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Sheroes Cafe की तर्ज पर वाराणसी में खुलेगा एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए 'The Orange Cafe'

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 16, 2020, 10:39 PM IST
Sheroes Cafe की तर्ज पर वाराणसी में खुलेगा एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए 'The Orange Cafe'
वाराणसी में एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए 'The Orange cafe'

धर्मनगरी वाराणसी में लखनऊ और आगरा के शीरोज कैफे (sheroes cafe) की तर्ज पर पहला ऐसा रेस्टोरेंट खोला जा रहा है जिसकी मालिक खुद एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं और लड़कियां होंगी. वाराणसी के लोग इसे Chhapak Movie Effect के तौर पर भी देख रहे हैं

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अनुज सिंह


वाराणसी. एसिड अटैक (Acid attack) का दर्द शायद वही समझ सकता है जो इस दर्द से गुजर रहा हो और इसी दर्द को बयां करने के लिए इन दिनों रुपहले पर्दे पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की 'छपाक' (Chhapak) मूवी सिनेमाघरों में दिखाई जा रही है जिसमें एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी की जिंदगी के संघर्षों को दिखाया गया. स्क्रीन के सामने आने के बाद बहुत सी एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं और लड़कियां भी सामने आ रही हैं और लोग भी उनसे जुड़ कर उनकी मदद को आगे आ रहे हैं.

रेड ब्रिगेड के प्रयास से 'The Orange Cafe'

ऐसे में एक अनोखा प्रयास धर्मनगरी वाराणसी में होने जा रहा है जहां लखनऊ (Lucknow) और आगरा (Agra) के शीरोज कैफे (sheroes cafe) की तर्ज पर वाराणसी में पहला ऐसा रेस्टोरेंट खोला जा रहा है जिसकी मालिक खुद एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं और लड़कियां होंगी. 'द ऑरेंज कैफे' (The Orange Cafe) नाम से संचालित होने वाले इस रेस्टोरेंट की शुरुआत शहर के दुर्गा कुंड इलाके में होने जा रही है. रेस्टोरेंट को किराए पर लेकर सेवापुरी के रहने वाले अजय कुमार पटेल इस रेस्टोरेंट को खोलने जा रहे हैं.

The orange cafe, varansi
वाराणसी में खुलेगा The orange cafe


रेड ब्रिगेड के संस्थापक अजय ने लगभग 2 साल तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर ऐसी पीड़ित महिलाओं को खोजा जिनमें से 4 महिलाएं अपनी जिंदगी बदलने के लिए दूसरे शहर में जाने को भी तैयार थी इनमें से जौनपुर की रेखा देवी, बरेली की सोमवती, रायबरेली की विमला देवी और वाराणसी की बादाम देवी अपने पैरों पर खड़ा होने का जज्‍बा लिए इस रेस्टोरेंट को खोलने के लिए खुद आगे आई हैं. फिलहाल इन 4 महिलाओं को लेकर अजय अपनी सहयोगी की मदद से इस रेस्टोरेंट को तैयार कर इन्हें ट्रेनिंग दे रहे हैं. ताकि रेस्टोरेंट में खाना बनाने से लेकर उसे सर्व करने और बिल बनाने से लेकर कस्टमर डील करने तक का काम यह महिलाएं खुद कर सके.शुरू में चार महीन तक संस्‍थाएं निजी खर्चे के लिए पीड़िताओं को कुछ धनराशि भी देंगी. इसके बाद इसकी इनकम से होने वाली प्रॉफिट चारों महिलाओं के हिस्‍से में आएगी. वही एसिड अटैक का शिकार हुई सोमवती देवी का कहना है कि अब उनकी जिंदगी पटरी पर आएगी. 3 साल पहले उनके पड़ोसी के द्वारा एसिड अटैक किया गया था जिसके बाद जिंदगी उनकी थम गई थी लेकिन अब पूरा विश्वास है कि रेस्टुरेंट का मालिक बनने के बाद उसकी जिंदगी संवर जाएगी और वह अपने 10 साल के बच्चे का भी पालन पोषण कर सकेगी. आपको बता दें कि एसिड पीड़ित महिला कहीं न कहीं सामाजिक कारणों से घर में कैद होकर रह जाती हैं ऐसे में काशी का ये रेस्टोरेंट उन महिलाओं के जीवन सुधार का एक बड़ा कारण बन सकता है.

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First published: January 16, 2020, 10:01 PM IST
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