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वाराणसी: उद्धव ठाकरे और संजय राउत के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल, 29 नवंबर को सुनवाई

News18India
Updated: November 28, 2019, 3:49 PM IST
वाराणसी: उद्धव ठाकरे और संजय राउत के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल, 29 नवंबर को सुनवाई
वाराणसी में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और संजय राउत के खिलाफ परिवाद दाखिल हुआ है.

वाराणसी (Varanasi) में गुरुवार को महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और वरिष्ठ नेता संजय राउत के खिलाफ एसीजीएम कोर्ट में IPC की धारा 417, 416 और 120B के तहत परिवाद दिया है.

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  • Last Updated: November 28, 2019, 3:49 PM IST
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वाराणसी. महाराष्ट्र में आज शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) मुख्‍यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. इस बीच, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के न्यायालय में गुरुवार को महाराष्ट्र में उद्धव और वरिष्ठ नेता संजय राउत के खिलाफ एसीजीएम-6 नेहा रुंगटा की कोर्ट में 417, 416 और 120B धाराओं के तहत परिवाद दायर किया गया है. एडवोकेट कमलेश चन्द्र त्रिपाठी की ओर से दिए गए आवेदन पर 29 नवंबर को होगी.

एडवोकेट कमलेश चंद्र त्रिपाठी का आरोप है कि उद्धव ठाकरे हिन्‍दुओं को बरगला और उन्हें छल कर वोट लिया और फिर भगवा आतंकवाद कहने वालों के साथ मिलकर सरकार बना ली. इससे हिन्‍दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंन कहा कि हमने इसी को लेकर आज वाराणसी की एसीजीएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है. संबंधित धाराओं में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है.

उद्धव आज लेंगे शपथ
ठाकरे परिवार के लिए 28 नवंबर का दिन ऐतिहासिक होने वाला है. बाला साहब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे गुरुवार को महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. यह पहला मौका है जब ठाकरे परिवार का कोई सदस्‍य सत्‍ता में सीधी भागीदारी करने जा रहा है.

भाई राज ठाकरे को भी दिया न्‍योता
इस मौके पर उद्धव ठाकरे अपने चचेरे भाई राज ठाकरे को न्‍योता देना नहीं भूले. उन्‍होंने तमाम मतभेदों को भुलाते हुए छोटे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे को फोन कर शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने का न्‍योता दिया है. राज ने उनका निमंत्रण स्‍वीकार भी कर लिया है. बता दें कि पिछले एक महीने से जारी सियासी उठा-पटक के बीच राज ठाकरे ने पूरी तरह से चुप्‍पी साध रखी थी.

अलगाव के बाद पहली बार एक मंच पर दिखेंगे दोनों भाई
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बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत के उत्‍तराधिकारी के विवाद पर उद्धव और राज ठाकरे में दूरियां बढ़ गई थीं. बाल ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को शिवसेना की कमान सौंप दी थी. इसके बाद राज ने महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना नाम से अलग पार्टी बना ली. ऐसे में दोनों भाइयों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं. ऐसे में यह पहला मौका है जब उद्धव और राज ठाकरे सार्वजनिक तौर पर एक साथ एक मंच पर दिखेंगे. इससे पहले दोनों बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि देने या अन्‍य पारिवारिक मौकों पर ही साथ में नजर आते थे.

राज-उद्धव आ सकते हैं करीब
महाराष्ट्र की राजनीति के जानकार बताते हैं कि शपथ ग्रहण का मौका दोनों भाइयों को साथ लाने में अच्छा अवसर साबित हो सकता है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो शरद पवार के राज ठाकरे के साथ अच्छे संबंध हैं. ऐसे में दोनों भाइयों को साथ लाने में शरद पवार एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं. जानकारों का कहना है कि राज ठाकरे ने बीजेपी और शिवसेना के बीच चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच चुप रहे. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज के मन में उद्धव के प्रति कोई कड़वाहट नहीं है.

रिपोर्ट: अनुज सिंह

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First published: November 28, 2019, 2:54 PM IST
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