Gyanvapi Masjid Case: जिला जज की अदालत में सुनवाई आज, अदालत पर टिकी निगाहें

Gyanvapi Masjid Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने जिला जल की अदालत को ज्ञानवापी मस्जिद और मां श्रृंगार गौरी की दैनिक पूजा अर्चना की इजाजत देने और अन्य देवी देवताओं को संरक्षित करने को लेकर दायर वाद की सुनवाई आठ हफ्ते में पूरा करने का निर्देश दिया है. दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले को सिविल जजा की अदालत से जिला जज को ट्रांसफर कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर पक्ष के मुकदमे की योग्यता पर सवाल उठाने वाली मस्जिद पक्ष की दाखिल अर्जी पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने का जिला जज को आदेश दिया है.

वाराणसी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी की जिला अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई सोमवार को होगी. जिला जज डॉ अजय कृष्ण की कोर्ट में सुनवाई होगी. जिला जज की कोर्ट में नागरिक प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष ने अपनी याचिका में मंदिर पक्ष के मुकदमे की योग्यता पर सवाल उठाए हैं. मुस्लिम पक्ष के मुताबिक 1991 प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट के मुताबिक मंदिर पक्ष के मुकदमे का आधार ही नहीं बनता. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिला जल की अदालत को ज्ञानवापी मस्जिद और मां श्रृंगार गौरी की दैनिक पूजा अर्चना की इजाजत देने और अन्य देवी देवताओं को संरक्षित करने को लेकर दायर वाद की सुनवाई आठ हफ्ते में पूरा करने का निर्देश दिया है. दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले को सिविल जजा की अदालत से जिला जज को ट्रांसफर कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर पक्ष के मुकदमे की योग्यता पर सवाल उठाने वाली मस्जिद पक्ष की दाखिल अर्जी पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने का जिला जज को आदेश दिया है. आज जो सुनवाई होनी है वह मुस्लिम पक्ष की उस अर्जी पर है जिसमें मंदिर पक्ष के मुकदमे की पोषणीयता पर सवाल उठाए गए हैं. गौरतलब है कि दिल्ली निवासी राखी सिंह और वाराणसी की चार महिलाएं लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक, मंजू व्यास और सीता साहू ने 18 नवंबर 2021 को वारसी के सिविल कोर्ट में श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा का अधिकार देने के लिए वाद दाखिल किया था. जिस पर जज रविक कुमार दिवाकर ने ज्ञानवापी मस्जिद में कमीशन का आदेश दिया. जिसके बाद परिसर कर सर्वे किया गया और रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी गई.

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23 May 2022 14:48 (IST)

Gyanvapi Case: डिस्ट्रिक्ट जज के सामने 1991 वरशिप एक्ट को लेकर चल रही बहस

वाराणसी. ज्ञानवापी मामले में जिला जज की अदालत में 1991 प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट को लेकर मुस्लिम और हिंदू पक्ष की बहस चल रही है. दोनों पक्षों की तरफ से 23 लोग मौजूद हैं. पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को बहस में शामिल होने से मना किया गया. लिस्ट में नाम न होने की वजह से शामिल नहीं  होने दिया गया.

23 May 2022 11:19 (IST)

Gyanvapi Case: दोपहर 2 बजे होगी सुनवाई

वाराणसी. जिला जज वाराणसी अजय विश्वेस ने नियमित रूप से सुनने वाले सभी मामलों को समकक्ष जजों को भेजा. अजय विश्वेष ने ज्ञानवापी मामले की फाइल का अध्ययन शुरू किया. दोपहर दो बजे इसपर सुनवाई होनी है.

23 May 2022 09:47 (IST)

Gyanvapi Case: अश्वनी उपाध्याय ने दायर की एक और याचिका

ज्ञानवापी मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर कर मांग की है कि उनका पक्ष भी सुना जाए. उन्होंने कहा है कि ये मामला सीधे तौर पर उनकी धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा है. सदियों से वहां भगवान आदि विशेश्वर की पूजा होती रही है. ये सम्पत्ति हमेशा से उनकी रही है. किसी सूरत में सम्पत्ति से उनका अधिकार नहीं छीना जा सकता. एक बार प्राण प्रतिष्ठा हो जाने के बाद, मन्दिर के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करने और यहां तक कि नमाज पढ़ने से भी मन्दिर का धार्मिक स्वरूप नहीं बदलता, जब तक कि विसर्जन की प्रकिया द्वारा मूर्तियों को वहां से शिफ्ट न किया जाए. इस्लामिक सिद्धान्तों के मुताबिक भी मन्दिर तोड़कर बनाई गई कोई मस्जिद वैध मस्जिद नहीं है. 1991 का प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट किसी धार्मिक स्थल के स्वरूप को निर्धारित करने से नहीं रोकता. मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज की जाए.

23 May 2022 09:19 (IST)

Gyanvapi Case: आज इन दो अर्जियों पर होगी सुनवाई

आज दो लंबित प्रार्थना पत्र हैं जिन पर सुनवाई होनी है. इनमें से एक प्रार्थना पत्र वादी यानी मंदिर पक्ष की ओर से और दूसरा शासकीय अधिवक्ता की ओर से दाखिल किया गया है. वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी की पूजा अर्चना करने और परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं के विग्रह को सुरक्षित रखने समेत तहखाने की दीवार और वहां मौजूद मलबे को हटाकर एक एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाई की मांग की गई है. वहीं शासकीय अधिवक्त की ओर से जिस हौज में कथित शिवलिंग मिला है,  उसमे मौजूद मछलियों के जीवन की रक्षा समेत तीन बिंदुओं पर प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिस पर सुनवाई होगी. इसके अलावा ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर की कार्रवाई के दौरान मिले शिवलिंग की पूजा और राग भोग आरती के अधिकार को लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर महंत परिवार भी आज कोर्ट जा सकता है.

23 May 2022 08:23 (IST)

पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी बोले- लोगों मजहब की अफीम चटाई जा रही

बुलंदशहर. ज्ञानवापी मामले पर पूर्व राज्यपाल डॉ अजीज कुरैशी ने मोदी सरकार को घेरा. अजीज कुरैशी ने कहा सरकार कर रही है इंसानियत को बांटने का काम. लोगों मजहब की अफीम चटाई जा रही ताकि लोग बुनियादी चीज़ों की मांग न करें. लोग रोजगार और सुविधा न मांगे इसलिए लोगों को धर्म में बांटा जा रहा है. अयोध्या का फैसला आस्था के मुताबिक हुआ कानून के मुताबिक नहीं. ज्ञानवापी मस्जिद पर भी बोले पूर्व राज्यपाल अभी कोर्ट का फैसला आना बाकी. यूपी, उत्तराखंड और मिजोरम के राज्यपाल रह चुके हैं डॉक्टर अजीज़ कुरैशी.

सिकंदराबाद में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे अज़ीज़ कुरैशी।

23 May 2022 07:34 (IST)

व्यास परिवार ने मांगा श्रृंगार गौरी की पूजा का नियमित अधिकार

वाराणसी. व्यास परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य शैलेन्द्र कुमार पाठक व्यास ने दावा किया है कि उनके नाना ने उनके नाम से तहखाने की वसीयत की थी. ऐसे में श्रृंगार गौरी की पूजा और वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की पूजा का अधिकार उनको ही मिलना चाहिए. उन्होंने बताया कि तीन पीढ़ियों से उनका परिवार श्रृंगार गौरी की पूजा करता आ रहा है.

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