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वाराणसी में टूटी बरसों पुरानी परंपरा, कलश स्‍थापना कर शुरू हुई दुर्गा पूजा

उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में बिन मूरत, मंदिर की कहावत सच होने जा रही है. इसके पीछे वजह है बनारस में बीते दिनों गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुआ बवाल. दशकों से शारदीय नवरात्र में मूर्ति स्थापना की चली आ रही परंपरा मंगलवार से टूट गई है और आयोजक कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा शुरू किया.

उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में बिन मूरत, मंदिर की कहावत सच होने जा रही है. इसके पीछे वजह है बनारस में बीते दिनों गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुआ बवाल. दशकों से शारदीय नवरात्र में मूर्ति स्थापना की चली आ रही परंपरा मंगलवार से टूट गई है और आयोजक कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा शुरू किया.

उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में 'बिन मूरत, मंदिर' की कहावत सच होने जा रही है. इसके पीछे वजह है बनारस में बीते दिनों गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुआ बवाल. दशकों से शारदीय नवरात्र में मूर्ति स्थापना की चली आ रही परंपरा मंगलवार से टूट गई है और आयोजक कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा शुरू किया.

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उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में 'बिन मूरत, मंदिर' की कहावत सच होने जा रही है. इसके पीछे वजह है बनारस में बीते दिनों गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुआ बवाल. दशकों से शारदीय नवरात्र में मूर्ति स्थापना की चली आ रही परंपरा मंगलवार से टूट गई है और आयोजक कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा शुरू किया.

गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन की मांग को लेकर धरनारत संतों और आयोजक पर बीते 22 सितम्बर को पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज किया था और कोर्ट का हवाला दिया था कि गंगा में मूर्ति विसर्जन की अनुमति नहीं है.

इसी लाठीचार्ज के विरोध में 5 अक्टूबर को संतो की ओर से निकाले जा रहे "अन्याय प्रतिकार यात्रा" में हिंसक झड़प में दो दर्जन पुलिस और प्रदर्शनकारी घायल हुए और अभी भी गिरफ्तारी का दौर थमा नहीं है.



वाराणसी पुलिस-प्रशासन का डर कहिए या फिर सांकेतिक विरोध, लेकिन बनारस के लगभग दर्जन भर पूजा समितियां अपने यहां पूजा-पंडालों में दुर्गा प्रतिमा की जगह कलश स्थापना कर पूजन करने का निर्णय लिया है. इसमें मुख्य रूप से दुर्गा पूजा स्पोर्टिंग क्लब कज्जाकपुरा, आनंद स्पोर्टिंग क्लब कॉटनमिल, दुर्गापूजा स्पोर्टिंग क्लब प्रह्लादघाट, आशीर्वाद क्लब गोलघर, दुर्गापूजा समिति हरतीरथ, दुर्गोत्सव समिति टाउनहाल और प्रीमियर ब्वॉयज क्लब हथुआ मार्केट हैं.
कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा करने का निर्णय पहले टाउनहाल में दुर्गोत्सव समिति ने नवरात्रि के पहले दिन ही किया जहां मूर्ति बैठाकर कलश की पूजा की और हाईकोर्ट की सूचना की तैयारी में है.

कोर्ट का हवाला देते हुए वाराणसी पुलिस-शासन अपनी जगह कायम है और किसी भी सूरत में मूर्ति विसर्जन गंगा में नहीं करने देगी. विसर्जन की व्यवस्था को लेकर वाराणसी प्रशासन की ओर से खिड़किया घाट, विश्वसुंदरी पुल के नजदीक, रामनगर के पास "गंगा सरोवर" बनाया गया है, जिसमें गंगा का पानी भरकर मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था की गई है.
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