वाराणसी: बेड़ियों में जकड़े मिट्ठू हाथी की रिहाई का रास्ता साफ, दुधवा नेशनल पार्क भेजने की तैयारी

बेड़ियों में जकड़े मिट्ठू हाथी की रिहाई का रास्ता साफ (File photo)

बेड़ियों में जकड़े मिट्ठू हाथी की रिहाई का रास्ता साफ (File photo)

पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) ए सतीश गणेश ने बताया कि मेरे संज्ञान में मामला आने के बाद मैंने अपने मित्र और दिल्ली चिड़ियाघर के डायरेक्टर से बात की.

  • Share this:

वाराणसी. रामनगर वन्यजीव संरक्षण केंद्र में करीब डेढ़ साल से ज्यादा वक्त से बेड़ियों में जकड़े हाथी मिठ्ठू की पैरोल पर रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. वाराणसी (Varanasi) के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश की पहल पर न्यूज18 ने मिट्ठू की रिहाई को लेकर अभियान चलाया, जिसके बाद अब परिणाम रिहाई के रूप में सामने आया है. जल्द ही मिट्ठू दुधवा नेशनल पार्क के खुले जंगलों में अन्य साथी हाथियों के साथ मस्त मलंग घूमेगा. बता दें कि चंदौली के रामनगर फॉरेस्ट ऑफिस में मिट्ठू करीब दो साल से ज्यादा वक्त से बेड़ियों में जकड़ा है. 24 अक्टूबर 2019 को बबुरी इलाके में खुद से छेड़छाड़ होने पर मिट्ठू बहक गया और उसने रमाशंकर नाम के व्यक्ति को पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी.

पुलिस महावत को लेकर थाने ले आई. इस मामले में पुलिस की जीडी में हाथी पर इत्तेफाकिया मामला दर्ज किया. महावत के पास हाथी पालने से जुड़े जरूरी कागजात न होने के जुर्म में काशी वन विभाग ने संबधित के खिलाफ वाइल्ड लाइफ एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. इस पर महावत ने वाराणसी के सीजेएम कोर्ट में हाथी को अपने पास रखने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने महावत के प्रार्थना पत्र को निरस्त करने के बाद काशी वन विभाग डिवीजन को आदेश दिया था कि हाथी को कब्जे में लेकर उसकी देखरेख के लिए दुधवा नेशनल पार्क भेजा जाए.

UP: 12 जुलाई से पहले होंगे पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव, 20 जून के बाद जारी होगी अधिसूचना

बताया जाता है कि जून 2020 में ही इसको लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क में भेजा जाना था. लेकिन पहले कोरोना काल और उसके बाद सरकारी फाइलों की सुस्त चाल में मिट्ठू की रिहाई फंसी रही. लेकिन इस साल जब सोशल मीडिया के जरिए ट्वीट करते हुए किसी ने मिठ्ठू के दर्द की खबर वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश तक पहुंच आई तो उन्होंने आगे आते हुए पहल की. उन्होंने फॉरेस्ट सर्विस के अपने मित्र और दिल्ली चिड़ियाघर के डायरेक्टर से बात की. डायरेक्टर ने वन विभाग के अपने साथी अफसरों से बात की और कानूनी अड़चनों को सुलझाया गया.
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर की बड़ी पहल

अब मिठ्ठू को विशेष ट्रक से दुधवा नेशनल पार्क भेजा जाएगा. बताया जा रहा है कि हाथी को लाने के लिए दुधवा से एक टीम भेजी जा रही है. इसमें महावत के अलावा पशु चिकित्सकों की टीम और वनाधिकारी शामिल होंगे. पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि मेरे संज्ञान में मामला आने के बाद मैंने अपने मित्र और दिल्ली चिड़ियाघर के डायरेक्टर से बात की. उन्होंने प्रयास किया. आज मुझे जानकारी हुई है कि कानूनी अड़चने दूर हो गई हैं और बहुत जल्दी मिट्ठू दुधवा पहुंच जाएगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज