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सोनभद्र में PM मोदी ने किया अटल सरकार का जिक्र, कही ये बड़ी बात

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 11, 2019, 5:09 PM IST
सोनभद्र में PM मोदी ने किया अटल सरकार का जिक्र, कही ये बड़ी बात
राबर्ट्सगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी

1998 की ये ऐतिहासिक घटना बताती है कि एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति देश की सुरक्षा के लिए क्या कुछ कर सकती है.

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सोनभद्र में शनिवार को विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में हुए पोखरण परमाणु परिक्षण का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 1998 की ये ऐतिहासिक घटना बताती है कि एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति देश की सुरक्षा के लिए क्या कुछ कर सकती है. इस परीक्षण से साफ हो गया कि भारत के पास इतना बड़ा सामर्थ्य पहले से था लेकिन वाजपेयी सरकार से ठीक पहले की सरकार में वो हिम्मत नहीं थी कि ऐसा कर सके.

प्रधानमंत्री ने कहा, " ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि तब हासिल होती है, जब राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि हो. तभी आप में परमाणु परीक्षण जैसे बड़े फैसले करने की हिम्मत पैदा होती है. तभी आप अंतरिक्ष में भी मिशन शक्ति की हिम्मत दिखाते हैं. तभी आप आतंकवाद को भी मुंहतोड़ जवाब दे पाते हैं. भाजपा ने-एनडीए ने, हमेशा इसी मूलमंत्र को अपनाए रखा है. जब भी महामिलावटी सरकार होती है, तो वो राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल देती है. याद कीजिए जब थर्ड फ्रंट की महामिलावटी सरकार थी, यही समाजवादी पार्टी मंत्रिमंडल में शामिल थी, तब इन्होंने देश का क्या हाल कर दिया था."

उन्होंने कहा, "हमारे खुफिया तथा सुरक्षा तंत्र से जुड़े कई लोगों ने इस बारे में लिखा है. उन्होंने बताया है कि किस प्रकार महामिलावटी सरकार ने हमारे पूरे खुफिया तंत्र को ही कमजोर कर दिया था. इसका खामियाजा पूरे देश को लंबे समय तक भुगतना पड़ा था. दुर्भाग्य से, अटल जी की सरकार जाने के बाद, देश ने फिर ऐसी कमजोर सरकार देखी, ऐसे महामिलावटी लोगों की सरकार देखी, जिसने देश की साख को दांव पर लगा दिया. इतना भ्रष्टाचार, लाखों करोड़ों के घोटाले, आसमान छूती महंगाई, हर तरफ जैसे त्राही-त्राही मची हुई थी."

पीएम मोदी ने कहा, "21वीं सदी के इतने अहम समय में भारत के वो 10 साल बर्बाद हो गए. लेकिन आपको पता है, कांग्रेस और उसके साथियों को इसका मलाल नहीं है. उनके तो सोचने का ही तरीका है- "हुआ तो हुआ". देश घोटालों से घिर गया, देश का नाम दुनिया भर में बदनाम हुआ, लेकिन वो कहते रहे- हुआ तो हुआ. सत्ता के गलियारों पर दलालों ने कब्जा कर लिया, रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने वाले देश को आगे बढ़ाने के लिए बड़े फैसले नहीं ले पाए और कहते रहे- हुआ तो हुआ. उन्होंने देश के लोगों के साथ विश्वासघात किया, देश की उम्मीदों को तोड़ा और ताल ठोक कर कहते रहे- हुआ तो हुआ. जब राष्ट्रहित के बजाय, सिर्फ अपने परिवार का हित सर्वोपरि होता है, तो यही अहंकार, यही घमंड बोलता है- हुआ तो हुआ."

प्रधानमंत्री ने कहा, "सपा और बसपा के नेता ये नहीं बताते कि राष्ट्र के लिए उनकी नीति क्या है. वो जो भी बात करते हैं, उसमें सबसे ऊपर होता है, मोदी को गाली देना. देश को मजबूत बनाने का उनका तरीका क्या होगा, आतंकवाद से वो कैसे निपटेंगे, नामदार हों, बहन जी हों या बबुआ जी, वो आपको इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे. इन्होंने डरपोक, मजबूर सरकारें दिल्ली में चलाई हैं, जो आतंकवादियों और पाकिस्तान को जवाब ही नहीं दे सकती थीं. यही कारण है कि इनके राज में यूपी समेत पूरे देश में बम धमाके होते थे और पाकिस्तान सिर पर चढ़ा रहता था. आज आपके इस चौकीदार ने चुपचाप बैठकर मार खाने की नीति को बदल दिया है. अब भारत आतंकियों के घर में घुसकर मारता है."

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First published: May 11, 2019, 4:56 PM IST
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