काशी में इस बार गौरा जब आएंगी ससुराल तो क्यों ज्यादा खुश होंगी, जानिए वजह

24 मार्च को बाबा गौना की बारात में काशीवासी होली खेलते हुए गौरा को विदा कराकर ले जाएंगे.

24 मार्च को बाबा गौना की बारात में काशीवासी होली खेलते हुए गौरा को विदा कराकर ले जाएंगे.

काशी में रंगभरी एकादशी से होली की शुरुआत होती है और बुढ़वा मंगल तक चलती है. रंगभरी एकादशी में जब बाबा विश्वनाथ के साथ विदा होकर मां पार्वती अपने ससुराल यानी काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगी तो उन्हें ससुराल बदला और भव्य नजर आएगा.

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वाराणसी. वाराणसी में इस बार रंगभरी एकादशी में जब बाबा विश्वनाथ के साथ विदा होकर मां पार्वती अपने ससुराल यानी काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham) पहुंचेंगी तो उन्हें ससुराल बदला और भव्य नजर आएगा. 24 मार्च को बाबा गौना की बारात में काशीवासी होली खेलते हुए गौरा को विदा कराकर ले जाएंगे. बाबा विश्वनाथ जब मां पार्वती को गौने से लेकर घर लौटेंगे तो मां गौरा को काशी विश्वनाथ धाम का नजारा पूरा बदला-बदला नज़र आएगा. यही नहीं, मां पार्वती पहली बार बिना रुकावट सीधे गंगा को देख पाएंगी. इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर के बाद करीब 250 साल बाद पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम के आसपास के मंदिरों को मुक्त कराया है और बाबा धाम को विस्तार देते हुए करीब 50260 स्क्वायर मीटर में 339 करोड़ की लागत से विश्वनाथ की नई काशी को बनाने का इरादा बनाया. काम तेजी से चल रहा है. पहला लुक भी सामने आ गया है.

काशी में रंगभरी एकादशी से होली की शुरुआत होती है और बुढ़वा मंगल तक चलती है. रंगभरी एकादशी में बाबा विश्वनाथ खुद मां गौरा को साथ लेकर काशीवासियों के साथ होली खेलते हैं. इस बार शाम करीब पांच महंत आवास से बाबा की गौना बारात उठेगी और बाबा विश्वनाथ के मंदिर तक जाएगी. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्रा बताते हैं कि इस दिन पूरा नजारा बाबा की भक्ति में रंग जाता है. बाबा के चल प्रतिमा का दर्शन भी भक्तों को होता है. मान्यता है कि इस दिन काशीवासियों के साथ खुद देवता भी बाबा पर गुलाल डालते हैं. इस बार ये इसलिए अलग होगा क्योंकि मां पार्वती जब गौने से बाबा विश्वनाथ के परिसर में आएंगी और पालकी मंदिर परिसर में घुमाई जाएगी तो मां गौरा काशी विश्वनाथ धाम का भव्य रूप देखेंगी.

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने केंद्र सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि पीएम मोदी की परिकल्पना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साकार किया और श्री काशी विश्वनाथ धाम का नया नज़ारा भव्य और दिव्य स्वरूप व नया स्वरूप देखकर मां पार्वती खुश होंगी. उन्होंने बताया कि शास्त्रों में बाबा का दरबार आनंद वन के रूप में वर्णित है, जहां भक्तों की सुविधा का ध्यान रखा जाता है. श्री कशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस बार की रंगभरी एकादशी इसलिए भी खास होगी कि जब मां गौरा गौने से ससुराल आएंगी तो बाबा के भक्त श्री काशी विश्वनाथ धाम का बदला और भव्य नजारा देख पाएंगे. फिलहाल निर्माणाधीन विश्वनाथ धाम में मंदिर चौक के पास काशी विश्वनाथ धाम की बिल्डिंग अंतिम रूप ले रही है. 2021 के अगस्त तक कॅरिडोर को पूरी तरह से मूर्तरूप देने की कोशिश भी की जा रही है जिसकी तस्वीरे भी दिखने लगी हैं.
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