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वाराणसी में जल्द मिलेगी 'मॉलिक्यूलर टेस्ट' की सुविधा, कैंसर मरीजों को सैंपल नहीं भेजने होंगे मुंबई

UP: वाराणसी में जल्द मिलेगी 'मॉलीक्यूलर टेस्ट' की सुविधा

UP: वाराणसी में जल्द मिलेगी 'मॉलीक्यूलर टेस्ट' की सुविधा

Varanasi News: इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री टेस्ट के जरिए कैंसर की कई गांठ का पता लगाया जाता है. कई बार इस टेस्ट के जरिए भी जब बीमारी का पता नहीं चलता है तो फिर मॉलिक्यूलर टेस्ट की जरूरत पड़ती है जो कैंसर की गांठ में मर्ज की पुष्टि करने में सहायक होती है.

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वाराणसी. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से काशीवासियों के लिए राहत भरी खबर सोमवार को सामने आई है. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (एमपीएमएसीसी) एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल (एचबीसीएच) में जल्द ही कैंसर मरीजों को मॉलिक्यूलर टेस्ट की सुविधा मिल सकेगी. यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों का सैंपल मुंबई नहीं भेजना पड़ेगा, जिससे टेस्ट के परिणाम में लगने वाला समय कम होगा. साथ ही मरीज का इलाज भी जल्द शुरू हो सकेगा. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल के साथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के बीच एक करार हुआ है, जिसके बाद भाभा कैंसर अस्पताल में जल्दी मरीजों को मॉलिक्यूलर टेस्ट की सुविधा मिल पाएगी.

अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक अब तक हर महीने 30 के करीब सैंपल मुंबई भेजे जाते थे जिसमें वक्त भी लगता था और मरीजों को भी असुविधा होती थी. अब बनारस में इसकी सुविधा हो जाने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू हो पाएगा. आईओसीएल इसके लिए सीएसआर फंड से 1.90 करोड रुपए देगा जिससे हॉस्पिटल में मॉलिक्युलर पैथोलॉजी लैब बनाई जाएगी. यही नहीं इस फंड से बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, रेडिएशन और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी. साथ ही रिसर्च कार्यों में भी मदद मिलेगी.

क्या होता है मॉलिक्यूलर टेस्ट
इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री टेस्ट के जरिए कैंसर की कई गांठ का पता लगाया जाता है. कई बार इस टेस्ट के जरिए भी जब बीमारी का पता नहीं चलता है तो फिर मॉलिक्यूलर टेस्ट की जरूरत पड़ती है जो कैंसर की गांठ में मर्ज की पुष्टि करने में सहायक होती है. इस सुविधा के बाद ना केवल बनारस बल्कि पूर्वांचल समेत बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बंगाल के मरीजों को भी बड़ी सुविधा होगी. अस्पताल के निदेशक डॉ सत्यजीत प्रधान ने कहा कि पूर्वांचल और इससे सटे हुए दूसरे राज्यों के मरीजों को इलाज में अब राहत मिलेगी. इस टेस्ट की सुविधा बनारस में मिल जाने से समय की बचत के साथ मरीजों को सही समय पर उपचार भी मिल सकेगा.

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