UP: पीएम मोदी की बड़ी पहल, गुजरात से वाराणसी पहुंची गीर गाय की पहली खेप

गुजरात से वाराणसी पहुंची गीर गाय की पहली खेप

डेयरी किसानों (Dairy Farmers) में राजातालाब के रहने वाले जितेंद्र ने बताया कि गुजरात के बनासकांठा में उन्हें प्रशिक्षण दिया गया.

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वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के कर्मक्षेत्र वाराणसी (Varanasi) से उनके गृह राज्य गुजरात (Gujarat) के बनासकांठा से गीर गाय की पहली खेप बनारस पहुंच चुकी है. गीर गाय आने की सूचना पर प्रशिक्षण लेने गए गोपालकों में काफी खुशी है.ऐसे में सबसे पहले इनके दूध से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया गया. किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए बनास डेयरी बनारस के शहंशाहपुर, पनियरा, धानापुर, नरसड़ा और नरोत्तमपुर के करीब 67 किसानों को पालनपुर बनासकांठा में एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया था.

दरअसल पीएम मोदी ने डेयरी उत्पाद के बढ़ावे के लिए खासा जोर दिया है. ऐसे में उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में डेयरी किसानों को बढ़ावा देने की मुहिम लगातार जारी है. डेयरी किसानों को डेयरी में ज्यादा मुनाफा देने के लिए पीएम मोदी के आदेश के बाद वाराणसी के डेयरी किसानों को गुजरात बनासकांठा भेजा गया. डेयरी किसानों में राजातालाब के रहने वाले जितेंद्र ने बताया कि गुजरात के बनासकांठा में उन्हें प्रशिक्षण दिया गया. डेयरी उत्पादन के लिए सभी गुण सिखाएं गए.

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डोर टू डोर से लेकर गाय के स्वास्थ्य को लेकर चीजे सिखाई गई, जो बनारस के किसानों के लिए काफी फायदेमंद हैं. वहीं बीजेपी जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि सबसे पहले 120 किसानों को ट्रेनिंग दिया गया है और इन्हें गीर गाय तोहफे के रूप में दी जा रही है ताकि ये डेयरी का काम शुरू कर सके. इन्हें अमूल डेयरी से जोड़ा जाएगा और ये किसान अमूल से अपना दूध का व्यापार कर सकेंगे.

15 से 20 लीटर देती हैं दूध

बता दें कि गीर गाय दिनभर में 15 से 20 लीटर दूध देती हैं. उचें नस्ल की ये गाय किसानों के लिए फायदेमंद होती हैं. साथ ही इनका दूध काफी पौष्टिक होता है जिसके कारण इनके दूध की खासा डिमांड भी होती है. बसंत पंचमी के दिन किसानों को गाय मिलेंगी.
Published by:naveen lal suri
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