लाइव टीवी

शिव मंदिर का निर्माण करा भाईचारे की मिसाल पेश कर रही हैं फातिमा, जानिए पूरा मामला
Varanasi News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 20, 2020, 8:10 PM IST
शिव मंदिर का निर्माण करा भाईचारे की मिसाल पेश कर रही हैं फातिमा, जानिए पूरा मामला
वकील नूर फातिमा ने बनवाया शिव मंदिर.

वाराणसी (Varanasi) में एक मुस्लिम महिला अपने धर्म से ऊपर उठकर शिव मंदिर का निर्माण करा कर भाईचारे की मिशाल पेश कर रही है. पेश से वकील नूर फातिमा (Advocate Noor Fatima) ने शिव मंदिर बनवाया है.

  • Share this:
वाराणसी. काशी में भगवान शंकर का मंदिर सांप्रदायिक सौहार्द की इबारत लिख रहा है. जी हां, वाराणसी (Varanasi) में एक मुस्लिम महिला अपने धर्म से ऊपर उठकर शिव मंदिर का निर्माण करा कर भाईचारे की मिशाल पेश कर रही है. अगर पेश से वकील नूर फातिमा (Advocate Noor Fatima) की मानें तो भगवान शंकर ने खुद सपने में आकर उन्‍हें मंदिर स्थापित करने को कहा था.

नूर फातिमा ने इस कारण बनवाया मंदिर
सांस्कृतिक नगरी काशी को गंगा जमुनी तहजीब का शहर ऐसे ही नहीं कहा गया है. यदि यहां मुस्लिम महिलाएं भगवान राम की आरती उतारती हैं तो हिंदू भाई रमजान के रोजे रखकर प्रेम व सौहा‌र्द्र का पैगाम देते हैं. जबकि वाराणसी की निवासी नूर फातिमा भी अलग पहचान रखती हैं. पेश से वकील फातिमा मुस्लिम होने के बाद भी भगवान शंकर के मंदिर की स्थापना करा कर भाईचारे और साम्प्रदायिकता का ताना बना बुन रही हैं. नूर फातिमा की मानें तो भगवान शंकर ने सपने में आकर मंदिर निर्माण को कहा था, लेकिन जब उन्‍होंने इसे एक सपना समझ कर भूलना चाहा तो तामाम परेशानियां आने लगीं. इसके बाद उन्‍होंने धर्म से ऊपर उठ कर भोले नाथ के मंदिर का निर्माण कराया.

Shiva Temple, Varanasi, शिव मंदिर, वाराणसी
फातिमा मंदिर में पूजा करने के अलावा नमाज भी बखूबी पढ़ती हैं.




पेश से वकील हैं फातिमा
बनारस के कचहरी में फौजदारी की वकील नूर फातिमा बताती है कि जहां मैं रहती हूं वह कॉलोनी हिंदुओं की है. मैं सिर्फ यहां अकेली मुस्लिम महिला हूं. उन्‍होंने कहा कि जब मेरे पति की डेथ हुई तो मुझे सपने में बड़े बड़े मंदिर दिखते थे. हालांकि उस पर हमने कोई ध्‍यान नहीं दिया कि ये स्वप्न क्यों रहे हैं. इसके बाद हमारी कॉलोनी में बहुत सारे एक्सीडेंट हुए जिसमें काफी लोगों की मौत हो गई. फिर मैंने इस मंदिर का निर्माण करवाया और फिर सबकुछ ठीक हो गया. उन्‍होंने कहा कि 2004 में मैंने यह मंदिर बनवाया है, जिसमें सिर्फ तीन महीने लगे थे. हालांकि वह कहती हैं कि यह मंदिर मैंने नहीं बल्कि ऊपर वाले ने बनवाया है. नूर फातिमा ने कहा कि यदि हिंदू-मुसलमान मिलकर रहेंगे तो देश का विकास होगा.आपको बता दें कि फातिमा मंदिर में पूजा करने के अलावा नमाज भी बखूबी पढ़ती हैं.

(रिपोर्ट-अनुज सिंह)

 

ये भी पढ़ें-HOLI से पहले हो सकता है जेपी नड्डा की नई टीम का ऐलान,रेस में हैं UP के ये नेता



बरेली कोर्ट में बंधक बनाकर लॉ छात्रा से रेप, आरोपी की चप्‍पलों से हुई पिटाई

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए वाराणसी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 20, 2020, 8:10 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर