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यूपी में बीजेपी का गणित यूं बिगाड़ सकता है अपना दल

यूपी में बीजेपी का गणित यूं बिगाड़ सकता है अपना दल

मंत्री अनुप्रिया पटेल और पीएम मोदी

मंत्री अनुप्रिया पटेल और पीएम मोदी

राजनीतिक तौर पर देश के सबसे बड़े राज्य यूपी (उत्तर प्रदेश) में 80 लोकसभा सीटें हैं. पीएम नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी उनमें से एक है.

अपना दल की नेता और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी बगावती तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं. दरअसल वाराणसी सीट पर कुर्मी वोटर भी निर्णायक भूमिका में हैं. वाराणसी की गिनती देश की सबसे वीवीआईपी सीटों में होती है. 2019 के आम चुनाव की सुगबुगाहट धीर-धीरे रफ्तार पकड़ रही है. ये चुनाव मोदी के लिए खासा महत्वपूर्ण है, क्योंकि साल 2014 में हुए आम चुनाव के नतीजे कई मायनों में ऐतिहासिक थे. राजनीतिक तौर पर देश के सबसे बड़े राज्य यूपी (उत्तर प्रदेश) में 80 लोकसभा सीटें हैं. पीएम नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी उनमें से एक है.

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जातीय ब्लू प्रिंट 

यूपी के जातीय ब्लू प्रिंट पर नजर डालें तो पूर्वांचल और सेंट्रल यूपी के करीब 32 विधानसभा सीटें और आठ लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिन पर कुर्मी, पटेल, वर्मा और कटियार मतदाता चुनाव में निर्णयाक भूमिका निभाते हैं. पूर्वांचल के कम से कम 16 जिलों में कहीं 8 तो कहीं 12 फ़ीसदी तक कुर्मी वोटर राजनीतिक समीकरण बदलने की हैसियत रखते हैं.

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ये रहा आंकड़ा
आंकड़ों पर नजर डाले तो मौजूदा समय में अनुप्रिया पटेल की अपना दल उत्तर प्रदेश में कुर्मी (पटेल) जाति पर खास दबदबा रखती है. राज्य की प्रतापगढ़, फूलपुर, प्रयागराज (इलाहाबाद), गोंडा, बाराबंकी, बरेली, खीरी, धौरहरा, बस्ती, बांदा, मिर्जापुर और वाराणसी लोकसभा सीटों पर कुर्मियों का अच्छा-खासा प्रभाव है. पूर्वी और सेंट्रल यूपी की इन सीटों पर कुर्मी वोटरों की संख्या 8 से 12 प्रतिशत तक है, जो चुनाव नतीजों को मोड़ने के लिए अहम साबित हो सकते हैं.

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सिर्फ पटेल मतदाताओं की बात करें तो वो प्रयागराज, फूलपुर, प्रतापगढ़, बस्ती, मिर्जापुर और वाराणसी में चुनाव को प्रभावित करने की भूमिका में हैं. वर्तमान समय में अपना दल के पास दो सीटें हैं- मिर्जापुर (अनुप्रिया पटेल) और प्रतापगढ़ (कुमार हरिवंश सिंह),  इनके अलावा 9 विधानसभा सीटों पर भी उसका कब्जा है.

इन सीटों पर है दबदबा
अपना दल का वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, इलाहाबाद, फूलपुर, चंदौली, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में खासी पकड़ मानी जाती है. अगर अपना दल अलग राह अख्तियार करती है तो बीजेपी के सामने चुनौती और बड़ी होगी.

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2014 में दो सीटों पर अपना दल जीता था
2014 में अपना दल ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और दो सीटों- मिर्जापुर और प्रतापगढ़ पर चुनाव लड़ा था. मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल जीती थीं और प्रतापगढ़ से कुंवर हरिवंश सिंह संसद पहुंचे थे. कहा जा रहा है कि इस बार अपना दल ने 10 सीटों की मांग की थी. इसमें फूलपुर, प्रयागराज समेत कई महत्वपूर्ण सीट शामिल है.

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हार्दिक पटेल की एंट्री
वाराणसी सीट खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट है. अगर अपना दल ने बीजेपी का साथ नहीं दिया तो विपक्ष यहां पर मोदी को घेरने के लिए सारे दांव लगा देगा. चर्चा यहां तक है कि पाटीदार नेता हार्दिक पटेल प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं. खबरें ये भी हैं कि उन्हें अखिलेश से दोस्ती का फायदा मिल सकता है और समाजवादी पार्टी उनको अपने गठबंधन का उम्मीदवार बना सकती है. आपको बता दें कि मोदी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों सीटें जीत ली थीं.

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Tags: Anupriya Patel, Ayodhya, BJP, Pm narendra modi, PMO, RSS, UP police, Uttar pradesh news, Uttar Pradesh Politics, Varanasi news, VHP, Yogi adityanath

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