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BHU के विश्व पंचांग पर 'राहु की छाया', कॉस्ट कटिंग की मार ऐसी कि नहीं छप सका पंचांग

बीएचयू से हर साल छपने वाले विश्व पंचांग अब तक नहीं छप सका है.

बीएचयू से हर साल छपने वाले विश्व पंचांग अब तक नहीं छप सका है.

BHU News: बीएचयू से छपने वाले विश्व पंचांग की पहली प्रति अक्टूबर महीने में आ जाती थी, लेकिन इस बार चार महीने देरी के बा ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- अभिषेक जायसवाल

वाराणसी. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने दान के पैसे से काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी. इस विश्वविद्यालय में उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय की स्थापना भी की थी. महामना ने जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, वहीं उनके द्वारा संपादित हिंदी पंचांग फंड के अभाव में नहीं छप सका. बता दें कि पिछले 97 सालों से बीएचयू के एसवीडीवी संकाय के पंचाग विभाग द्वारा इस विश्व पंचांग को छापा जाता था. दरअसल महामना पंडित मोहन मालवीय और प्रकांड विद्वान रामयत्न ओझा द्वारा इसकी शुरुआत की गई थी.

जानकारी के मुताबिक, बीएचयू से छपने वाले विश्व पंचांग की पहली प्रति अक्टूबर महीने में आ जाती थी, लेकिन इस बार चार महीने देरी के बाद भी ये पंचांग नहीं छप सका. सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके कॉस्ट कटिंग के लिए विभाग को पत्र भेजा था. इस पत्र के बाद कॉस्ट कटिंग के लिए पहले पंचांग के पेपर की क्वालिटी को कम करने पर चर्चा हुई, लेकिन प्रिंटिंग प्रेस ने खराब क्वालिटी के कागज पर इसे छापने से इनकार कर दिया और फिर फाइल विश्वविद्यालय के दफ्तरों के चक्कर काटती रही.

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कांग्रेस ने उठाया सवाल
इस बीच कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने भी ट्वीट कर इसका मुद्दा उठाया. ट्विटर पर अजय राय ने लिखा कि,’मालवीय जी के द्वारा संरक्षित संपादित हिन्दू समाज का मार्गदर्शक पंचांग जो कि 125 वर्षों से हिन्दूसमाज के लिए उपलब्ध था उसे इस वर्ष बीएचयू के वर्तमान कुलपति, रजिस्टार कुलसचिव वित्तअधिकरी ने पैसे के आभाव का बहाना कर के छपने से रोक दिया, क्या ये सनातन धर्म के खिलाफ कदम नहीं है ?’

तकनीकी कारणों से हुई देरी
हालांकि इन तमाम विवादों के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिलीज जारी कर ये कहा है कि कुछ तकनीकी कारणों के वजह से विश्व पंचांग के प्रकाशन में विलंब हुआ है. साथ ही बताया कि अब इसके प्रकाशन का काम तेजी से जारी है और बहुत ही जल्द ये पंचांग उपलब्ध होगा.

Tags: Banaras Hindu University, BHU, Varanasi news

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