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स्वच्छता सर्वेक्षण: वाराणसी ने पेश की मिसाल, सबसे स्वच्छ गंगा शहर की लिस्ट में पहला स्थान मिला

स्वच्छता सर्वेक्षण: वाराणसी ने पेश की मिसाल, सबसे स्वच्छ गंगा शहर की लिस्ट में पहला स्थान मिला

केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को सबसे स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में पहला स्थान मिला. (प्रतीकात्मक)

केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को सबसे स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में पहला स्थान मिला. (प्रतीकात्मक)

Varanasi in Swachh Survey: इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है. साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था. केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा, 'इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी जाती है. इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए. यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी.'

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण (Cleanliness Survey 2021) के अनुसार, वाराणसी को सबसे स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में शीर्ष स्थान मिला है. केंद्र सरकार द्वारा घोषित वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया गया. वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर को लगातार 5वीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया, जबकि सूरत को इस लिस्ट में दूसरा स्थान मिला है.

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए. इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और गांधीजी की इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि 35 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों तथा शहरी क्षेत्र खुले में शौच से मुक्त हुए हैं.

    अब छोटे बच्चे भी बड़ों को गंदगी फैलाने से रोकते-टोकते हैं: राष्ट्रपति कोविंद
    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सबसे बड़ी सफलता देश की सोच में बदलाव आना है जहां अब घर के छोटे बच्चे भी बड़ों को गंदगी फैलाने से रोकते और टोकते हैं. कोविंद ने कहा कि मनुष्य द्वारा सिर पर मैला ढोना एक शर्मनाक प्रथा है और इसे रोकने की जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं बल्कि समाज और देश के सभी नागरिकों की है. उन्होंने सुझाव दिया कि सभी शहरों में मशीन से सफाई की सुविधा उपलब्ध करायी जानी चाहिए. राष्ट्रपति ने स्वच्छता पुरस्कार विजेता शहरों की अच्छी प्रथाओं एंव चलन को अपनाने की बात भी की.

    स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 को शामिल किया गया
    वहीं केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टकोण की तर्ज पर कचरा-मुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में भी पुरस्कृत किया जाएगा. मंत्रालय के अनुसार इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है. साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था.

    ये भी पढ़ें- इंदौर ने फिर रचा इतिहास, लगातार 5वीं बार मिला देश में सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड

    इस साल पांच करोड़ से ज्यादा फीडबैक मिले
    मंत्रालय ने इससे पहले शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि शनिवार को ‘स्वच्छ अमृत महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है और इसमें मंत्रालय की पहल ‘सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज’ के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देते हुए सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा जाएगा. मंत्रालय ने कहा, ‘इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी जाती है. इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए. यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी.’

    मंत्रालय ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2021’ के बारे में कहा कि जमीनी स्तर पर राज्यों एवं शहरों के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है. उसने कहा कि मिसाल के तौर पर छह राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने जमीनी स्तर पर अपने प्रदर्शन में पांच से 25 प्रतिशत तक सुधार किया है. (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Ganga, Swachh Survekshan, Uttar pradesh news, Varanasi news

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