Varanasi: डीआरडीओ का अस्पताल शुरू, जानिए क्या हैं सुविधाएं; कैसे भर्ती हो रहे मरीज


डीआरडीओ के डायरेक्टर अरुण सक्सेना ने बताया कि 250 बैड के आईसीयू ब्लॉक में सारी सुविधाएं दी गई हैं.

डीआरडीओ के डायरेक्टर अरुण सक्सेना ने बताया कि 250 बैड के आईसीयू ब्लॉक में सारी सुविधाएं दी गई हैं.

Varanasi News: खास बात है कि डीआरडीओ अस्पताल बनने के पहले बनारस 353 वेंटिलेटर के भरोसे ही था, जिसमें निजी और सरकारी दोनों को अस्पताल के वेंटिलेटर शामिल हैं. अब वाराणसी के पास 603 आईसीयू बेड हो जाएंगे.

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वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में डीआरडीओ की ओर से 750 बेड का कोविड अस्पताल में मरीजों की भर्ती शुरू हो गई. डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि सबसे पहले 250 बेड के आईसीयू वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाना है, इसके लिए सरकारी कोविड अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को यहां शिफ्ट किया जा रहा है. उसके बाद प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीज यहां भर्ती किए जाएंगे. तीसरे चरण में पांच सौ बेड वाले दोनो ब्लाकों में भी भर्ती शुरू हो जाएगी और वाराणसी से सटे दूसरे जिलों के मरीजों को भी जरूरत पर यहां भर्ती किया जाएगा.

डीआरडीओ के डायरेक्टर अरुण सक्सेना ने बताया कि 250 बैड के आईसीयू ब्लॉक में सारी सुविधाएं दी गई हैं. आईसीयू ब्लॉक के हर बेड पर अत्याधुनिक मल्टी पैराकार्डियक मॉनिटर संग वेंटिलेटर उपलब्ध है. इन सारी मशीनों की खरीद पीएम केयर्स फंड से हुई है. यही नहीं 250 के इस आईसीयू वार्ड के साथ 250 बेड के दोनों ब्लॉकों पर भी सेंट्रलाइज ऑक्सीजन आपूर्ति 24 घंटे होगी. इसके लिए ऑक्सीजन प्लांट भी लग गए. यही नहीं, पूरा ब्लाक वाईफाई जोन रहेगा. इसके अलावा अस्पताल के साथ विजिटर ब्लॉक भी बनाया गया है, जहां से मरीज के तीमारदारों को भी उनका हालचाल बताया जाएगा. यहां के ऑक्सीजन प्लांट के लिए जमशेदपुर से लिक्विड ऑक्सीजन लाई गई है. यहां 40 केएलपी क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया जा चुका है. इसमें बीस का एक और दस दस केएलपी के दो प्लांट हैं.

खास बात है कि डीआरडीओ अस्पताल बनने के पहले बनारस 353 वेंटिलेटर के भरोसे ही था, जिसमें निजी और सरकारी दोनों को अस्पताल के वेंटिलेटर शामिल हैं. इस 250 के वेंटिलेटर ब्लॉक के बन जाने के बाद वाराणसी के पास 603 आईसीयू बेड हो जाएंगे जो बनारस ही नहीं आसपास के जिलों के लिए लिए काफी राहत भरा कदम होगा. मेजर जनरल आईएम लांबा ने बताया कि L2 लेवल के 500 बेड पर भी एचएफएलसी, वाइपर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं. सभी को सेट्रलाइज ऑक्सीजन सप्लाई से जोड़ा गया है. यहां करीब 100 डॉक्टरों की टीम होगी जिसमें अधिकतर सैनिक अस्पतालों के होंगे. आईएमएसबीएचयू के डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर के आधार पर लगाई गई है.

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