Varanasi News: अकबरी टोपी और खादी का धोती कुर्ता पहन बाबा विश्वनाथ चले ससुराल, जानें कब से चली आ रही है ये परंपरा

बाबा के अकबरी टॉपी और खादी का धोती व कुर्ता पहनने की परंपरा 357 साल पुरानी है.

बाबा के अकबरी टॉपी और खादी का धोती व कुर्ता पहनने की परंपरा 357 साल पुरानी है.

बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) अकबरी टॉपी (Akbari cap) और खादी का धोती व कुर्ता पहनकर माता पार्वती का गौना कराने अपनी ससुराल चल दिए हैं. इसी दिन बाबा और माता पार्वती के साथ लोग अबीर की होली खेलते हैं, जिसके बाद काशी में होली की शुरुआत होती है.

  • Share this:
वाराणसी. रंगभरी एकादशी का उत्सव धर्म नगरी वाराणसी (Varanasi) में अपने आप में अनोखा होता है. इस दिन बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) माता पार्वती का गौना कराने अपनी ससुराल जाते हैं. ऐसे में बाबा के लिए खास परिधान बनता है जिसमें गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल के साथ-साथ राष्ट्रीयता की प्रतीक खादी भी शामिल होती है. करीब 357 साल पुरानी इस परम्परा में जहां बाबा की पगड़ी को एक मुस्लिम परिवार बनाता है, तो बाबा का बाकी का परिधान खादी का होता है, जो कि उन्‍हें आजादी के बाद से पहनाया जा रहा है.

हर साल रंगभरी एकादशी का उत्सव शिव नगरी में बड़े हज हर्षोउल्लास ने मनाया जाता है. सैकड़ों की संख्या में डमरू और घंटे घड़ियाल की आवाजों से बनारस का कोना कोना गुंजायमान हो जाता है. इसी दिन बाबा और माता पार्वती के साथ लोग अबीर की होली खेलते हैं, जिसके बाद काशी में होली की शुरुआत होती है. हजारों की संख्या में भक्त यहां शामिल होकर बाबा को अबीर लगाते हैं.

बाबा की अकबरी टोपी और...

हालांकि इस दिन सबसे आकर्षण का केंद्र होता है बाबा की अकबरी टोपी, जिसे पिछले सैकड़ों सालों से एक मुस्लिम परिवार बनाता आ रहा है. वाराणसी के लल्लापुरा इलाके में रहने वाले गयासुद्दीन जिनकी उम्र अभी लगभग 72 साल है बावजूद उसके वो बाबा की अकबरी टोपी बना रहे हैं. गयासुद्दीन की ये तीसरी पीढ़ी है जो बाबा के लिए हर रंगभरी एकादशी पर पगड़ी तैयार करती है वो भी बिना पैसे लिए. इस पगड़ी का नाम अकबरी टोपी है, जिसे बाबा के राजतमयी प्रतिमा को पहनाया जाता है.
काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत कुलपति तिवारी के मुताबिक, अकबरी टॉपी के साथ बाबा का राजतमयी प्रतिमा को धोती कुर्ता पहनाया जाता है जो कि खादी का होता है. यह खादी का धोती कुर्ता उन्हें आजादी के बाद से पहनाया जाना शुरू किया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज