवल 3000 हजार रुपए महीने कमा पाते हैं. परिवार को बेहतर जिंदगी देने के लिए वो बिजनस शुरू करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने बैंक से लोन मांगा था. मगर बैंक द्वारा कर्ज नहीं देने से हताश होकर राम कुमार ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि वो अपनी किडनी बेचना चाहते हैं. इसके अलावा उन्होंने शहर में इस संबंध में पोस्टर भी लगवाए. किसान के पोस्टर की शहर में काफी चर्चा है.

कौशल विकास योजना का कोर्स करने के बाद भी लोन नहीं मिला

राम कुमार ने बताया कि बैंक ने जब लोन देने से मना किया तो कुछ लोगों ने बताया कि मुझे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PM Kaushal Vikas Yojana) के तहत कोर्स करना चाहिए. इसके बाद लोन मिलना मुमकिन होगा. लेकिन कोर्स करने के बाद भी मुझे लोन नहीं मिला. तब मजबूरी में मुझे ये रास्ता चुनना पड़ा.

इस मामले में किरकिरी होने के बाद बैंक के सहारनपुर मुख्य शाखा के चीफ मैनेजर राजेश चौधरी ने कहा, 'राम कुमार को लोन इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि वो जिस ब्रांच में गए थे, उस पर करीब 40 करोड़ का एनपीए (Non Performing Asset) है. हालांकि इसके बावजूद मैं संबंधित ब्रांच से उनके आवेदन पर पुनर्विचार के लिए कहूंगा. मैं भी देखूंगा कि मैं इस संबध में उनकी किस तरह से सहायता कर सकता हूं.'

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First published: August 22, 2019, 11:22 AM IST
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