Covid-19: धर्मनगरी वाराणसी में गंगा आरती पर भी कोरोना का साया, DM ने दिए नए आदेश

संकटमोचन दरबार में भी प्रसाद रूपी चंदामृत पर प्रतिबंध लग गया है.

संकटमोचन दरबार में भी प्रसाद रूपी चंदामृत पर प्रतिबंध लग गया है.

Corona News: गंगा आरती (Ganga Aarti) भी एक बार फिर प्रतिबंधों के दायरे में घिर गई है. वाराणसी के डीएम ने आदेश दिया है कि अब सुबह 6:00 बजे से पहले और शाम को 4:00 बजे के बाद घाट पर प्रतिबंध रहेगा.

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वाराणसी. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों का असर एक बार फिर धर्मनगरी वाराणसी (Varanasi) के मठ, मंदिरों, घाटों और गलियों में दिखने लगा है. इसी कड़ी में अब गंगा आरती (Ganga Aarti) भी एक बार फिर प्रतिबंधों के दायरे में घिर गई है. वाराणसी के डीएम ने आदेश दिया है कि अब सुबह 6:00 बजे से पहले और शाम को 4:00 बजे के बाद घाट पर प्रतिबंध रहेगा. प्रतिबंध से केवल गंगा आरती के आयोजक और उनके न्यूनतम आवश्यक अर्चकों को ही रियायत मिलेगी. इसके अलावा घाट पर स्थित घरों के सदस्यों, नाविकों और नाव से यात्रा करने वाले पर्यटक इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे. लेकिन, लोगों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे केवल नाव पर चढ़ने और उतरने के लिए ही घाट का प्रयोग करेंगे. किसी भी हालत में प्रतिबंधित समय के दौरान वह घाट पर नहीं रुकेंगे.

इस प्रतिबंध से राहत अंतिम संस्कार से जुड़े लोगों को भी दी गई है. बता दें कि इससे पहले वाराणसी में कोरोना के बढ़ते मामलों का असर बाबा विश्वनाथ के दरबार पर भी पड़ा है. बाबा विश्वनाथ के गर्भ गृह में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है. अब केवल बाहर से झांकी दर्शन हो रहे हैं. यही नहीं विश्व विख्यात बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती में भी श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है. मंगला आरती की टिकट अगले आदेश तक रोक दी गई.

बाहर खड़ा होना या जाना प्रतिबंधित

संकटमोचन दरबार में भी प्रसाद रूपी चंदामृत पर प्रतिबंध लग गया है और भक्तों की फूल मालाओं को इकट्ठा करके हर 4 घंटे में प्रभु को चढ़ाने का नियम बना है. धर्म के साथ खेल और सार्वजनिक सांस्कृतिक आयोजनों पर भी इसका असर पड़ा है. वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि खुले स्थान या फिर मैदान में 50% से कम क्षमता तक लेकिन एक समय में अधिकतम 100 लोग ही उपस्थित रह सकते हैं. साथ ही फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर की उपलब्धता को अनिवार्य किया गया है. रात 9:00 बजे के बाद किसी भी धर्मस्थल के बाहर खड़ा होना या जाना प्रतिबंधित है.
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