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काशी के इस मंदिर में लगी बलात्कारियों के प्रवेश पर रोक, लगाए गए पोस्टर

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 11, 2019, 7:07 PM IST
काशी के इस मंदिर में लगी बलात्कारियों के प्रवेश पर रोक, लगाए गए पोस्टर
उत्तर प्रदेश के काशी में एक मंदिर में पोस्टर लगाकर बलात्कारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.

वाराणसी (Varanasi) के कालिका गली स्थित कालरात्रि मंदिर में दुराचारियों के साथ ही बेटियों का सम्मान न करने वाले और बेटियों के जन्म पर दुखी होने वालों के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध (Entry Ban) लग गया है. इसके लिए बाकायदा मंदिर के मुख्य द्वार के साथ ही गर्भगृह सहित अन्य जगहों पर पोस्टर भी चस्पा किये गए हैं.

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वाराणसी. धर्म की नगरी काशी (Kashi) में अब बलात्कारियों (Rapists) के लिए देवी मंदिरों का द्वार बन्द हो गया है. एक सामाजिक संस्था ने इसके लिए मुहिम शुरू की है. जिसके तहत बुधवार को वाराणसी (Varanasi) के कालिका गली स्थित कालरात्रि मंदिर में दुराचारियों के साथ ही बेटियों का सम्मान न करने वाले और बेटियों के जन्म पर दुखी होने वालों के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध (Entry Ban) लग गया है. इसके लिए बाकायदा मंदिर के मुख्य द्वार के साथ ही गर्भगृह सहित अन्य जगहों पर पोस्टर भी चस्पा किये गए हैं.

मंदिर में लगे इन पोस्टरों में बेटियों का सम्मान न करने वालों, बेटियों के जन्म पर दुखी होने वाले और दुराचारियों का मंदिर में प्रवेश निषेध बताया गया है. स्थानीय नागरिकों के साथ मंदिर के पुजारी समेत दर्शनार्थियों ने कालरात्रि मन्दिर में पोस्टर लगाकर दुराचारियों और बेटियों के जन्म से दुखी होने वाले लोगों को मन्दिर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की इस मुहिम की शुरुआत की है. शहर के अन्य देवी मंदिरों पर भी ऐसे पोस्टर लगाकर बनारस के सभी मंदिरों में ऐसे लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का अभियान चलाने की तैयारी है.

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मंदिर के द्वार और गर्भगृह में ये पोस्टर लगाए गए हैं.


इस संबंध में मंदिर के पुजारी श्रीनाथ तिवारी कहते हैं कि सब जगह बच्चियों के साथ अनर्थ हो रहा है, जिससे मन व्यथित हो गया है. यही कारण है कि हमारे मंदिर में ऐसे लोग प्रवेश न करें, जिनके मन में दुर्भावना हो.

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मंदिर के पुजारी श्रीनाथ तिवारी कहते हैं कि सब जगह बच्चियों के साथ अनर्थ हो रहा है, जिससे मन व्यथित हो गया है.


और भी देवी मंदिरों में लगेंगे पोस्टर

वहीं स्थानीय नागरिक संतोष ओझा कहते हैं इस तरह की घटननाओं से लोगों का मन व्यथित है. उन्होंने कहा कि इस पोस्टर का लक्ष्य ये है कि दुराचारियों के साथ ही बेटियों का सम्मान न करने वाले और बेटियों के जन्म पर दुखी होने वालों के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए. ये समाज में संदेश देने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि आगे भी देवी मंदिरों में इस तरह का पोस्टर लगाकर ऐसे लोगों का प्रवेश पर हम रोक लगाएं.ये भी पढ़ें:

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First published: December 11, 2019, 6:41 PM IST
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