वाराणसी: वीकेंड लॉकडाउन पर एक बाइक पर ऐसा क्या लिखा मिला कि कटा 6000 का चालान, जानिए

वाराणसी में वीकेंड लॉकडाउन के दौरान मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में एक बाइक का 6000 रुपए का चालान किया गया

वाराणसी में वीकेंड लॉकडाउन के दौरान मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में एक बाइक का 6000 रुपए का चालान किया गया

Varanasi News: वाराणसी में मंडुवाडीह थाने के सिपाही देवानंद और नीतीश कुमार लॉकडाउन लगने के बाद सड़क पर दुकानों और गाड़ियों की चेकिंग कर रहे थे. इसी बीच पुलिस की नजर एक ऐसी बाइक पर पड़ी...

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वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में वीकेंड लॉकडाउन (Weekend Lockdown) के बाद देर शाम जब पुलिस सड़कों पर दुकानो और वाहनों की चेकिंग कर रही थी. तभी कुछ ऐसा हुआ, जो चर्चा का केंद्र बन गया. पुलिस कांस्टेबल की नज़र एक ऐसी बाइक पर पड़ी, जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी. यही नहीं, नंबर प्लेट की जगह बनारस की देसी हंसी-मज़ाक़ की शैली में बोला जाने शब्द लिखा था. देसी भाषा में उस पर लिखा था- महालंठ. युवकों की इस हरकत पर पुलिस ने बाइक पर ₹6000 का चालान किया, जिसमें ₹1000 महालंठ लिखने के कारण.

मामला मंडुवाडीह थाने से जुड़ा हुआ है. वीकेंड लॉकडाउन  लगने के बाद पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश के आदेश पर सभी थानों की पुलिस अपने अपने इलाक़े में चेकिंग कर रही थी. मंडुवाडीह थाने के सिपाही देवानंद और नीतीश कुमार लॉकडाउन लगने के बाद सड़क पर दुकानों और गाड़ियों की चेकिंग कर रहे थे. इसी बीच पुलिस की नजर एक ऐसी बाइक पर पड़ी जिस पर नंबर प्लेट नहीं था. यही नहीं नंबर प्लेट की जगह बाइक सवार युवकों ने गाड़ी पर बनारस की देसी भाषा के अंदाज में अमर्यादित शब्द  लिखवा रखा था.

युवकों ने मांगी माफी

दोनों सिपाहियों ने युवकों से इसे लिखवाने का कारण पूछा और बाइक पर नंबर प्लेट न होने की वजह भी. लेकिन दोनों युवक बहाने बनाते रहे. कोई ठोस जवाब नहीं दे सके. जिस पर सिपाही उसे लेकर चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह चौहान के पास पहुंचे. प्रकाश सिंह चौहान ने जब दोनों युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि घर में शादी है. साथ ही नंबर प्लेट न लगाने और अमर्यादित शब्द लिखवाने के लिए माफ़ी मांगी.
इस बाइक का हुआ चालान

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वाराणसी में वीकेंड लॉकडाउन के दौरान इस बाइक का 6000 रुपए का चालान किया गया है.


5000 का नंबर प्लेट और 1000 का अमर्यादित शब्द के लिए चालान



घर में शादी होने के मानवीय पहलू के आधार पर चौकी इंचार्ज ने दोनों को नंबर प्लेट लगवाने और इस शब्द को हटवाने की सख़्त हिदायत देते हुए जाने तो दिया लेकिन चालान काटकर. पुलिस ने उनकी बाइक पर ₹6000 का चालान लगाया. इसमें ₹5000 बिना नंबर प्लेट की गाड़ी चलाने के एवज़ में और ₹1000 अमर्यादित शब्द लिखवाने के जुर्म में.
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