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Varanasi News: कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी,जानिए क्या है महत्व

Varanasi News: कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी,जानिए क्या है महत्व

गंगा

गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (Kashi) में कार्तिक पूर्णिमा को देव दीवाली (Dev Diwali) के तौर पर मनाया जाता है. कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) पर सुबह सवेरे गंगा तट पर श्रद्धालु गंगा स्नान करते है तो शाम होने के साथ ही लाखों दीपों से काशी के 84 घाट जगमग होते हैं. शास्त्रों के मुताबिक,कार्तिक मास में गंगा स्नान,दान और व्रत का विशेष महत्व है. 

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    बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (Kashi) में कार्तिक पूर्णिमा को देव दीवाली (Dev Diwali) के तौर पर मनाया जाता है. कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) पर सुबह सवेरे गंगा तट पर श्रद्धालु गंगा स्नान करते है तो शाम होने के साथ ही लाखों दीपों से काशी के 84 घाट जगमग होते हैं. शास्त्रों के मुताबिक,कार्तिक मास में गंगा स्नान,दान और व्रत का विशेष महत्व है. आज के दिन शरीर पर काले तिल और आवंले का चूर्ण लगाकर स्नान करने से सभी तरह से पापों से मुक्ति मिल जाती है.

    वाराणसी के 84 घाटों पर सुबह से ही गंगा स्नान करने वाले भक्तों की भीड़ लगी है. अस्सी घाट,तुलसी घाट,केदार घाट, दशाश्वमेध घाट,पंचगंगा घाट के अलावा सभी प्रमुख घाटों पर जारी ये स्नान का क्रम शाम तक जारी रहेगा. वाराणसी में गंगा स्नान के लिए आस पास के जिलों के अलावा बिहार से भी श्रद्धालु आए और गंगा में आस्था की डुबकी लगाई.

    घाट पर पूजा करने वाले पुरोहित रोहित पांडेय ने बताया कि कार्तिक मास में स्नान और दान का विशेष महत्व है. आज गंगा में स्नान के बाद दान से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.

    Tags: Varanasi news

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