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खास तेवरों के लिए सुर्खियों में रहती हैं अनुप्रिया पटेल, मिर्जापुर सीट पर लगी प्रतिष्ठा

News18Hindi
Updated: May 14, 2019, 11:46 AM IST
खास तेवरों के लिए सुर्खियों में रहती हैं अनुप्रिया पटेल, मिर्जापुर सीट पर लगी प्रतिष्ठा
मंत्री अनुप्रिया पटेल

हालांकि बीच में पारिवारिक विवाद की खबरें आई थीं जिसके बाद अनुप्रिया की मां ने दूसरी पार्टी बना ली. लेकिन पटेल वोटरों में अब भी अनुप्रिया का दखल ज्यादा माना जाता है.

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मिर्जापुर सीट से अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की पहचान उनके खास तेवरों वाले भाषणों के लिए होता हैं. कई बार उनके भाषणों की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी में 71 सीटें जीती थीं, और उसकी सहयोगी अपना दल ने 2 सीटों पर कामयाबी पाई थी. 2016 में अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में जगह दी गई. मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा संसदीय सीटों में से एक है जिसकी अपनी ही राजनीतिक महत्ता है. यहां से अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया सिंह पटेल सांसद हैं.

हालांकि बीच में पारिवारिक विवाद की खबरें आई थीं जिसके बाद अनुप्रिया की मां ने दूसरी पार्टी बना ली. लेकिन पटेल वोटरों में अब भी अनुप्रिया का दखल ज्यादा माना जाता है. सांसद बनने से पहले अनुप्रिया ने 2012 में रोहनिया से विधायक का चुनाव जीता था. अंतिम चरण की जिन 13 सीटों में से 2 सीट अपना दल (सोनेलाल पटेल) के पास है. ये इलाका पटेल वोट बैंक वाला है. ऐसे में अनुप्रिया के जिम्मे भी पटेल वोट बैंक को बीजेपी में ट्रांसफर कराने की बड़ी जिम्मेदारी है.

प्रचार करती अनुप्रिया पटेल


बीते दिनों चुनाव प्रचार के दौरान मोदी सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपनी गायकी के कारण सुर्खियों में रही. उनकी गायिकी का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेज से वायरल हो रहा है. जहां अपने जन्मदिन के मौके पर जगजीत सिंह की गजल 'होश वालों को खबर, क्या बेखुदी क्या चीज है' गाती नजर आ रही हैं. अपने जन्मदिन के मौके पर जगजीत सिंह की गजल सुनाकर उन्होंने लोगों की खूब तालियां बटोरीं. वहीं यूपी में भाजपा भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम को ही पर्याप्त मान रही है फिर भी उसने सहयोगी अपना दल (अनुप्रिया पटेल गुट) को दो सीटें दी हैं और एक सीट पर उसके विधायक को भाजपा अपने चुनाव चिह्न पर लड़ा रही है.

अपना दल को जोड़े रखने की भाजपा की ललक इसलिए है क्योंकि प्रदेश की कई लोकसभा सीटों पर बड़ी संख्या में मौजूद कुर्मी बिरादरी के वोटों की उसे जरूरत है, जो अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल से प्रभावित बताए जाते हैं. भाजपा ने अगर अनुप्रिया के नेतृत्व वाले 'अपना दल' से हाथ मिलाया तो कांग्रेस ने उनकी मां कृष्णा पटेल वाले गुट के साथ तालमेल कर उसे दो सीटें दी.

मोदी सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल


चुनावी समीकरण
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इस लोकसभा क्षेत्र में छानबे, मिर्जापुर, मंझावन, चुनार और मड़िहान विधानसभाएं हैं. 2001 की जनगणना के मुताबिक मिर्जापुर की आबादी 24,96,970 लाख रही, जिसमें पुरुषों 13.1 लाख महिला 11.8 लाख थीं. इस लोकसभा क्षेत्र में निषाद और पटेल जातियों का प्रभाव माना जाता है. इससे सवर्ण वोटरों की भी यहां निर्णायक भूमिक है.

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First published: May 14, 2019, 11:45 AM IST
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