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Navratri 2022:-वाराणसी में नवरात्र में यहां करें दर्शन, पूरी होगी हर मान्यता.

Navratri 2022:-वाराणसी में नवरात्र में यहां करें दर्शन, पूरी होगी हर मान्यता.

शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि (Navratri) का आगाज हो गया है.नवरात्रि के पहले दिन हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजने वाली काशी (Kashi) में हर ओर देवी मां के जयकारे गूंज रहे हैं.शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है.धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक,नवरात्रि के

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    रिपोर्ट-अभिषेक जायसवाल-वाराणसी

    वाराणसी:-शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि (Navratri) का आगाज हो गया है.नवरात्रि के पहले दिन हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजने वाली काशी (Kashi) में हर ओर देवी मां के जयकारे गूंज रहे हैं.शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है.धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक,नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री (Shailputri Devi) के दर्शन का विधान है.धर्म नगरी काशी के अलईपुर में देवी का प्राचीन मंदिर है.सुबह से ही मन्दिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है.बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच शीश नवाकर देवी से घर परिवार के सलामती की मनोकामनाएं मांग रहे हैं.मान्यता है कि माता शैलपुत्री देवी के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती है इसके साथ ही सुहागिन महिलाएं पति के लम्बी आयु की कामना से दर्शन करती है और उन्हें लाल फूल,कुमकुम और नारियल अर्पित करती हैं, इससे देवी प्रसन्न होकर उन्हें सौभाग्वती का वरदान देती हैं.

    ये है मान्यता
    मंदिर के पुजारी गजेंद्र गोस्वामी ने बताया कि माता शैलपुत्री हिमवान की पुत्री हैं.बाबा भोलेनाथ से नाराज होकर मां कैलाश छोड़कर काशी आ कर और यहां विराजमान हो गई थीं.नाराज देवी को मनाने के लिए खुद भगवान शंकर भी वाराणसी आये और काशी को अपना निवास स्थान बनाया.वाराणसी में स्थित देवी का ये मंदिर अति प्राचीन है और यहां देवी को श्रृंगार का सामान चढ़ाया जाता है.तीनों पहर की आरती कर आज भी इस परंपरा का निर्वहन होता है.

    Tags: Varanasi news

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