किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर ने भी किया चंपत राय का समर्थन, कहा- राम की चौखट सबके लिए खुली
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किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर ने भी किया चंपत राय का समर्थन, कहा- राम की चौखट सबके लिए खुली
कंगना और उद्धव के बीच चल रहे टकराव पर उनका कहना था कि यह पॉलिटिकल प्रश्न है. मैं इस ओर नहीं जाना चाहती.

अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और उद्धव के बीच चल रहे टकराव पर किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का कहना था कि यह पॉलिटिकल प्रश्न है. मैं इस ओर नहीं जाना चाहती. लेकिन बस मैं इतना कहना चाहती हूं कि रामलला के द्वार पर आने से किसी को कोई नहीं रोक सकता है.

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वाराणसी. अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के ऊपर महाराष्ट्र में बीएमसी (BMC) की कार्रवाई के बाद देश में कई स्थानों पर लोगों ने अपना गुस्सा व्यक्त किया. लेकिन मामले ने तूल तब और पकड़ा जब अयोध्या (Ayodhya) के संतों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) को अयोध्या में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया. ऐलान किया कि उद्धव ठाकरे को अयोध्या में प्रवेश नही दिया जाएगा. अब इस मामले में राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय द्वारा उद्धव ठाकरे के समर्थन में दिया गया बयान  और इस बयान का किन्नर अखाड़े द्वारा किया गया समर्थन चर्चा का विषय बना हुआ है.

राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने उद्धव ठाकरे के समर्थन में कहा कि "किसने अपनी माँ का दूध पिया है जो उद्धव ठाकरे को अयोध्या में आने रोक सके" इस बयान का किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने समर्थन किया.





पिंड दान और तर्पण
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी आज वाराणसी अपने अखाड़े के अन्य सदस्यों से मिलने पहुंची थीं. उन्होंने अपने पितरों और कोरोना काल में मृत लोगो के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध और तर्पण किया. इस दौरान लगभग एक दर्जन से अधिक किन्नर समुदाय के लोग मौजूद थे.

राम की चौखट सबके लिए खुली है
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने जहां श्राद्ध कर्म को किन्नरों के लिए आवश्यक बताया तो वहीं अयोध्या में उद्धव ठाकरे के प्रवेश पर प्रतिबन्ध के बारे में भी खुलकर बोला. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को जो सत्य सनातन धर्म का है उसे राम के दरबार में मेरे राम लला की भूमि पर जाने से कोई नहीं रोक सकता है. जो लोग ऐसा कर रहे हैं वह गलत कर रहे हैं. जो लोग ऐसा बोल रहे हैं वह भी गलत बोल रहे हैं. मैं मानती हूं कि राजनैतिक डिफरेंस हो सकते हैं. राजनीति में एक दूसरे से टकराव हो सकता है. लेकिन धर्म और धर्म की विधि और राम की भूमि के साथ राम की चौखट सबके लिए खुली हुई है.

राजनीति पर नो कमेंट
कंगना और उद्धव के बीच चल रहे टकराव पर उनका कहना था कि यह पॉलिटिकल प्रश्न है. मैं इस ओर नहीं जाना चाहती. लेकिन बस मैं इतना कहना चाहती हूं कि रामलला के द्वार पर आने से किसी को कोई नहीं रोक सकता है. चाहें वह उद्धव ठाकरे हों चाहें लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हों, चाहें मेरे अखाड़े का कोई किन्नर हो या दलित समुदाय के अलावा सवर्ण समुदाय का कोई भी व्यक्ति हो. प्रभु राम के दरवाजे सबके लिए बराबर हैं, और मुझे लगता है इस पर विवाद किसी तरह का नहीं होना चाहिए.
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