विश्वनाथ मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने वाले फैसले पर धर्मार्थ कार्य मंत्री का यू टर्न, कही ये बात
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विश्वनाथ मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने वाले फैसले पर धर्मार्थ कार्य मंत्री का यू टर्न, कही ये बात
काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.

रविवार को धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी (Neelkanth Tiwari) की अध्यक्षता में विश्वनाथ मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला लिया गया था.

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वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में स्पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड (Dress Code) लागू करने के फैसले से धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी (Neelkanth Tiwari) पीछे हट गए हैं. न्यूज18 पर खबर दिखाए जाने के बाद धर्मार्थ कार्य मंत्री बैकफुट पर आ गए. तिवारी ने ट्वीट कर कहा, ''काशी विश्वनाथ मंदिर मे अभी कोई ड्रेस कोड नहीं लागू है और न लागू करने की योजना है! विद्वानों ने सुझाव दिया है, ड्रेस कोड का कोई निर्णय नहीं लिया गया है!.''

इससे बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए स्पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड (Dress Code) लागू करने का फैसला लिया गया था. जिसमें पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य करने की बात कही गई थी. रविवार को धर्मार्थ कार्यमंत्री नीलकंठ तिवारी की अध्यक्षता में मंदिर प्रशासन और काशी विद्वत परिषद के सदस्यों की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था. हालांकि वाराणसी के कमिश्वर ने ड्रेस कोड की बात का खंडन किया था.


स्पर्श दर्शन की टाइमिंग बढ़ाए जाने की कही थी बात
रविवार को हुई बैठक में स्पर्श दर्शन की टाइमिंग को बढ़ाने पर भी सहमति बनी थी. अब बाबा के स्पर्श दर्शन सुबह भोग आरती से पहले 11 बजे तक किए जा सकेंगे.



पुरोहित प्रशिक्षण केंद्र भी खुलेगा
बैठक के बाद धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बताया था कि विश्वनाथ धाम में पुरोहित प्रशिक्षण केंद्र भी खोलने की योजना है. इस केंद्र में कर्मकांड के साथ ही इंग्लिश व कंप्यूटर के तीन-तीन महीने का कोर्स भी चलाया जाएगा.

वाराणसी के कमिश्वर ने किया था खंडन
वहीं वाराणसी के कमिश्वर दीपक अग्रवाल ने इस खबर का पूरी तरह खंडन करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में ड्रेस कोट की बात पूरी तरह गलत है, अफवाह है. ऐसा कोई विचार नहीं है. जिन जगहों पर ये समाचार चल रहे हैं, वे पूरी तरह असत्य हैं.
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