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UP: पिता ने की खिलाफत तो बेटी ने आशिक से करवा दी हत्या, ऐसे खुला फुलप्रूफ प्लान मर्डर का राज़

बेटी का आशिक ही निकला व्यापारी राजेश जायसवाल का हत्यारा

बेटी का आशिक ही निकला व्यापारी राजेश जायसवाल का हत्यारा

Varanasi News: बनारस में हुए जिस चर्चित व्यापारी राजेश जायसवाल हत्याकांड को पहली नजर में पुलिस प्रापर्टी विवाद से जोड़कर देख रही थी, उसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. घटना के बाद भाई और भतीजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. उसकी तफ्तीश हुई तो हत्यारा बेटी का आशिक और दोस्त निकला.

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वाराणसी. बनारस में हुए चर्चित व्यापारी राजेश जायसवाल हत्याकांड (Rajesh Jaiswal murder case) की गुत्थी लम्बी जांच पड़ताल के बाद सुलझ गई है. इस मामले के खुलते ही सभी हैरान रह गए. जिस हत्याकांड को पहली नजर में पुलिस प्रापर्टी विवाद से जोड़कर भाई और भतीजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, उसकी तफ्तीश हुई तो हत्यारा बेटी का आशिक और दोस्त निकला. पिता बेटी की शादी मुस्लिम युवक से करने को तैयार नहीं था, इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. इस मामले में बेटी, उसके आशिक और साथी को गिरफ्तार कर लिया गया.

जानकारी के अनुसार 29 जुलाई की वाराणसी के मिर्जामुराद थाने के तमाचाबाद निवासी बड़े व्यापारी राजेश जायसवाल की हत्या हो गई थी. पहली नजर में यह मामला प्रापर्टी विवाद का लगा, जिसके आधार पर पुलिस ने मृतक राजेश के बड़े भाई और भतीजों समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन एडीजी वाराणसी जोन बृजभूषण शर्मा ने पुलिस टीम को मामले की तह तक जाने के लिए विशेष तफ्तीश का आदेश दिया. इस पर एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने थाना पुलिस समेत क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अश्वनी त्रिपाठी को जिम्मेदारी सौंपी. जांच कर रही पुलिस को पता चला कि मृतक व्यापारी राजेश की बेटी का गांव के ही एक मुस्लिम युवक से प्रेम प्रसंग है.

जांच में पुलिस को पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी मिली. मालूम चला कि मृतक की बेटी ने करीब एक साल पहले पासवोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन फॉर्म पर पिता की जगह प्रेमी जावेद का मोबाइल नंबर लिखा था. पुलिस वेरीफिकेशन पर जब मृतक राजेश के पास पुलिस पहुंची तो उन्होंने बताया कि ये उनका नंबर नहीं है. पिता जान गए कि ये नंबर किसका है. इसके बाद मृतक राजेश ने बेटी और उसके प्रेमी को बहुत डांटा. बावजूद इसके, बेटी और उसका प्रेमी दोनों अपने घर पर शादी का दबाव बना रहे थे. मृतक व्यापारी राजेश लगातार इसकी खिलाफत कर रहे थे. इसलिए 29 जुलाई को जब व्यापारी राजेश अस्पताल में भर्ती अपनी सास को खाना देने जा रहे थे तो जावेद ने अपने दोस्त आकिब अंसारी के साथ मिलकर पहले उनका पीछा किया. फिर मौका पाकर ओवरब्रिज पर दो गोली मारकर व्यापारी राजेश की हत्या कर दी. पुलिस ने बेटी, प्रेमी जावेद और उसके साथी को गिरफ्तार करते हुए पिस्टल और वारदात में शामिल बाइक को बरामद कर लिया है.

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Varanasi News Bulletin: शहर के इन इलाकों में अब बाढ़ नहीं मचा पाएगी तबाही,जानिए क्या है वजह

गंगा नदी के तट पर फ्लैपर गेट लगाने का शिलान्यास करतें विधायक सौरभ श्रीवास्तव

वाराणसी (Varanasi) के सामनेघाट इलाके के कई मुहल्लों को जल्द ही बाढ़ की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. इसके लिए 2 करोड़ 87 लाख की लागत से गंगा (Ganga) नदी क?

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1- शहर के इन इलाकों में अब बाढ़ नहीं मचाएगी तबाही,जानिए क्या है वजह
वाराणसी (Varanasi) के सामनेघाट इलाके के कई मुहल्लों को जल्द ही बाढ़ की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. इसके लिए 2 करोड़ 87 लाख की लागत से गंगा (Ganga) नदी के तट पर फ्लैपर गेट लगाया जाएगा. स्थानीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बुधवार को इसका शिलान्यास किया है. विधायक सौरभ श्रीवास्तव (MLA Saurabh Srivastav) ने बताया कि मां गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने पर ज्ञानप्रवाह के बगल वाले नाले से सामनेघाट क्षेत्र में बाढ़ आ जाती थी. इस फ्लैपर गेट से स्थानीय लोगो को इस गम्भीर समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. जल्द ही यहां पक्के बांध निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है.

2- सोनिया इलाके में सीवर ओवर फ्लो ने बढ़ाई लोगो की मुश्किलें
पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सोनिया इलाके में सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने लोगो की मुश्किलें बढ़ा दी है. बिना बारिश के ही इलाके में पूरे दिन सीवर का पानी सड़को पर जमा है. जिससे स्थानीय लोगो के साथ ही राहगीरों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगो की माने तो शहर के मध्य इस क्षेत्र की समस्या से नगर निगम के अफसरों को शिकायत की गई है. लेकिन बाहुजूद इसके कई सप्ताह से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं.

Varanasi News: अब बैक्टीरिया से साफ होगा दूषित जल,IIT BHU के वैज्ञानिकों को शोध में मिली सफलता

IIT BHU scientists found success in research Bacteria cleaned Contaminated wate

डेढ़ साल के शोध के बाद संस्थान के वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया का नया स्ट्रेन खोज निकाला है. जो दूषित जल से जहरीले हेक्सावलेंट क्रोमियम को खत्म कर सकता है.

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वाराणसी: बैक्टीरिया (Bactaria) नाम सुनते ही आमतौर पर लोग डर जाते है. लोगो के मन में ये विचार आता है कि इससे उन्हें कोई गंभीर बीमारी तो नहीं होगी. लेकिन अब बैक्टीरिया से दूषित जल को साफ किया जाएगा. आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) के वैज्ञानिकों ने इसका तरीका ढूंढ लिया है. डेढ़ साल के शोध के बाद संस्थान के वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया का नया स्ट्रेन खोज निकाला है. जो दूषित जल से जहरीले हेक्सावलेंट क्रोमियम को खत्म कर सकता है.

आईआईटी बीएचयू के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के इंड्रस्ट्रीयल ड्रेन से बैक्टीरिया के नए स्ट्रेन को आइसोलेट किया है. उसके बाद लैब में शोध के बाद ये पाया कि इस नए बैक्टीरियल स्ट्रेन से दूषित जल से हेक्सावलेंट क्रोमियम को हटाने की कैपिसिटी है. बताते चले कि जल में हेक्सावलेंट क्रोमियम से मनुष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होती है. आईआईटी बीएचयू के इस शोध को अंतरराष्ट्रीय जर्नल \’जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंट केमिकल इंजीनियरिंग\’ में प्रकाशित भी हुआ है.

नदियों के सफाई में होगा कारगर
शोधकर्ता डॉ विशाल मिश्रा ने बताया कि बैक्टीरिया के नए स्ट्रेन से दूषित जल को साफ किया जा सकता है. शोध के बाद हमलोगों ने पाया कि  बैक्टीरिया के इस नए स्ट्रेन से किसी तरह की बीमारी नहीं होती है. भविष्य में इस विधि से नदियों के जल को साफ किया जाएगा. गंगा (Ganga),युमना (Yamuna) और अन्य नदियों से हेक्सावलेंट क्रोमियम को हटा सकेगा.

क्या है हेक्सावलेंट क्रोमियम
विकासशील देशों में दूषित जल से होने वाला रोग एक बड़ी समस्या है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक हर साल 3.4 मिलियन लोग दूषित जल से संबंधित बीमारियों के कारण दम तोड़ देते हैं. जल में हेक्सावलेंट क्रोमियम जैसी भारी धातु होने से दुनिया भर में कैंसर एक गंभीर समस्या बन गई है. ऐसे में बैक्टीरिया का ये नया स्ट्रेन दुनिया को इस संकट से निकालने में कारगर साबित हो सकता है.

हेक्सावलेंट क्रोमियम से है इन बीमारियों का खतरा

डॉ विशाल के मुताबिक, जहरीली भारी धातुओं के कारण कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कैंसर के अलावा जहरीली भारी धातुओं वाले पानी के लंबे समय इस्तेमाल से त्वचा, पित्ताशय, गुर्दे और बांझपन की समस्या भी हो सकती है.

Varanasi News: काशी के 238 साल पुराने इस रामलीला का मंचन रद्द,भक्तों में मायूषी

Varanasi 238 year Old world Famous Ramanagar Ramleela cancelle

भोले की नगरी काशी (Kashi) में लगातार दूसरे साल भी रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है.

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भोले की नगरी काशी (Kashi) में लगातार दूसरे साल भी रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है. कोरोना के कारण काशी राज परिवार के मुखिया कुंवर अनंत नारायण सिंह ने 238 साल पुराने रामलीला को रद्द कर दिया. लेकिन फिर भी प्रभु श्रीराम और इस लीला में श्रद्धा रखने वाले भक्त लीला देखने की लालसा से रामलीला स्थल पहुंच रहे हैं. लीलास्थल पर रामलीला का मंचन नहीं होता देख भक्त मायूष होकर वापस लौट रहे हैं.

रामनगर की रामलीला (Ramnagar Ramleela) में चार पीढ़ियों से रामचरितमानस की चौपाई करने वाले जौहरी परिवार के मुखिया लखन लाल जौहरी ने बताया कि कोरोना के कारण इस बार रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है, फिर भी हम लोग जिन जगहों पर लीला होती है वहां पूरे महीने भर आकर प्रभु श्रीराम का सिमरन करते हैं.
पेट्रोमेक्स की लाइट में होता है मंचन
21 वीं शताब्दी में भी रामनगर की रामलीला का मंचन पेट्रोमेक्स की लाइट में होता है. लीला में किसी तरह के लाउडस्पीकर और माइक का प्रयोग नहीं होता लेकिन फिर भी दूर तक बैठे भक्तों को इसकी आवाज सुनाई देती हैं. अनंत चतुर्दशी से शुरू होने वाले इस खास रामलीला का मंचन पूरे 30 दिनों तक होता है.

1783 में शुरू हुई थी रामलीला
सन 1783 में काशी नरेश उदित नारायण सिंह ने इस रामलीला की शुरुआत की थी. तब से ये लीला उसी अंजाद में चल रही है, जिस तरह से शुरू हुई थी. दुनिया की ये पहली ऐसी रामलीला है जिसका मंचन पांच किलोमीटर के क्षेत्र में होता है. अलग- अलग दिन अलग-अलग जगहों पर इसका मंचन किया जाता है. खास बात ये भी है कि लीला को देखने के लिए आज भी कुर्सी और सोफे नहीं लगाए जाते फिर भी हजारों श्रद्धालु इस रामलीला का मंचन देखने के लिए यहां आते हैं.

Varanasi News Bulletin: एक्शन में BHU, सीआरपीएफ जवानों ने निकाली साइकिल रैली,जानिए दिनभर की बड़ी खबरें

Illegally vacated from BHU hostel

बीएचयू (BHU) में बढ़ते बवाल और विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन में है. अवैध रूप से विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती दिखाई है.

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1- एक्शन में BHU, अवैध रूप से सालों से हॉस्टल में जमे छात्रों से खाली कराया कमरा
बीएचयू (BHU) में बढ़ते बवाल और विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन में है. अवैध रूप से विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास से सोमवार को प्रोक्टोरियल बोर्ड और विश्वविद्यालय प्रशासन ने अफसरों ने कमरों के ताले तोड़कर अवैध रूप से रह रहे छात्रों से हॉस्टल खाली कराया. बताते चले कि शनिवार से विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की.

2- सीआरपीएफ(CRPF) के जवानों ने निकाली साइकिल रैली, देशभक्ति की सुनाएंगे दास्तान
देशभर में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ  को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में सीआरपीएफ के जवानों ने साइकिल रैली निकाली. रैली के जरिए सीआरपीएफ के जवान जगह-जगह लोगो को देशभक्ति और आजादी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के दास्तान सुनाएंगे. ताकि देश के युवा उन शहीद जवानों के बलिदान से रूबरू हो सके. वाराणसी से निकली ये यात्रा सड़क मार्ग से प्रयागराज तक जाएगी.

Pitrapaksha 2021: काशी के इस तीर्थ स्थल पर प्रेत योनि से मिलती है मुक्ति,गंगा से पहले हुआ था उद्भव

Kashi Pichash mochan Kund

भोले की नगरी काशी (Kashi) को मोक्ष का शहर कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि काशी में मृत्यु मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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भोले की नगरी काशी (Kashi) को मोक्ष का शहर कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि काशी में मृत्यु मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी काशी के एक ऐसा मोक्ष का द्वार भी है जहां प्रेत योनि के साथ ही अकाल मौत के शिकार लोगो को भी मोक्ष मिल जाता है. इसके लिए यहां विशेष अनुष्ठान होता है जो सिर्फ और सिर्फ काशी के इसी तीर्थ स्थल पर किया जाता है.

काशी के उत्तरी छोर पर अति प्राचीन पिचाश मोचन (Pichash Mochan) कुंड है.कहते है इस मोक्ष तीर्थ स्थल का उद्भव गंगा (Ganga) के धरती पर आने से पूर्व हुआ था. काशी के इस तीर्थ स्थल पर त्रिपिंडी श्राद्ध की किया जाता है. मान्यता है कि यहां त्रिपिंडी श्राद्ध से पितरों को प्रेत योनि और अकाल मौत से मरने के बाद मुक्ति मिल जाती है.

देशभर से आते हैं भक्त
यही वजह है पितृपक्ष (pitrapaksha) में यहां लोगो की भीड़ होती है. त्रिपिंडी श्राद्ध के अलावा पिंड दान के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं. देश भर में सिर्फ काशी का यही एक मात्र ऐसा तीर्थ स्थल जहां पर यह त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है, जिससे पितरों मोक्ष मिल जाता है.

प्रेत बाधा से मिलती है मुक्ति
त्रिपिंडी श्राद्ध में इस तीर्थ स्थल पर मिट्टी के तीन कलश की स्थापना की जाती है. जो शिव,विष्णु और ब्रह्मा के स्वरूप में लाल, काले और सफेद झंडों से प्रतिकमान होते हैं. सात्विक, राजस, और तामस इन तीन तरह की प्रेत बाधाएं होती है. त्रिपिंडी श्राद्ध से इन तीनों तरह की बाधाओं से पितरों को मुक्ति दिलाती है. गरुण पुराण में भी काशी के पिशाच मोचन को मोक्ष तीर्थ बताया गया है. पिचाश मोचन के तीर्थ पुरोहित मुन्ना महाराज ने बताया कि भगवान शंकर ने अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए इस कुंड में पूजा के लिए गरुण से जल देने का आदेश दिया था. यही वजह है कि यहां श्राद्ध और तर्पण से पितरों को मुक्ति मिल जाती है.

मुश्किल से साइन कर पाते थे नरेंद्र गिरि तो कैसे लिखा सुसाइड नोट? स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने उठाए सवाल

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने महंत नरेंद्र गिरि सुसाइड  उठाए सवाल

Mahant Naredra Giri Suicide Case: जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि नरेंद्र गिरि ने अपने जीवन भर में कभी चार पेज लिखा था कि नहीं इस पर भी संदेह है तो वे 6 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं.

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वाराणसी. अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि कई विवादों में घिरे रहे. अब जो बात सामने आ रही है उसमें से एक है कि उन्होंने कई पेज का सुसाइड नॉट लिखा है. जब वे मुश्किल से अपना हस्ताक्षर कर सकते थे तो सुसाइड नोट कैसे लिखा? कहीं ये हत्या की साजिश तो नहीं है, इसकी जांच जरूरी है.

जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि ने अपने जीवन भर में कभी चार पेज लिखा था कि नहीं इस पर भी संदेह है तो वे 6 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि जहां तक सुरक्षा की बात है तो महंत नरेंद्र गिरि को हाई कोर्ट के आदेश और यूपी व उत्तराखंड की सरकार द्वारा पर्याप्त सुरक्षा मिली हुई थी. उन्होंने आशंका जताई कि फंसाने के लिए किसी साजिश के तहत हत्या तो नहीं की गई. इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.

आत्महत्या नहीं कर सकते थे महंत नरेंद्र गिरि
जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि यह बात तो स्वीकार से परे है कि महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या कर सकते हैं. वह व्यक्ति आत्महत्या नहीं कर सकता था. लिहाजा ये एक गहरा षड्यंत्र हैं और किसी को फंसाने के लिए भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि मुझे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर पूरा भरोसा है कि सरकार की सुरक्षा एजेंसियां निष्पक्ष जांच करेगी. मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि वे इसकी जांच जरूर करवाएं कि सुसाइड नोट उन्होंने लिखा है कि नहीं.

BHU Entrance Exam 2021: बीएचयू यूजी व पीजी प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित, जानें कब जारी हो रहा एडमिट कार्ड

BHU Entrance Exam 2021: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यूजी एंट्रेंस टेस्ट और पीजी एंट्रेंस टेस्ट की तिथि घोषित कर दी गई है.

BHU Entrance Exam 2021: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यूजी व पीजी प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bhuet.nta.nic.in से परीक्षा कार्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं.   

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 17:01 IST
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नई दिल्ली (BHU Entrance Exam 2021).  बीएचयू यूजी व पीजी कोर्सो में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bhuet.nta.nic.in पर प्रवेश परीक्षा शेड्यूल चेक कर सकते हैं. परीक्षा 28 सितंबर 202,30 सितंबर 2021, 1 अक्टूबर 2021,3 अक्टूबर 2021 और 4 अक्टूबर 2021 को किया जाएगा. परीक्षा सीबीटी आधारित होगी. प्रवेश परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया जाएगा.

परीक्षा के लिए जल्ट ही एनटीए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी करेगा. बता दें कि पहले आवेदन की अंतिम तिथि 6 सितंबर 2021 थी, जिसे 6 दिनों के लिए आगे बढ़ाकर 12 सितंबर 2021 कर दिया गया था. यूजी एंट्रेंस टेस्ट (यूईटी)-2021 और पीजी एंट्रेंस टेस्ट (पीईटी)-2021 के लिए 14 अगस्त 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी.

यूजी व पीजी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया जाएगा. आवेदन में संशोधन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2021 थी. अभ्यर्थी परीक्षा शुल्क का भुगतान करने के लिए अभ्यर्थियों को 13 सितंबर 2021 तक का समय दिया गया था.

यहां देखें परीक्षा शेड्यूल

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Varanasi News: गंगा में नाव संचालन का पर रोक,नाविकों की बढ़ी मुश्किलें जानिए वजह

Ban on boat operation in Ganga

गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण एक महीने में दूसरी बार नाव संचालन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है.

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है. तेजी से बढ़ते गंगा (Ganga) के जलस्तर ने नाविक और पुरोहितों की मुश्किलें बढ़ा दी है. गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण एक महीने में दूसरी बार नाव संचालन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, वाराणसी में 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है.
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण घाटों की सीढ़ियां एक के बाद एक गंगा में समाहित हो रही है. वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर नित्य संध्या होने वाले विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल और कार्यालय भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है. इसके अलावा घाट किनारे दर्जनों मंदिर भी पूरी तरह गंगा के पानी में डूब गए हैं.

फिर छीन गई रोजी रोटी
नाविक मनीष सहानी ने बताया कि गंगा में उफान के कारण नाव संचालन को प्रतिबन्ध कर दिया गया है. जिससे फिर से नाविकों की रोजी रोटी छीन गई है. शम्भू सहानी ने बताया कि बीते 24 घण्टे में 6 से 8 फीट तक गंगा का जलस्तर बढ़ा है. जिससे नाविकों को खासा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

सताने लगा बाढ़ का डर
गंगा में उफान के कारण तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगो को फिर से बाढ़ का डर सताने लगा है. दूसरी तरफ बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है. प्रशासन ने जल पुलिस के साथ ही एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 65.96 मीटर दर्ज किया गया है.

Varanasi News:काशी विद्यापीठ तैयार करेगा 'पुरोहित' और 'गुरु',नए सत्र से होगी इस कोर्स की शुरुआत

Kashi Vidyapeeth will prepare purohit and guru

वाराणसी (Varanasi) का महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय अब 'पुरोहित' और 'गुरु' तैयार करेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय में कर्मकांड के पाठ पढाये जायेंगे

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वाराणसी (Varanasi) का महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय अब \’पुरोहित\’ और \’गुरु\’ तैयार करेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय में कर्मकांड की पढ़ाई होगी. इसमें स्टूडेंट्स को पूजा पद्धति से लेकर संस्कार तक शिक्षा दी जाएगी. भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ये कदम उठाया है. कर्मकांड पर आधारित इस नए कोर्स की शुरुआत नए सत्र से होगी.

न्यूज 18 से बातचीत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के सी त्यागी ने बताया कि आर्मी,पैरामिलिट्री फोर्स,पुलिस के अलावा अन्य विभागों में \’गुरुओं\’ की आवश्यकता होती है. इन विभागों को हमलोग स्किल्ड गुरु दे सके, इसके लिए विश्वविद्यालय कर्मकांड में डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत करने जा रहा है. इस कोर्स से हम लोग आर्मी और पैरामिलिट्री को स्किल्ड गुरु दे सकेंगे.

भारतीय संस्कृति का होगा प्रचार प्रसार
प्रोफेसर के सी त्यागी ने बताया कि इस काशी की पांडित्य परम्परा पर आधारित कोर्स से देशभर में भारतीय संस्कृति और कर्मकांड का प्रचार प्रसार होगा. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.

छात्रों में उत्साह का माहौल
कर्मकांड पर विश्वविद्यालय में पहली बार डिप्लोमा के इस नए कोर्स की शुरुआत होने से छात्रों में भी खुशी का माहौल है. विश्वविद्यालय के स्टूडेंट ऋषभ चतुर्वेदी ने बताया कि इस नए कोर्स की शुरुआत से भारतीय संस्कृति और पांडित्य परम्परा को हम लोग अच्छे से जान और समझ सकेंगे. राघवेंद्र ने बताया कि छात्र होने के नाते ये हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है कि काशी की संस्कृति को यहां पढ़ाया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन का ये कदम सराहनीय है.

काशी को स्मार्ट पब्लिक फैसेलिटी सेंटर की सौगात,फ्री वाई-फाई सहित मिलेगी ये सुविधाएं

Varanasi Smart Public Facility Center

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का संसदीय क्षेत्र वाराणसी अब और स्मार्ट हो गया है. पर्यटकों संग आम लोगो के सुविधा ही सुविधा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का संसदीय क्षेत्र वाराणसी अब और स्मार्ट हो गया है. पर्यटकों संग आम लोगो की सुविधा के लिए शहर में स्मार्ट सिटी योजना (Smart City Project) के तहत \’स्मार्ट पब्लिक फैसिलिटी सेंटर\’ बनाया गया है. शहर में बने इन सेंटर पर आम लोगों के बैठने के साथ ही शौचालय,स्वच्छ पानी, वाई-फाई और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधा मिलेगी. इसके लिए आम लोगो को किसी तरहः का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. वाराणसी (Varanasi) के कचहरी स्थित अम्बेडकर चौक पर एक स्मार्ट पब्लिक फैसिलिटी सेंटर तैयार हो गया है.

कचहरी पर बने इसी सेंटर के तर्ज पर वाराणसी शहर में 11 और सेंटर बनाए जाएंगे. वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पीपीपी मॉडल पर इसका निर्माण किया जा रहा है. शहर के व्यस्त इलाको में जहां लोगो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है उन जगहों पर इसका निर्माण कराया जाएगा.

सेंटर पर घर जैसा माहौल
वाराणसी के रहने वाले मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह के सेंटर आम लोगो को बेहद फायदा होगा. यहां रुक कर लोग अपनो का इंतजार भी कर सकते है. इस सेंटर में लोगो को घर जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. सेंटर पर ठहरे सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि सेंटर पर वाई-फाई,मोबाइल चार्जिंग स्टेशन और पीने का स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था है जिसका सीधा फायदा आम लोगो को मिलेगा.

Chandauli News: उपद्रवियों ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर किया पथराव, शीशा टूटने पर बाल-बाल बचे यात्री

Chandauli News: उपद्रवियों ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर किया पथराव (File photo)

Indian Railways News: इसके साथ ही ट्रेन से सफर कोच संख्या A-5 का यात्री राहुल गोगोई ने बताया कि मेरा बर्थ संख्या 38 है. लेकिन सफर के दौरान जब बर्थ संख्या 41 हमने खाली देखा तो हम वहीं बैठ गए.

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चंदौली/वाराणसी. राजेंद्र नगर से नई दिल्ली जा रही 02309 तेजस राजधानी एक्सप्रेस (Tejas Rajdhani Express) के कोच नम्बर A-5 पर रविवार देर शाम उपद्रवी तत्वों ने पथराव कर दिया. इससे बर्थ संख्‍या 41 का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. संयोग अच्छा था कि किसी यात्री को चोट नहीं लगी. घटना से यात्री दहशत में नजर आए. ट्रेन के डीडीयू जंक्शन पहुंचने पर रेलवे सुरक्षाकर्मियों की टीम ने बोगी का निरीक्षण किया. साथ ही बर्थ पर बैठे यात्री की कुशलता जानी. फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है.

बताया जा रहा है कि बिहार के बक्सर में उपद्रवी तत्वों ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया. जिससे कोच संख्या A-5 (212137/C) के बर्थ संख्या 41 का शीशा एक परत टूट गया. हालांकि उस बर्थ पर बैठे यात्री को किसी प्रकार की चोट नहीं आई. इसके साथ ही ट्रेन से सफर कोच संख्या A-5 का यात्री राहुल गोगोई ने बताया कि मेरा बर्थ संख्या 38 है. लेकिन सफर के दौरान जब बर्थ संख्या 41 हमने खाली देखा तो हम वहीं बैठ गए. वहीं यात्री ने बताया ट्रेन बक्सर स्टेशन के आसपास थी तभी किसी ने पथराव कर दिया. जिससे बर्थ संख्या 41 का शीशा टूट गया. इस दौरान डीडीयू जंक्शन से ट्रेन 22:22 पर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई.

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यह पहला मौका नहीं है जब इस इलाके में ट्रेनों पर हमला हुआ है. इससे पहले भी इस तरह के मामले प्रकाश में आये है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इंस्पेक्टर संजीव ने बताया कि मेमों के जरिये कंट्रोल सूचना मिली थी ट्रेन का एक शीशा टूटा हुआ पाया गया. जिसकी पैचिंग करा दी गयी है. जानकारी के बाद कार्रवाई की जा रही है. संजीव के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले उपद्रवी तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

UP Assembly Election 2022: ओमप्रकाश राजभर का दावा- 150 बीजेपी विधायक संपर्क में, चुनाव से पहले ज्वाइन करेंगे SBSP

वाराणसी में ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि 150 बीजेपी विधायक उनके संपर्क में हैं.

Varanasi News: राजभर ने बीजेपी को देश की सबसे बढ़ी झूठी और भ्रष्ट पार्टी बताते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए संकल्पित हैं. इतना ही नहीं राजभर ने योगी सरकार के साढ़े चार साल की उपलब्धियों को भी झूठ का पुलिंदा बताया.

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वाराणसी. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी (BJP) के 150 विधायक और नेता उनके संपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के उत्पीड़न से परेशान ये नेता चुनाव से पहले सुभासपा में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी का चुनाव में ऐसा हश्र होगा कि चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी के पास नेता ही नहीं बचेंगे. राजभर ने बीजेपी को देश की सबसे बढ़ी झूठी और भ्रष्ट पार्टी बताते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए संकल्पित हैं. इतना ही नहीं राजभर ने योगी सरकार के साढ़े चार साल की उपलब्धियों को भी झूठ का पुलिंदा बताया.

रविवार को वाराणसी के सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता करते हुए सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ‘योगी सरकार साढ़े चार साल में झूठ का विकास खूब हुआ है. पिछड़ों, दलितों और वंचितों का अधिकार व आरक्षण लूटने का काम तेजी से हुआ है. भ्रष्टाचार व बेरोजगारी का विकास हुआ है. महिला अपराध का विकास तेजी से हुआ है. ना सामाजिक न्याय समिति रिपोर्ट लागू कर पाए,ना स्नातकोत्तर तक निशुल्क शिक्षा दे पाए.’

विकास सिर्फ विज्ञापन में हुए
राजभर ने आगे कहा कि ‘महंगी शिक्षा, महंगी बिजली, महंगा राशन, महंगा पेट्रोल/डीजल, महंगा गैस सिलेंडर, सरसो तेल और दूध ने महंगाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. यही तो डबल ईंजन की सरकार में तेजी से विकास हुआ है. इतना विकास होने के बाद अगर अब्बाजान का रट लगाना पड़े तो समझ जाना चाहिए, इनके विकास सिर्फ विज्ञापन में हुए है.’

राजभर ने अखिलेश के बयान का किया समर्थन
राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने महंगाई को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी चुनौती दी. साथ ही कहा कि मनमोहन सिंह की तरह नरेंद्र मोदी को भी चूड़ियां भेंट करें। राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने बीजेपी को ठग करार दिया था. राजभर ने कहा कि बीजेपी ने राम मंदिर की जमीनों के नाम पर भी लोगों को ठगा है.

Neet Exam Solver Gang : वाराणसी पुलिस ने खंगाल ली PK की कुंडली, जानें A to Z

पुलिस दबिश की भनक लगते ही पीके अपने आवास से फरार हो गया.

Gang Leader PK : पीके का असली नाम नीलेश सिंह है. वह कमल वंश नारायण सिंह का बेटा है. बिहार के छपरा जिले के गांव सेंधवा के थाना एकमा का वह मूल निवासी है. फिलवक्त वह बीएसएनल टेलिफोन एक्सचेंज के सामने पाटलिपुत्र पटना में अपने परिवार के साथ चार मंजिला मकान में रहता है.

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वाराणसी. नीट-यूजी की परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश में पकड़ी गई बीएचयू बीडीएस की छात्रा जूली और उसकी मां बबीता के बाद हर रोज नई-नई कड़ी खुलती जा रही है. बिहार का विकास महतो, केजीएमयू के फाइनल वर्ष का छात्र ओसामा, फोटो मेकर राजू और जूली के भाई अभय को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. लेकिन अब तक पुलिस जिस शख्स का सुराग जुटाने में लगी है, वह है पीके. पीके इस पूरे साल्वर गैंग का मुखिया है और उसने अपनी पहचान कभी किसी के सामने नहीं आने दी.

यह चौंकाने वाली बात है कि इतना बड़ा हाईटेक नेटवर्क चलाने वाले पीके को किसी नहीं देखा है. वह न फोन से बात करता है और न प्लेन से सफर करता है. सफर के लिए वह ट्रेन और बस का सहारा लेता है और अपना संदेश पहुंचाने के लिए वह संबंधित गैंग के सदस्य को कोरियर करता है.

पीके ने कॉलोनी में खुद को डॉक्टर बता रखा है

लेकिन वाराणसी पुलिस ने महज दो दिन में नीलेश की पूरी कुंडली खोज ली है. इस पीके का असली नाम नीलेश सिंह है. वह कमल वंश नारायण सिंह का बेटा है. बिहार के छपरा जिले के गांव सेंधवा के थाना एकमा का वह मूल निवासी है. फिलवक्त वह बीएसएनल टेलिफोन एक्सचेंज के सामने पाटलिपुत्र पटना में अपने परिवार के साथ चार मंजिला मकान में रहता है. महंगी गाड़ियों का शौक रखने वाला नीलेश भनक लगते ही परिवार समेत वहां से फरार हो गया है. जिस कॉलोनी में नीलेश रहता है, वहां के लोगों को खुद के डॉक्टर होने की बात कह रखी है.

मूल अभ्यर्थी हिना की भी तलाश जारी

फिलहाल पुलिस पीके की तलाश में जहां एक ओर छापेमारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर त्रिपुरा पुलिस से संपर्क करके हिना बिस्वास और उसके परिवार का पता लगाने में जुटी है. हिना ही वह मूल अभ्यर्थी है, जिसके लिए फर्जी अभ्यर्थी बनकर बीएचयू की साल्वर जूली पहुंची थी. जूली बहुत होनहार लड़की है और बीएचयू में बीडीएस सेकेंड इयर की छात्रा है. पिता बिहार के पटना में सब्जी बेचते हैं लेकिन मां और भाई के लालच मे फंसकर जूली होनहार स्टूडेंट्स से साल्वर बन गई.

पूर्वांचल में कितना हुआ विकास? खुद जाकर देखेंगे CM योगी, आज से 4 जिलों का करेंगे दौरा

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज से शुरू होगा 4 जिलों का दौरा (File photo)

CM Yogi Poorvanchal Visit: यूपी में भाजपा सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से पूर्वांचल के 4 जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं. वे आज अयोध्या और वाराणसी जाएंगे, कल गाजीपुर व जौनपुर में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रीफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में वे पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे. वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैंप की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

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बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

पिछड़ों को साधने में जुटी BJP
उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछड़ों को एकजुट करने का निर्णय लिया है. जिसके बाद प्रदेश भर में सितंबर और अक्टूबर में भारतीय जनता पार्टी एक बड़े स्तर पर ओबीसी सम्मेलन करने जा रही है. जिससे कि आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से पिछड़ों की राजनीति कर बीजेपी सत्ता पर फिर से काबिज हो सके.

PM Modi Birthday: काशी में इस 'खास' तरीके से मनाया जा रहा पीएम का जन्मदिन,देखें वीडियो

PM's birthday being celebrated in this special way in Kashi

पीएम के संसदीय वाराणसी (Varanasi) में खास तरीके से बीजेपी कार्यकर्ता और आमलोग अपने सांसद का जन्मदिन मना रहे हैं. सुबह सवेरे से ही घाटों से लेकर शहर तक, हर जगह तैयारियां की गयीं हैं.

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का आज 71 वां जन्मदिन है. देशभर में पीएम मोदी का जन्मदिन (PM Modi Birthday) पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. पीएम के संसदीय वाराणसी (Varanasi) में खास तरीके से बीजेपी कार्यकर्ता और आमलोग अपने सांसद का जन्मदिन मना रहे हैं. सुबह सवेरे से ही घाटों से लेकर चौक चौराहों तक पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजन किए जा रहे हैं.

वाराणसी के अहिल्याबाई घाट पर ब्राह्मणों के अगुवाई में पीएम मोदी के दीर्घायु की कामना से विशेष पूजन का आयोजन किया गया. 71 बटुकों ने मां गंगा (Ganga) का विशेष पूजन अर्चन किया. फिर 71 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक कर बाद गंगा मईया को 71 मीटर की चुनरी चढ़ाई गई. इस दौरान शंख,डमरू और घण्टा घड़ियाल की आवाज से घाट गूंजता रहा. आयोजन में सूबे के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी शामिल रहे.

वाराणसी में विशेष उत्सव
राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी (Up Minister Nilkanth Tiwari) ने बताया कि वाराणसी में पूरे उत्साह के साथ पीएम मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है. इसी अवसर पर आज हमलोगों ने मां गंगा का षोडशोपचार विधि से पूजन अर्चन कर उनके दीर्घायु की कामना की है. शहर भर में उनके जन्मदिन के अवसर पर जगह-जगह कार्यक्रम के आयोजन हो रहे हैं.

शाम को होगा दीपोत्सव
पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुक्रवार की शाम दीपोत्सव का भी आयोजन है. वाराणसी के सिगरा स्थित भारत माता मंदिर (Bharat Mata Mandir) को 71 हजार दीपों से सजाया जाएगा.इसके अलावा गंगा आरती और अन्य जगहों पर भी दीपोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

Varanasi News: पीएम के जन्मोत्सव पर काशी में मनाया गया दीपोत्सव,71 हजार दीपों से सजा भारत माता मंदिर

Deepotsav celebrated in Kashi on the birth anniversary of PM

पीएम के संसदीय क्षेत्र काशी (Kashi) में प्रधानमंत्री के जन्मोत्सव पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया. वाराणसी के सिगरा स्थित भारत माता मंदिर (Bharat Mata Temple) को 71 हजार दीपों से सजाया गया.

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देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का आज 71 वां जन्मदिन है.पीएम के संसदीय क्षेत्र काशी (Kashi) में प्रधानमंत्री के जन्मोत्सव पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया. वाराणसी के सिगरा स्थित भारत माता मंदिर (Bharat Mata Temple) को 71 हजार दीपों से सजाया गया.

बीजेपी नेता अशोक चौरसिया ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव को पूरा काशी एक उत्सव की तरह मना रहा है. शहर भर में 71 बड़े आयोजन किए गए हैं. इसी कड़ी में भारत माता मंदिर में दीपदान कर पीएम मोदी के दीर्घायु की कामना की गई है.

पीएम के जन्मदिन पर CM योगी और डिप्टी सीएम ने दी बधाई, कहा- देश को आत्मनिर्भर बना रहे मोदी

UP: पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर CM योगी ने दी बधाई (File photo)

PM Modi Birthday: डिप्टी सीएम मौर्य ने लिखा,' एक-एक पल मां भारती की सेवा में समर्पित रहने वाले, विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता, देशवासियों के हृदय सम्राट तथा हम सभी के प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 17:25 IST
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लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का शुक्रवार को 71वां जन्मदिन है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने पीएम मोदी को बधाई दी. सीएम योगी ने कहा, अंत्योदय से आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. प्रभु श्री राम की कृपा से आपको दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो. आजीवन मां भारती की सेवा का परम सौभाग्य आपको प्राप्त होता रहे.

उधर, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी को बधाई दी है. डिप्टी सीएम मौर्य ने लिखा,’ एक-एक पल मां भारती की सेवा में समर्पित रहने वाले, विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता, देशवासियों के हृदय सम्राट तथा हम सभी के प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं.

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई

वाराणसी में लोगों ने जलाए दीए
पीएम मोदी के 71वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर वाराणसी में लोगों ने मिट्टी के दीए जलाए और 71 किलो के लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद बांटा. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा आज से सेवा एवं समर्पण अभियान शुरू कर रही है. इसके तहत भाजपा का चिकित्सा प्रकोष्ठ 17 से 20 सितंबर तक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन करेगा. युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर, जबकि अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ता गरीब बस्तियों में फल और जरूरी सामानों का वितरण करेंगे.

Varanasi News: पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज,मौसम वैज्ञानिक ने बताई ये वजह

Weather pattern changed in Purvanchal

पूर्वांचल सहित वाराणसी (Varanasi) में बीते 48 घण्टों से लगातार तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी. वाराणसी में बदले मौसम के मिजाज ने गर्मी से राहत।

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पूर्वांचल सहित वाराणसी (Varanasi) में बीते 48 घण्टों से लगातार तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी. वाराणसी में बदले मौसम के मिजाज ने गर्मी से राहत से साथ ही आम लोगो की मुश्किलें बढ़ा दी है. लगातार बारिश के कारण सड़को पर जगह-जगह जल जमाव है तो दूसरे तरफ लोग घाटों पर मस्ती भी करते दिख रहे हैं.

बीएचयू (BHU) के मौसम विभाग के प्रोफेसर डॉ मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेसर के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश दौर जारी है. आने वाले दो तीन दिनों तक  मौसम ऐसे ही बना रहेगा. रूक-रूक कर बारिश होगी.

घाटों पर मस्ती करते लोग
वाराणसी में बारिश के कारण मौसम खुशनुमा है. जिसके कारण वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों पर लोग मस्ती करते भी नजर आ रहे हैं. उधर दूसरी तरफ तेज हवाओं और बारिश के कारण बीते 3 दिनों से गंगा में नाव का संचालन भी नहीं हो रहा,जिससे नाविक भी खासा परेशान है. अस्सी घाट पर नाव संचालन करने वाले सोनू माझी ने बताया कि बारिश के कारण घाटों पर दो दिनों से पर्यटकों के आने की संख्या बेहद कम हो गई है.

Ropeway in Varanasi: प्लान तैयार,काशी को मिलेगा यूपी के सबसे बड़े रोपवे का तोहफा

Kashi will get the gift of UP's biggest ropeway

बाबा विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) की नगरी काशी (Kashi) में पर्यटक रोपवे का रोमांचक सफर कर सकेंगे. कैंट से गोदौलिया के बीच यूपी के सबसे बड़े रोपवे (Ropeway) का प्लान है

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यूपी के चित्रकूट और मिर्जापुर के बाद अब बाबा विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) की नगरी काशी (Kashi) में पर्यटक रोपवे का रोमांचक सफर कर सकेंगे. कैंट से गोदौलिया के बीच यूपी के सबसे बड़े रोपवे (Ropeway) का तोहफा जल्द ही काशी को मिलेगा. रोपवे परियोजना को योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है. सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल के नवम्बर से रोपवे निर्माण का काम भी शुरू हो जाएगा.

केंद्र सरकार की सहयोगी कम्पनी वैपकॉस ने इसका खाका तैयार किया है. यूपी के सबसे बड़े रोपवे परियोजना में करीब 400 करोड़ रूपय खर्च होंगे. गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना में चार स्टेशन बनाए जाएंगे. कैंट से मलदहिया,लहुराबीर, नई सड़क,गिरजाघर होते हुए गोदौलिया तक आएगी.

8 से 10 हजार लोग उठा सकेंगे फायदा
वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि रोपवे सिस्टम से पर्यटकों के साथ ही आम लोगों को भी लोकल ट्रांसपोर्ट के रूप में अच्छी सुविधा मिलेगी. इससे शहर के ट्रांसपोर्ट का दवाब भी कम होगा और जाम के झाम से भी लोगो को मुक्ति मिलेगी. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर प्रतिदिन 8 से 10 हजार लोग इसका फायदा उठा सकेंगे.

दूसरे चरण में खिड़कियां घाट से अस्सी तक होगा विस्तार
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले फेज में कैंट से गोदौलिया के बीच इसकी शुरुआत होगी. उसके बाद दूसरे फेज में खिड़कियां घाट से सिटी स्टेशन और अस्सी घाट (Assi Ghat) के बीच इसका विस्तार किया जाएगा. जिसके पर्यटक रोपवे के जरिए काशी के ऐतिहासिक घाटों का दीदार कर सकेंगे.

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