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BHU में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी, 17 दिन पेड़ के नीचे स्ट्रेचर पर लेटा रहा मरीज

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 8, 2019, 3:14 PM IST
BHU में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी, 17 दिन पेड़ के नीचे स्ट्रेचर पर लेटा रहा मरीज
17 दिन पेड़ के नीचे स्ट्रेचर पर लेटा रहा मरीज

दरअसल बिहार के औरंगाबाद ब्लाक कालोनी निवासी (74) वर्ष के बुजुर्ग महेंद्र सिंह की करुण दास्तान है. 20 अक्टूबर को इलाज के लिए बेटे व बहू संग बीएचयू अस्पताल पहुंचे महेंद्र को उम्मीद थी कि परेशानी दूर होगी.

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वाराणसी. जूनियर डॉक्टरों से मारपीट के विरोध में बीएचयू (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल (SSL Hospital) और ट्रामा सेंटर (Trauma Centre) के रेजिडेंट डॉक्टरों (Resident Doctors) की हड़ताल (Strike) शुक्रवार को भी जारी रही. हड़ताल के कारण  बीएचयू परिसर में एक मरीज पिछले 17 दिन से ओपीडी के बाहर खुले आसमान के नीचे स्ट्रेचर पर लेटा हुआ था. खाने-पीना व नित्य क्रिया भी उसी पर होती है. न्यूज18 की खबर दिखाने के बाद डाॅ. वीएन मिश्रा समेत सीनियर डाक्टरों ने मौके पर पहुंचकर मरीज का इलाज शुरु कर दिया है. वहीं डाॅ. वीएन मिश्रा के मुताबिक मरीज को वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है.

बिहार के रहने वाले मरीज की दास्तान

दरअसल बिहार के औरंगाबाद ब्लाक कालोनी निवासी (74) वर्ष के बुजुर्ग महेंद्र सिंह की करुण दास्तान है. 20 अक्टूबर को इलाज के लिए बेटे व बहू संग बीएचयू अस्पताल पहुंचे महेंद्र को उम्मीद थी कि परेशानी दूर होगी, मगर हुआ इसके ठीक विपरीत. पिछले 17 दिन से महेंद्र ओपीडी के बाहर खुले आसमान के नीचे स्ट्रेचर पर हैं. खाने-पीना व नित्य क्रिया भी उसी पर होती है.

बेड खाली न होने का हवाला 

बेटे अभिमन्यु के मुताबिक उन्हें दस दिन पूर्व जिरियाट्रिक वार्ड ले जाया गया था, लेकिन बेड खाली न होने का हवाला देकर लौटा दिया गया. इसके बाद बारी-बारी से कई ओपीडी में चिकित्सकों से संपर्क किया गया, लेकिन किसी ने भी भर्ती करने की जहमत नहीं उठाई. हालांकि, पेट में अधिक तकलीफ होने पर गैस्ट्रोलाजी विभाग के चिकित्सक ने कुछ दवा दी थी, जिससे आराम मिला.

हड़ताल के कारण बीएचयू अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई

बता दें कि दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा दिक्कत बिहार से घंटों का सफर तय करके आने वाले मरीजों को हो रही है. बता दें कि दूसरे दिन कई मरीज ओपीडी के बाहर बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे. इस पूरे मामले में शाम होते होते ये खबर आ रही है कि 72 घंटे के भीतर मांगें पूरी न होने पर रेजिडेंटों ने इमरजेंसी सेवाओं को भी ठप करने की चेतावनी दी है. डॉक्टर्स लाउंज में बैठक कर रेजिडेंटों ने अस्पताल प्रशासन द्वारा अब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर नाराजगी जताई. चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे में मांगें नहीं मानी गईं तो इमरजेंसी सेवा भी ठप कर देंगे.
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First published: November 8, 2019, 3:10 PM IST
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