लोकसभा चुनाव: वाराणसी से PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोकेगा ये 'मुर्दा'
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लोकसभा चुनाव: वाराणसी से PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोकेगा ये 'मुर्दा'
मुर्दा रामअवतार यादव

बता दें कि राजस्‍व दस्‍तावेजों में मृत लोगों की संख्‍या पूर्वांचल में कम नहीं है. ये वे लोग हैं जो सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार के चलते जिंदा व्यक्तियों को राजस्व दस्तावेज में मृत दिखाकर जमीन हड़पने वाले गैंग के शिकार हो चुके हैं.

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2019 लोकसभा चुनाव दौरान के अगल-अलग तस्वीर देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी से एक 'मुर्दा' ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. सरकारी कागजों में वह 8 साल तक 'मृतक' रहे हैं, कागजों की गड़बड़ी तो ठीक हो गई लेकिन उन्‍हें अपना हक अभी तक नहीं मिला. आजमगढ़ जिले के सगरी ब्लाक के गोराईपटटी गांव के रहने वाले 85 साल के रामअवतार यादव मृतक संघ के बैनर तले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से ताल ठोकेंगे. वह चुनाव इस लिए लड़ रहे है कि उन जैसे मृतकों को न्याय मिल सके. वहीं उन्होंने चुनाव जितने के बाद अपने जैसे लोगों की आवाज को संसद में उठाने का दावा किया है.

शरीर रूप से विकलांग सरकारी भ्रष्‍टाचार और अपनों के धोखे से पीड़‍ित लोगों ने कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मृतक संघ बनाया है. यादव 2005 से 2012 तक सरकारी अभिलेखों मृत हो गए थे. 7 वर्ष तक मृत रहने के बाद 2013 में जीवित हुए. दरअसल राम अवतार की एक बीघा जमीन को उनके ही रिश्तेदारों ने 2005 में उनको सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाकर अपने नाम करवा लिया. लंबी लड़ाई के बाद 2013 में उनका नाम खतौनी व परिवार रजिस्टर में फिर से दर्ज हुआ. जमीन पर सरकारी दस्तावेज में तो उनके नाम दर्ज हो गया लेकिन कब्जा अभी तक नहीं मिला है.

प्रत्याशी रामअवतार यादव




बता दें कि राजस्‍व दस्‍तावेजों में मृत लोगों की संख्‍या पूर्वांचल में कम नहीं है. ये वे लोग हैं जो सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार के चलते जिंदा व्यक्तियों को राजस्व दस्तावेज में मृत दिखाकर जमीन हड़पने वाले गैंग के शिकार हो चुके हैं. सरकारी भ्रष्‍टाचार और अपनों के धोखे से पीड़‍ित लोगों ने कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मृतक संघ बनाया है. इस संघ के संस्‍थापक लाल बिहारी यादव जब 21 साल के थे तो उनके रिश्तेदारों ने मुर्दा घोषित कर दिया था.
2014 के चुनाव में भी रामअवतार यादव ने आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरा था, हालांकि जांच में उसका पर्चा खारिज हो गया था. इस बार फिर रामअवतार यादव ने अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी संसदीय क्षेत्र से पर्चा दाखिल करनेका मन बना लिया है. वही मृतक संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक ने कहा कि जब तक तहसीलो में अन्याय और भ्रष्टाचार जारी रहेगा तब तक उनकी भी लड़ाई इस देश के "सुप्रीमो"के खिलाफ उनकी लड़ाई भी जारी रहेगी.

(रिपोर्ट: अभिषेक उपाध्याय)

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