लाइव टीवी

BHU में देश के राजनीतिक भविष्य पर अपनी राय रखेंगे अमित शाह, CM योगी भी रहेंगे मौजूद

Upendra Dwivedi | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 15, 2019, 8:17 PM IST
BHU में देश के राजनीतिक भविष्य पर अपनी राय रखेंगे अमित शाह, CM योगी भी रहेंगे मौजूद
बनारस में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्‍यमंत्री योगी रहेंगे मौजूद.

गृह मंत्री और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह (Amit Shah) बीएचयू में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेने के लिए 17 अक्टूबर को वाराणसी पहुंच रहे हैं. इस दौरान उनके साथ यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) भी मौजूद रहेंगे.

  • Share this:
वाराणसी. अयोध्या फैसले पर अटकलों के बीच गृह मंत्री और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह (Amit Shah) बीएचयू में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेने के लिए 17 अक्टूबर को वाराणसी पहुंच रहे हैं. संगोष्ठी में उनके साथ यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) भी मौजूद रहेंगे. बीएचयू (BHU) में भारत अध्ययन केंद्र की ओर से ये दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है.

ये है संगोष्ठी का विषय
गुप्तवंशक वीर (स्कंदगुप्त विक्रमादित्य) का ऐतिहासिक स्मरण और राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य है. जबकि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश विदेश के नामचीन इतिहासकार भी पहुंच रहे हैं. गृहमंत्री और सीएम के कार्यक्रम के मद्देनजर बीएचयू और जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. सीएम योगी 16 अक्टूबर को देर शाम ही वाराणसी पहुंच जाएंगे. अब तक तय कार्यक्रम के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह 17 अक्टूबर की सुबह बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे बीएचयू पहुंचेंगे. वहां आयोजित इस संगोष्ठी को संबोधित करने के बाद वे बीएचयू में बन रहे वैदिक विज्ञान केंद्र का निरीक्षण करेंगे. पार्टी सूत्रों की माने तो वे बीएचयू एलडी गेस्ट हाउस में ही पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर सकते हैं. यहां से वे शाम को दिल्ली रवाना होंगे.

भारत अध्ययन केंद्र के चेयरमैन ने कही ये बात

अमित शाह और सीएम योगी के अलावा देश विदेश के बड़े इतिहासकार भी इसमें हिस्सा लेंगे. भारत अध्ययन केंद्र के चेयर प्रोफेसर राकेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि कालखंड 453 से 467 ईस्वी में भारत को कई अतिक्रमणकारियों से स्कंदगुप्त विक्रमादित्य ने बचाया था. यही नहीं, जिन भयानक बर्बर हूणों के आक्रमण से चीन भी घबरा गया, उनसे भी अपनी मातृभूमि को उन्‍होंने बचाया. लेकिन दुख की बात है कि इतिहास ने उनकी भूमिका को कभी महत्वपूर्ण स्थान नहीं दिया. उसी वीर स्कंदगुप्त को याद करने के लिए ये अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई है.

ये भी पढ़ें-

प्रियंका गांधी की 'पाठशाला', कांग्रेस में जान फूंकने के लिए रायबरेली में 3 दिन मिलेगी नेताओं को ट्रेनिंग
Loading...

यूपी में अपराध रोकने को योगी सरकार का नया फॉर्मूला, हर जिले में हुई नोडल अफसर की तैनाती

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए वाराणसी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 15, 2019, 8:13 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...