• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • हवा बनाने के बाद प्रियंका को वाराणसी से न उतार कांग्रेस ने किया 'सेल्फ गोल'

हवा बनाने के बाद प्रियंका को वाराणसी से न उतार कांग्रेस ने किया 'सेल्फ गोल'

फाइल फोटो

फाइल फोटो

सवाल यह है कि प्रियंका गांधी वाड्रा को वाराणसी से चुनाव लड़वाने की बात को हवा आखिर क्यों दी गई?

  • Share this:
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लग गया है. पीएम मोदी के रोड शो से ठीक पहले गुरुवार को कांग्रेस ने अजय राय को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. अजय राय को पिछले लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट से करारी शिकस्त मिली थी और उनकी जमानत जब्त हो गई थी. वह तीसरे नंबर पर रहे थे. लेकिन, सवाल यह है कि प्रियंका को वाराणसी से चुनाव लड़वाने की बात को हवा आखिर क्यों दी गई? सवाल ये भी है कि जब अजय राय को ही प्रत्याशी बनाना था तो उनके नाम की घोषणा में इतनी देरी क्यों की गई? क्या राहुल गांधी का सरप्राइज पैकेज अजय राय थे?

दरअसल, ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता यह कहते नजर आए कि प्रियंका गांधी को वाराणसी से चुनाव लड़वाने की बात पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है. पिछले 15 दिनों से जब भी राहुल से प्रियंका के चुनाव लड़ने को लेकर पूछा गया तो उनका जवाब होता था, जल्द ही बड़ा सरप्राइज देखने को मिलेगा. प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा ने खुद कहा था कि प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहती हैं और पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है. इसके बाद प्रियंका ने भी कई पब्लिक मीटिंग में इस बात के संकेत दिए कि वह वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं.

ये भी पढ़ेंपीएम मोदी के सामने प्रियंका गांधी को उतारने की थीं अटकलें, कांग्रेस ने अजय राय को उतारकर चौंकाया

इस बात को इसलिए भी बल मिला क्योंकि सपा-बसपा गठबंधन में शामिल न हो पाने के बाद राहुल गांधी ने प्रियंका को सक्रिय राजनीति में उतारकर और पूर्वांचल की कमान सौंपकर सबको चौंकाया था. उन्होंने उस वक्त कहा था कि प्रियंका लोकसभा चुनाव के लिए नहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए आई हैं. उसके बाद प्रियंका के चुनाव लड़ने को लेकर माहौल बनाया गया.

लेकिन, प्रियंका को लेकर इतना हाइप क्रिएट करने के बाद अब अजय राय को मैदान में उतारकर क्या कांग्रेस ने रणनीतिक चूक कर दी है? न्यूज18 के एग्जीक्यूटिव एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं कि प्रियंका को चर्चा में लाकर किसी और को टिकट देकर कांग्रेस ने सेल्फ गोल किया है. उनका कहना है, "कांग्रेस ने बनारस को लेकर एक बार फिर 'सेल्फ गोल' कर दिया. अगर प्रियंका गांधी को चुनाव में नहीं उतारना था तो उन्होंने खुद दो बार वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर क्यों की? प्रियंका गांधी कोई छोटी नेता या कार्यकर्ता नहीं हैं. वह पार्टी हाईकमान का हिस्सा हैं. कांग्रेस में तीन ही बड़े नाम हैं- सोनिया, राहुल और प्रियंका. जब प्रियंका खुद पब्लिक डोमेन में जाकर कहती हैं कि मुझे अच्छा लगेगा बनारस से चुनाव लड़कर और निर्णय अध्यक्ष को करना है. इसके अलावा 15 दिनों में जब भी राहुल ने मीडिया से बातचीत की तो प्रियंका के सवाल पर हास्यास्पद मुस्कान के साथ उन्होंने कहा, थोड़ा सस्पेंस बना रहने दीजिए. लेकिन अगर प्रियंका को मोदी के खिलाफ नहीं उतारना था तो कांग्रेस अध्यक्ष को ये हास्यास्पद मुस्कान नहीं बिखेरनी चाहिए थी."

ये भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव 2019: बीजेपी के बागी उदित राज कांग्रेस के लिए कितने कारगर?

अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं कि प्रियंका के नाम पर राहुल ने यह भी संदेश देने की कोशिश की कि उनके पास मोदी के खिलाफ ट्रम्प कार्ड है. लेकिन अगर अजय राय को ही चुनाव लड़वाना था तो इतनी देरी क्यों की? वह 2014 में भी मोदी के खिलाफ लड़ चुके थे. उनके पास अजय राय का पूरा बायोडाटा था. तो उन्होंने उनके नाम की घोषणा पहली लिस्ट में क्यों नहीं की? प्रियंका का नाम लेने के बाद अजय राय को मैदान में उतारना ही क्या कांग्रेस का ट्रम्प कार्ड है? इस बात को तो कोई भी स्वीकार नहीं करेगा. इसलिए यहां कांग्रेस से रणनीतिक स्तर पर बड़ी चूक हुई है. जिसकी वजह से पब्लिक में दो गलत संदेश गए कि राहुल गांधी बनारस में मोदी के खिलाफ प्रियंका को मैदान में उतारने से डर गए. दूसरा ये कि प्रियंका गांधी कहती तो हैं कि वह डेयरिंग हैं, लेकिन वो इतना साहस नहीं जुटा पाईं कि मोदी के खिलाफ काशी में पर्चा भरें.

उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका गांधी भी दिल से चाह रही थीं कि वह वाराणसी से चुनाव लड़ें, तो ये बात भी कोई नहीं मानेगा कि उन्हें टिकट नहीं मिला. क्योंकि पार्टी में उनकी हैसियत टिकट मांगने की नहीं टिकट देने की है. लिहाजा वाराणसी में कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया है. एक गलत रणनीति बनाई. एक तरह से अवांछित सस्पेंस का माहौल बनाया. जिसका अंत अपरिपक्व ढंग से हुआ. कांग्रेस से गलती हुई और जिन लोगों ने राहुल गांधी को सलाह दी वे दो स्तर पर दोषी हैं. पहले वे लोग जिन्होंने प्रियंका के लिए माहौल बनाने की सलाह दी. उसके बाद वे लोग जिन्होंने कहा कि अब प्रियंका की जगह अजय राय को मैदान में उतारो. अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं अब कांग्रेस ने बीजेपी को यह कहने का भी मौका दे दिया है कि उनका ब्रह्मास्त्र पीएम मोदी के सामने डर गया.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

 

 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज