चंदौली में BJP MLA के गुर्गों ने ग्रामीणों को पीटा, वीडियो वायरल हुआ तो हरकत में आई पुलिस

ग्रामीणों ने विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
ग्रामीणों ने विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल (VIDEO VIRAL) जमकर वायरल हो रहा है. इसमें चकिया से भाजपा विधायक शारदा प्रसाद के प्रतिनिधि अश्वनी दुबे दलितों की पिटाई करते दिख रहे हैं.

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चंदौली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता भले ही प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा सप्ताह का आयोजन कर जनता की सेवा कर रहे हो, लेकिन चंदौली में बीजेपी विधायक ही दलितों को बेघर करने में जुटे हैं. विधायक प्रतिनिधि लोगों को डंडा मार रहे हैं. विधायक (MLA) की मौजूदगी में लोगों को पीटने का वीडियो (Video Viral) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पीड़ितों का आरोप है कि विधायक के गुर्गों ने मड़ई तोड़ दी. यहीं नहीं महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट का भी आरोप लगा है. वहीं इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे है.

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें चकिया से भाजपा विधायक शारदा प्रसाद के प्रतिनिधि अश्वनी दुबे दलितों की पिटाई करते दिख रहे है. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विधायक के गुर्गों ने उनकी मड़ई तोड़ दी. दलितों की बस्ती में जाने वाले मार्ग को जबरन बैरिकेट कर दिया. जब बस्ती के लोगों ने इसका विरोध किया तो ईंट, पत्थर और डंडे से महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की. इसमें कई लोग घायल हो गए हैं.

विधायक पर लगा बड़ा आरोप



यही नहीं चकिया विधायक पर वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप है. बताया जा रहा है कि बीजेपी विधायक जबरन सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. चकिया विधायक शारदा प्रसाद ने भी स्वीकार किया कि वन विभाग की जमीन पर सामान रखने के लिए शेड बनाया गया है. जहां उनके मकान का काम चल रहा है. लेकिन हद तो तब हो गई जब विधायक ने इस घटना पर खेद जताने के बजाय उल्टा पीड़ितों पर ही गाली गलौज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कोई दरवाजे पर गाली देगा तो क्या किया जाएगा. उन्होंने मुक्ति मोर्चा नामक संगठन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस दल के लोग मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश कर रहें है. वहीं लोग वीडियो बनाकर इसे वायरल कर रहे हैं.
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गौरतलब है कि इस पूरे मामले में  पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है. पीड़ितों ने चकिया पुलिस पर आरोप लगाते  हुए कहा की जब वे मंगलवार की शाम शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे तो उनका मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया गया. लोगों का कहना है कि पुलिस भी विधायक के साथ मिली है. हालांकि बाद में मामला मीडिया में आने के बाद हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
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